# GET RICH NOW - 4 Sectors to Buy US-Iran Ceasefire ? #capiyushbafna #stockmarket #businesscasestudy

## Метаданные

- **Канал:** CA Piyush Bafna
- **YouTube:** https://www.youtube.com/watch?v=gapnk9gBFbA
- **Дата:** 19.04.2026
- **Длительность:** 8:02
- **Просмотры:** 206

## Описание

Welcome to CA Piyush Bafna – your trusted source for mastering personal finance, business insights, and achieving financial freedom !
 
I am a Chartered Accountant with over 10 years of experience with large Corporates. My goal is to help you navigate through the complexities of money management and make informed decisions that bring you closer to financial independence, one step at a time.

On this channel, you’ll discover:

Practical tips on budgeting, saving, and investing.
Deep dives into how businesses become successful and the strategies they use to grow.
Actionable advice on personal finance to help you achieve your financial goals.
Simplified breakdowns of economic trends and how they impact your finances.
Whether you're looking to improve your personal finances, understand of business, or take control of your financial future, my mission is to empower you with knowledge that will guide you towards financial freedom. All videos are made with original commentary and voice over.

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The Iran-US Deal जो आपको बहुत अमीर बनाएगी ? #capiyushbafna #stockmarket #businesscasestudy

## Содержание

### [0:00](https://www.youtube.com/watch?v=gapnk9gBFbA) Segment 1 (00:00 - 05:00)

नमस्ते एंड वेलकम बैक। मैं हूं सीए पीयूष भाना एंड हम लोग आज डिस्कस करने वाले हैं जो रिसेंटली ईरान एंड यूएस के बीच में सीज़ फायर डिक्लेअर हुआ है। इससे मनी मेकिंग अपॉर्चुनिटी कैसे हम लोग ग्रैब कर सकते हैं। देखो हिस्ट्री में हमेशा जब भी ऐसी सिचुएशन बनी है उस टाइम पे वॉर के टाइम पे बहुत तेजी से स्टॉक प्राइसेस गिरे हैं। एंड जैसे ही सीज फायर होता है तो प्राइस वापस से बहुत तेजी से बढ़े हैं। अभी करेंटली यही अपॉर्चुनिटी आप सबके पास एंड मेरे पास अवेलेबल है। ये जो कॉन्फ्लिक्ट था इसको यूएस ने नाम दिया था एपिक फ्यूरी एंड ये ऑलमोस्ट 38 डेज के लिए चला था। वैसे हम लोगों ने कॉन्स्टेंट क्लेम्स देखे थे ट्रंप की तरफ से कि हम लोग ऑलरेडी विक्टोरियस हैं। हम लोगों को जो भी ऑब्जेक्टिव थे सारे अकंप्लिश हो गए हैं। अब हम लोगों को यह ध्यान में रखना है कि उनके ऑब्जेक्टिव्स अचीव हो या नहीं हो। हम लोगों के ऑब्जेक्टिव्स अचीव होने चाहिए। इस सबके चलते हुआ यह है कि ट्रंप ने सारी की सारी कंट्रीज को किसी ना किसी तरीके के प्रॉब्लम में डाल दिया है। एंड यहां पे हम लोगों को हमारे लॉजिक्स को यूज़ करना है। पैनिकिक नहीं होना है। फालतू में अच्छे स्टॉक्स को बेचना नहीं है। बहुत डिसाइसिवली डिसीजंस लेने हैं कि क्या इस पर्टिकुलर टाइम पे हम लोगों को माल को बेचना है या माल को और भी ज्यादा एक्यूमुलेट करना है। एंड यह डिसीजन लेने के लिए आपकी हेल्प करने के लिए मैं यह पर्टिकुलर वीडियो बना रहा हूं। यहां पे हम लोग यह देखेंगे कि स्मार्ट मनी ऑपरेट कैसे करता है एंड यहां पे फंड कैसा मूव हो रहा है। एंड कौन से ऐसे सेक्टर हैं जो इस वॉर के चलते अट्रैक्टिव वैल्यू्यूएशन पर जाकर बैठ चुके हैं। हम लोग इस वीडियो में और आगे बढ़े इसके पहले एक डिस्क्लेमर मैं सेबी रजिस्टर्ड एनालिस्ट नहीं हूं। इस वीडियो में जो भी बोला गया है, यह मेरा पर्सनल ओपिनियन है। आपको अपने हार्ड अर्न मनी के लिए खुद को रिसर्च करना चाहिए। मैं मेरे पॉइंट ऑफ व्यूज अब प्रेजेंट करता हूं। किसी भी चीज को देखने के लिए हम लोगों को पहले एक मैक लेवल पे देखना बहुत जरूरी है। अगर आप इंडिया को देखो अच्छे से तो यहां पे ऑलमोस्ट 85% ऑइल हम लोग इंपोर्ट करते हैं। एंड उसमें से बहुत मेजर पोर्शन स्टेट ऑफ हार्मोस के थ्रू रूट होता था। अब वॉर के टाइम पे हुआ ये कि ये पर्टिकुलर पॉइंट बन गया हम लोगों के लिए चोक पॉइंट एंड बात यहीं पे नहीं रुकती है दो ये आगे जाके रिजॉल्व हुआ ऐसा हम लोगों को पता है लेकिन क्या इसकी वजह से ऑयल इंपोर्ट इंपैक्ट नहीं हुए होंगे 100% कहीं ना कोई कुछ ना कुछ क्वांटिटी में ऑइल पर इंपैक्ट आया है एंड एक ऐसी कंट्री जिसका 85% ऑइल इंपोर्ट होता है उसके लिए यह एक बहुत ही डिजास्टरस मूव हो सकता है। इसी के साथ-साथ हुआ क्या है कि डॉलर भी बहुत तेजी से बढ़ा है। अब इसके वजह से जो हम लोगों की इंपोर्ट लायबिलिटी है वो बहुत तेजी से स्काई रॉकेट हुई है। एंड इसका इंपैक्ट आने वाले टाइम पे आपको दिखेगा जब इनफ्लेशन बढ़ जाएगा एंड आरबीआई रेट कट शायद नहीं कर पाए। अब यहीं से पैनिकिक का सिचुएशन जनरेट होता है एंड मार्केट में बहुत तेजी से क्रैश देखा जाता है। जब भी पैनिकिक की सिचुएशन होती है ना रिटेल इन्वेस्टर्स को हम लोगों ने देखा है कि वो सबसे पहले एग्जिट करने की कोशिश करते हैं एंड वो एग्जिट भी बॉटम पर जाके होता है। अब यहां पे हम लोगों को ध्यान रखना है कि वेल्थ कभी भी डिस्ट्रॉय नहीं होती है। वो सिर्फ ट्रांसफर होती है एक पर्टिकुलर जेब से दूसरे पर्टिकुलर जेब में। एंड यह जनरली देखा गया है कि रिटेल इन्वेस्टर्स से इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के पास मूव होती है। अब यहां पे गलती यह होती है कि पैनिकिक के टाइम पे हम लोग डर जाते हैं। लिमिटेड फंड्स होने की वजह से हम लोग एग्जिट कर लेते हैं। हमारी पोजीशंस को होल्ड नहीं करते। एंड यहीं पे स्टार्ट होता है स्मार्ट मनी का मूव। यह इसी पर्टिकुलर सिचुएशन को यूज़ करते हैं। ऐसे पोजीशंस क्रिएट करते हैं जो इनके लिए बहुत ज्यादा बेनिफिशियल हो। क्योंकि लॉन्ग रन में अगर देखा जाए तो स्टॉक्स वापस से बाउंस बैकक करने ही वाले हैं। अब अगर मुझे सेक्टर स्पेसिफिक बोलना हो तो अगर हम लोग इंफॉर्मेशनेशन टेक्नोलॉजी या आईटी को देखें तो यह बहुत ज्यादा लुकटिव दिखता है मुझे पर्टिकुलरली एंड मैं मानता हूं कि एआई आ रहा है एंड इसके वजह से काफी सारा डिसरप्शन हो रहा है। लेकिन जब भी आप इनकी बिलिंग देखते हो तो ऑलमोस्ट 80% बिलिंग इनकी डॉलर में होती है। एंड करेंटली डॉलर बहुत ज्यादा स्ट्रांग है। इसके वजह से इनको डायरेक्टली रेवेन्यू में टॉप लाइन में बेनिफिट होने वाला है। अब इस सबके चलते आपको डायरेक्ट बेट नहीं लेनी है। आपको कंपनी स्पेसिफिक जाना है। आपको यह देखना होगा कि कौन सी कंपनी किस पर्टिकुलर सेक्टर में ऑपरेट करती है एंड वो किस तरीके से बिलिंग करती है। जैसे ही आप यह करोगे आपको वो पर्टिकुलर कंपनी मिल। दूसरा सेक्टर जो मुझे पर्टिकुलरली अट्रैक्टिव लगता है वो है बैंक्स एंड एनबीएफसीस का। एंड इसका एक स्पेसिफिक रीजन है। देखो वॉर के सिचुएशन में लोगों ने लोन लेना तो बंद नहीं किया है। हां, थोड़ा बहुत क्रेडिट डिमांड के ऊपर डेंट जरूर आया है। लेकिन प्राइसेस जिस रेश्यो में करेक्ट हुए हैं जितना बड़ा क्रैश आया है इनमें उतना

### [5:00](https://www.youtube.com/watch?v=gapnk9gBFbA&t=300s) Segment 2 (05:00 - 08:00)

ज्यादा पैनिकिक वाला सिचुएशन था नहीं। अब यहीं पे हम लोग अगर देखें तो इंडिया का क्रेडिट ग्रोथ का जो रेट है वो ऑलमोस्ट 12% के करीब का निकल के आता है। एंड इसी वजह से यह एक फैंटास्टिक अपमूव वाला सेक्टर हो सकता है। हम लोगों को बहुत ज्यादा सिलेक्टिव होके पर्टिकुलर बैंक्स में इन्वेस्ट करना है या एनबीएफसी में इन्वेस्ट करना है। यह इंडिविजुअल डिसीजन रहेगा अपनी रिस्क एपिटाइट को देख के। बस इन्वेस्ट करते वक्त यह ध्यान रखना है कि किसी भी तरीके का गवर्नेंस इशू उन पर्टिकुलर कंपनीज़ में ना हो। एंड परफॉर्मेंस सही हो। अब अगर मैं तीसरे सेक्टर के पास जाऊं तो यह है कंजमशन वाला सेक्टर। अब कंजमशन वाले सेक्टर पे डायरेक्ट इंपैक्ट हुआ है। बिकॉज़ ऑयल प्राइसेस इस पर्टिकुलर सेक्टर के लिए बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट हो जाती है। लेकिन बिकॉज़ गवर्नमेंट अब खुद इंटरवीन करने वाली है। एंड यहां पे मेजर्स लेने वाली है। तो आई डू नॉट सी कि इस पर्टिकुलर सेक्टर को बहुत ज्यादा डेंट आएगा। लेकिन वैल्यू्यूएशन जो अभी करेंटली है वो बहुत ज्यादा अट्रैक्टिव दिखती है। एंड जो चौथा सेक्टर है वो है डिफेंस का। ऐसे पर्टिकुलर सिचुएशन में जब वॉर वाली सिचुएशन क्रिएट होती है तब हर कंट्री अपने आप को सेफगार्ड करना चाहती है। एंड इसी वजह से यहां पे ऑर्डर बुक का डेवलपमेंट होना या पाइपलाइन में बहुत ज्यादा रैपिडली ग्रो होना यह हम लोग देख सकते हैं इन नियर फ्यूचर। कहीं ना कहीं गवर्नमेंट का भी फोकस डिफेंस पेंडिंग पर है ही। एंड उसमें भी वो डोमेस्टिक प्लेयर्स के ऊपर खास फोकस कर रही है। तो जब भी ऐसी सिचुएशन है जहां पे मेरे पास वैल्यू्यूएशन बहुत अच्छे हैं। प्लस मुझे पता है कि ऑर्डर बुक में ग्रोथ आने ही वाली है तब मुझे पर्टिकुलरली आइडेंटिफाई करना होगा कि ये स्टॉक्स कौन से हैं एंड मेरे रिस्क एपेटाइट के हिसाब से कौन सा स्टॉक मेरे लिए सही है। अब इन सारे सिचुएशन को देखने के बाद हम लोगों को यह तो समझ गए कि कौन से सेक्टर्स में अपटिक दिख सकती है। अब हमें यह भी समझना होगा कि हमें इस सिचुएशन में क्या नहीं करना है। हम लोगों को पैनिकिक नहीं होना है। हम लोगों को डरना नहीं है। हम लोगों को बहुत अच्छे से असेस करना है कि ग्रोथ इंजन कौन सी होने वाली है। कौन से सेक्टर्स हैं जिनको इन पर्टिकुलर वॉर से बहुत ज्यादा फायदा मिल सकता है। एंड वहां पे पोजीशंस क्रिएट करनी है। स्मार्ट मनी का हमेशा आप ट्रेल देखिए। ऐसी सिचुएशन में जब रिटेल इन्वेस्टर्स घबरा जाता है, इंस्टीट्यूशनल प्लेयर्स शांत रह के अपनी पोजीशंस को क्रिएट करते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि उन्होंने कभी भी अपना माल नहीं बेचा है। उन्होंने बेचा है। लेकिन ये जो सिचुएशन अब क्रिएटेड है, यहां पे इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की एंट्री होने के चांसेस बढ़ जाते हैं। एंड यह एक लॉन्ग टर्म बैट खेलने का शायद से परफेक्ट टाइम हो। बिफोर वी क्लोज दिस वीडियो एक पर्टिकुलर रिक्वेस्ट अगर आपने यहां तक देख ही लिया है तो प्लीज चैनल को सब्सक्राइब कीजिए, लाइक कीजिए एंड कमेंट कीजिए। एंड एक फाइनल डिस्क्लेमर आपको अपने पैसे को बहुत अच्छे से इन्वेस्ट करना है। मैं सेबी रजिस्टर्ड एनालिस्ट नहीं हूं। इस वीडियो में जो भी बोला गया है वो मेरे अपने पर्सनल ओपिनियन

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*Источник: https://ekstraktznaniy.ru/video/50126*