# How To Fix Your Attention Span (Before It's Too Late)

## Метаданные

- **Канал:** Sarthak Virmani
- **YouTube:** https://www.youtube.com/watch?v=iixoHNA_pqQ
- **Дата:** 11.05.2026
- **Длительность:** 13:51
- **Просмотры:** 1,446
- **Источник:** https://ekstraktznaniy.ru/video/50184

## Описание

Nobody talks about what constant stimulation does to your brain.
Scrolling all day.
Switching apps every minute.
Never sitting alone with your thoughts.

And slowly… your ability to focus disappears.

In this video, I shared the systems and habits that helped me rebuild my attention span naturally without forcing productivity or quitting everything.

Small changes. Real results.
If your brain feels constantly distracted lately, this might help.

Timestamps
0:00 - Fixing My Life
2:28 - Deep Work
5:02 - Eat The Frog
6:53 - Create Rituals
10:10 - Needs Isolation
7:23 - No Zero System

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For Personal Gudiance
Book a 1:1 Guidance Call with me- https://topmate.io/sarthak_virmani/

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## Транскрипт

### Fixing My Life []

मैं आप लोगों के साथ एक इंसिडेंट शेयर करना चाहूंगा। कुछ दिन पहले की बात है। मैंने अपनी मम्मी को फोन मिलाया और जब तक कॉल पिक नहीं हुई उससे पहले ही मैंने Instagram को फटाफट फोन में खोला और स्क्रॉल करना शुरू कर दिया कि कॉल पिक हो जाएगी। कोई नोटिफिकेशन नहीं आई थी। कोई मैसेज नहीं आया था। बस यूं ही स्क्रॉल कर रहा था। फिर जैसे ही मैंने कॉल कट करी उसके बाद मैंने मुझे अजीब सा फील हुआ। मैंने ऑब्जर्व करा कि यार मैंने तो इंटेंशनली Instagram को ओपन नहीं किया लेकिन यह क्यों हो गया था? और मैं क्यों स्क्रॉल कर रहा था। आई वास कंप्लीटली शॉक्ड दैट टाइम क्योंकि उस समय ऐसा लग रहा था मुझे कि मैं फोन को कंट्रोल नहीं कर रहा हूं। मेरा फोन जो है वो मुझे कंट्रोल कर रहा है। और मैंने कहा यार इसके इसको ना मुझे ऑब्जर्व करना पड़ेगा। फिर मैंने कुछ मोमेंट्स को ऑब्जर्व करा, दूसरों को देखा, अपने आप को ऑब्जर्व करा और बहुत सारी चीजें निकल के आई। कुल मिला के निकल के सम अप करके यह आया कि हम लोग आज के टाइम में अकेले रहने से डरते हैं। हम लोग साइलेंस से भाग रहे हैं। लिफ्ट में देखो तो लोग क्या कर रहे हैं? स्क्रॉल कर रहे हैं। घर पे खाना खा रहे हैं तो हम क्या कर रहे हैं? YouTube की कोई वीडियो चला के बैठ जाते हैं। वॉशरूम में तक हम रील्स देख रहे हैं। रात को सोने से पहले हम स्क्रॉलिंग कर रहे हैं। सुबह उठ के मतलब धीरे-धीरे हमारा ब्रेन इतना ज्यादा क्राउडेड हो चुका है कि उसे अकेले रहना पसंद नहीं है। आप 10-15 सेकंड भी अकेले नहीं रह सकते। ब्रेन कहेगा यार कुछ ना कुछ करते रहो। जैसे वो 5 सेकंड जब वो कॉल पिक नहीं हुई थी तो मैंने फटाफट Instagram खोल लिया क्योंकि ब्रेन ने अनकॉन्शियसली ये चीज बिठा ली है कि भाई खाली नहीं रहना। और सबसे डेंजरस पार्ट पता है क्या है? मैं सच बताना चाहूंगा जो मैंने एनालाइज करा और रिसर्च करी कि प्रॉब्लम फोन नहीं है। मैं फिर से बोल रहा हूं प्रॉब्लम फोन नहीं है। प्रॉब्लम पता है क्या है? हम अपने आप से भाग रहे हैं। हम अपने आप को चीजों से डिस्कनेक्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। हम पीस इसलिए आज के टाइम में हम क्या देखते हैं कि हम हर चीज में ना बोरियत सी फील होती है। हम शांति में ज्यादा नहीं बैठ सकते। हम अपने रिलेशनशिप्स को अच्छे से नहीं निभा पा रहे हैं। हम किसी भी चीज में अच्छे से फोकस नहीं कर पा रहे हैं। मतलब सब कुछ ना ऊपर हो रहा है। एंड आई वास लाइक कि यार ये चीज इसलिए हो रही है क्योंकि हमने अपने ऊपर ध्यान देना कम कर दिया है। और यह मैंने अपनी लास्ट वीडियो में डिस्कस भी करा जो आपको ऊपर दिख रही होगी। उसके बाद मैंने यार यह बुक पढ़ी कॉल न्यू पोर्ट की दैट इज डीप वर्क। और इसके काफी सिस्टम्स को मैंने अपनी लाइफ में इंप्लीमेंट किया। एंड लिटरली बोल रहा हूं। उसके बाद मैंने अपने अटेंशन स्पैन को बहुत ज्यादा कंट्रोल करा। नहीं तो मेरा अटेंशन स्पैन मैंने आपको खुद बताया भी इस स्टार्टिंग में कि वो मेरे साथ खुद बड़ी सबसे बड़ी प्रॉब्लम चल रही थी। तो आज की इस वीडियो में मैं आपको वही चार सिस्टम्स बताने वाला हूं जो मैं अपनी लाइफ में इंप्लीमेंट करे और काफी हद तक मैंने इस चीज को कंट्रोल करा। तो सबसे पहली चीज

### Deep Work [2:28]

निकल के आती है यहां पे दैट इज डीप वर्क। देखो डीप वर्क वो स्टेट ऑफ माइंड होता है जहां पे आप किसी भी एक चीज को बहुत फोकस की तरह काम कर रहे हो बिना डिस्ट्रैक्शन के। मतलब उस समय ना तो आपको स्क्रॉलिंग करनी है, ना आपको फोन आपके पास होना चाहिए, ना आपको मल्टीटास्किंग करनी है। कुछ भी नहीं करना है और आपको सिर्फ एक चीज पर फोकस करना है। मैंने काफी वीडियोस में बताया है कि मैं अपनी लाइफ में 90 मिनट्स का डीप वर्क यूज़ करता हूं। डीप वर्क मतलब सीधी सी बात है। आपने आप जैसे स्टूडेंट हो तो आपने कहा कि मैं 60 मिनट्स या 120 मिनट्स 2 घंटे मैं एक बुक को लेके बैठूंगा और कंप्लीटली उसी चीज पे फोकस करूंगा और मेरा फोन आसपास कुछ भी नहीं होगा। मेरी जो डेस्क है वो क्लटर फ्री होगी और मैं सिर्फ एक ही चीज को लेकर फोकस होऊंगा। उस चीज को हम डीप वर्क कहते हैं। तो कॉल ल्यूपड यही चीज बोलते हैं कि अगर लाइफ में कुछ बड़ा करना है या किसी चीज में बहुत ज्यादा फोकस या कंसंट्रेशन से काम करना है तो बिना डीप वर्क के नहीं हो सकता। आज के टाइम में दुनिया शैलो वर्क का शिकार हो चुकी है। अब इस बुक में शैलो वर्क किसको बोला गया है? आज के टाइम में हम लोग क्या करते हैं? जब भी किसी भी काम को करते हैं तो आधा-आधा करते हैं या बहुत सारी चीजों को एक साथ करने की कोशिश करते हैं। अगर हम कुछ रिसर्च कर रहे हैं तो Chrome के ऊपर बहुत सारे टैब्स ओपन कर लेंगे। या फिर हम कुछ काम कर रहे हैं तो 10 मिनट काम करा 2 मिनट फोन निकाल लिया किसी और से बात कर ली मतलब हमें बीच में कुछ ना कुछ चाहिए तो जिसकी वजह से क्या होता है हम काम तो किसी चीज को कंप्लीट कर रहे हैं लेकिन वो काम जो है वो उतना फोकस काम नहीं है जितना हम डीप वर्क से ला सकते हैं। मतलब अगर हम 8 घंटे काम कर रहे हैं तो हमें लगता है कि हमने बहुत ज्यादा मेहनत कर ली है। लेकिन एक्चुअल में जाकर देखो वो मुश्किल से 2 घंटे का काम था और उस 8 घंटे में भी आपको लगता है कि आपने बहुत ज्यादा काम कर लिया लेकिन एक्चुअली में आपने कुछ नहीं किया होता क्योंकि आपने अपने वर्क को इतना ज्यादा डिवाइड कर दिया है आपने अपनी एनर्जी को कि एनर्जी Instagram पे भी लग रही है। एनर्जी लोगों से बात करने में कुछ ना कुछ लाने आपके काम करने सोचने में भी लग रही है। जब इतनी सारी जगह को आप अपनी एनर्जी को यूज़ कर लोगे तो अल्टीमेटली क्या होगा? दिमाग थक जाता है और आपको एंड ऑफ द डे लगता है कि यार मैं किसी भी चीज पे फोकस नहीं कर पा रहा क्योंकि मेरे पास एनर्जी नहीं बची क्योंकि एनर्जी को आपने इतना ज्यादा डिवाइड कर दिया है। तो ये बुक ये कहती है कि यार किसी भी एक चीज को पकड़ लो और उसमें डीप वर्क की तरह बैठ जाओ। मैं बहुत ज्यादा बड़ा डीप वर्क नहीं कह रहा हूं। स्टूडेंट हो तो 120 मिनट्स मैक्स हैं जो कि 2 आवर्स होते हैं। मैं जब स्क्रिप्ट लिखता हूं तो मैं कोशिश करता हूं मैं डीप वर्क में ही स्क्रिप्ट लिखूं क्योंकि मुझे कोई भी न्यू सेंस नहीं पसंद है। मैं चाहता हूं मैं कंप्लीटली फोकस्ड हूं। तो मैं 90 मिनट्स का डीप वर्क लेता हूं। बहुत ज्यादा बड़ा नहीं होता सिर्फ डेढ़ घंटा। आप मैक्सिमम अगर 2 घंटे का डीप वर्क भी ले रहे हो ना तो आप पूरे दिन का 90% काम उस 2 घंटे के अंदर कर सकते हो। लेकिन बिना डिस्ट्रैक्शन के। तो पहली चीज यह थी। नंबर

### Eat The Frog [5:02]

सेकंड चीज आती है ईट द फ्रॉग। यह एक टाइम मैनेजमेंट टेक्निक है। यह टेक्निक क्या बोलती है कि आपको अपने दिन का सबसे इंपॉर्टेंट काम या सबसे कॉम्प्लिकेटेड काम या सबसे डिफिकल्ट काम जो भी आपको लगता है जिसको यहां पे फ्रॉग बोला गया है उसको सुबह उठ के सबसे पहले कर लो। मतलब ईट द फ्रॉग का मतलब यह है कि आपको सबसे पहले मॉर्निंग में जब आप उठ रहे हो तो आप पहली चीज डिसाइड कर लो कि पूरे दिन में आप सबसे इंपॉर्टेंट ऐसा क्या करने वाले हो। और अगर उस चीज को आपने सबसे पहले मॉर्निंग में बिना डिस्ट्रैक्शन के कर लिया समझ लो आपने दिन का आधे से ज्यादा जो जीत थी उसको हासिल कर लिया। फिर जो पूरे दिन है ना आपका ब्रेन जो है वो स्ट्रेस फ्री रहता है। रिलैक्स रहता है। और धोखे से भी कोई सरकमस्टेंस निकल के आ गया या कोई सिचुएशन निकल के आ गई जिसकी वजह से आप शाम को वो काम ना कर पाओ और अगर आपने सुबह कर रखा होगा एंड यू विल फील लाइक अ सेंस ऑफ़ अकंप्लिशमेंट कि वाओ यार मैंने यह काम सुबह कर रखा है कोई बात नहीं। मैंने अब कम से कम एक टास्क को सुबह कर लिया था। तो जो मॉर्निंग है ना वो बहुत ज्यादा पावरफुल होती है। मैं काफी वीडियोस में ये भी बोलता हूं क्योंकि मॉर्निंग में क्या होता है? हमारी जो एनर्जी का लेवल होता है, काम करने कामनेस दिमाग के अंदर होती है, वो बिल्कुल पीक लेवल होता है। एंड वी आर लाइक कि अगर इस समय अगर हम फोकस तरीके से काम कर लिया एक तो जल्दी काम हो जाएगा। दूसरा सेंस ऑफ अकम्प्लिशमेंट लगेगा कि यार एटलीस्ट एक काम तो कर लिया और वहां से किसी भी काम करने को कंप्लीट करने से क्या होता है? हमारे पास कॉन्फिडेंस आता है। कॉन्फिडेंस कभी भी काम करने से नहीं आता। याद रखना प्लीज कॉन्फिडेंस हमेशा किसी भी काम को करने के बाद आता है। तो यू विल फील कॉन्फिडेंट कि पूरे दिन में कि एटलीस्ट मैं यह चीज कर चुका हूं। तो आपको अपनी लाइफ में अपने डेली लाइफ में ईट द फ्रॉग टेक्निक को फॉलो करना है। यानी कि सबसे इंपॉर्टेंट या सबसे कॉम्प्लिकेटेड काम को सुबह उठकर सबसे पहले करना है। आपको उसके लिए रात को एनालाइज कर लो या मॉर्निंग में ही पहले डिसाइड कर लो कि मैं इस चीज को करने वाला हूं और इस टेक्निक को आप भी फॉलो करना शुरू कर दो। आप देखना आपकी बहुत सारे काम जो है वह आपके कंट्रोल में आ जाएंगे। नंबर थर्ड टेक्निक जो है बहुत ही इंपॉर्टेंट है जिसको मैं बोलता हूं क्रिएट

### Create Rituals [6:53]

द रिचुअल्स। मैं इसको अपनी लाइफ से बहुत ज्यादा रिलेट करूंगा क्योंकि मैं इसको बहुत ज्यादा मानता हूं। क्रिएट द रिचुअल्स यह बोलता है कि आपको तीन चीजें पहले डिसाइड करनी है। तीन चीजों में सबसे पहले क्या? वेयर विल यू वर्क? आप कहां काम करने वाले हो? सेकंड चीज व्हेन एंड हाउ लॉन्ग विल यू वर्क? कब और कितना देर आप बैठने वाले हो? एंड लास्ट इज मोस्टेंट दैट इज हाउ विल यू सपोर्ट योर वर्क। यानी कि इसको सम अप करूं। पहली चीज आपको एडवांस में डिसाइड करना पड़ेगा कि यार आज पूरे दिन में मैं क्या करने वाला हूं। लेट्स सपोज मैंने कहा कि मुझे आज स्क्रिप्टिंग करनी है। तो पहला आता है वेयर विल आई वर्क कि मैं ऑफिस में बैठ के काम करूंगा या मुझे कैफे में जाकर बैठ के काम करना है या मुझे रूम में स्टूडियो में। जहां पे भी काम करना है आपको पहले से डिसाइड करना पड़ेगा। क्योंकि अगर आप चीजों को डिसाइड नहीं करोगे तो क्या करोगे? लैपटॉप लेके बैठे। लैपटॉप ओपन किया। आज क्या करना है? चलो कुछ भी देखते हैं। फिर कोई YouTube की वीडियो दिख गई। आधा घंटा वहां वेस्ट कर दिया। कोई नोटिफिकेशन आ गई। कोई मेल का रिप्लाई कर दिया। नहीं आपको चीजों को एडवांस में डिसाइड करना पड़ेगा। पहली चीज लोकेशन। लोकेशन प्लेस अ वेरीेंट रोल। अगर मैंने कहा मैं अपने इस स्टूडियो में काम करूंगा। तो मैं चाहूंगा कि मेरी ये जो डेस्क है वो प्रॉपर क्लटर फ्री होनी चाहिए। यहां पे कोई भी चीजें ना दिखे जिससे मैं डिस्ट्रैक्ट हूं। क्योंकि एनवायरमेंट प्लेस अ वेरीेंट रोल। आप अपने कुछ बुक देखोगे या कोई भी आप अपनी डेस्क पे कुछ भी सामान देखोगे आप वहां पे बिजी हो जाओगे या कुछ अरे यहां पे अच्छी नहीं लग रही चलो उसको यहां से हटा देता हूं मतलब आप अपनी एनर्जी को डायवर्ट कर दोगे डेस्क के ऊपर कोशिश करना कुछ भी ना हो आपको अपने एनवायरमेंट को बहुत ज्यादा फ्रेंडली बनाना है अपना दोस्त बनाना है कि मैं जब काम करने बैठा हूं यह मेरा साथ दे एंड दैट शुड बी क्लटर फ्री वहां पर कोई भी चीजें ना हो नंबर सेकंड चीज क्या आती है दैट इज व्हेन एंड हाउ लॉन्ग विल यू वर्क जैसे मैंने कहा व्हेन मेरे केस में क्या है कि मैं जब भी स्क्रिप्टिंग करने बैठता हूं मेरे पास टाइम ही शाम को है क्योंकि मॉर्निंग में आई एम अ टीचर सो आई डोंट गेट टाइम तो मैं शाम को 5:00 बजे मैंने कहा मैं बैठूंगा मेरे को सुबह बोलना है अपने आप से कि मैं शाम को 5:00 बजे बैठूंगा क्योंकि सुबह बोला तो शाम को अनकॉन्शियसली मेरे को याद रहेगा। नंबर थर्ड इज वेरीेंट दैट इज हाउ विल यू सपोर्ट योर वर्क? आप काम करने बैठ गए। अब आपका जो दिमाग है ना हमारी बॉडी को भी हम माइंड ही कहते हैं। अब मान के चलो कि आपको भूख लग रही है अचानक से 5:30 और आप 5:00 बजे डीप वर्क में बैठे हो। तो व्हाट यू विल डू? या नीचे चले जाते हैं। जैसे मेरे घर है तो हम नीचे चले जाते हैं। कुछ चाय पी आते हैं, कॉफी पी आते हैं, कुछ पी आते हैं। मतलब आप डिस्ट्रैक्ट करोगे या आप अगर स्टूडेंट हो, आप कोई बुक लेके नहीं आए तो आप रूम में जा रहे हो। दूसरी बुक को ढूंढ रहे हो। जो भी आपको सपोर्ट वर्क के लिए बुक चाहिए। मतलब आपने अपने जो मटेरियल्स हैं उसको एडवांस में ऑर्गेनाइज नहीं कर रखा। आपको जो चीजें इस वर्क को कंप्लीट करने के लिए चाहिए, सपोर्ट करने के लिए चाहिए वो आपके पास नहीं है। तो जिसकी वजह से आप अल्टीमेटली डिस्ट्रैक्ट होगे। मैं कोशिश करता हूं जब भी मैं डीप वर्क में बैठूं मैं साथ में कोई टी या कॉफी रखता हूं हमेशा या डेस्क के ऊपर कोई बिस्किट्स रख लूंगा या कुछ पीनट्स रख लूंगा। मतलब मेरे पास कुछ ना कुछ होगा क्योंकि मुझे पता है मेरे दिमाग को अगर भूख लगेगी उस समय तो मेरे पास कुछ ना कुछ है। मुझे डिस्ट्रैक्शन नहीं चाहिए। मैं नीचे नहीं जाऊंगा। मैं नहीं चाहता कोई मेरे रूम में एंटर हो क्योंकि आई एम टोटली फोकस और मुझे यह काम को कंप्लीट करना है। डेढ़ घंटे के बाद घंटा कोई आए जाए कुछ करो मुझे फर्क नहीं पड़ता। लेकिन मैंने यह काम कर लिया। मेरा पूरा दिन बन जाता है। तो दैट इज क्रिएट योर रिचुअल्स इन एडवांस। और आपको यह मॉर्निंग में ही डिसाइड करना पड़ेगा। क्योंकि वंस द थिंग्स आर डिसाइडेड इन द मॉर्निंग यू विल फील लाइक कि यार मुझे पता है आज मेरा दिन कैसा जाने वाला है। नंबर

### No Zero System [7:23]

डिसाइड करना पड़ेगा कि यार आज पूरे दिन में मैं क्या करने वाला हूं। लेट्स सपोज मैंने कहा कि मुझे आज स्क्रिप्टिंग करनी है। तो पहला आता है वेयर विल आई वर्क कि मैं ऑफिस में बैठ के काम करूंगा या मुझे कैफे में जाकर बैठ के काम करना है या मुझे रूम में स्टूडियो में। जहां पे भी काम करना है आपको पहले से डिसाइड करना पड़ेगा। क्योंकि अगर आप चीजों को डिसाइड नहीं करोगे तो क्या करोगे? लैपटॉप लेके बैठे। लैपटॉप ओपन किया। आज क्या करना है? चलो कुछ भी देखते हैं। फिर कोई YouTube की वीडियो दिख गई। आधा घंटा वहां वेस्ट कर दिया। कोई नोटिफिकेशन आ गई। कोई मेल का रिप्लाई कर दिया। नहीं आपको चीजों को एडवांस में डिसाइड करना पड़ेगा। पहली चीज लोकेशन। लोकेशन प्लेस अ वेरीेंट रोल। अगर मैंने कहा मैं अपने इस स्टूडियो में काम करूंगा। तो मैं चाहूंगा कि मेरी ये जो डेस्क है वो प्रॉपर क्लटर फ्री होनी चाहिए। यहां पे कोई भी चीजें ना दिखे जिससे मैं डिस्ट्रैक्ट हूं। क्योंकि एनवायरमेंट प्लेस अ वेरीेंट रोल। आप अपने कुछ बुक देखोगे या कोई भी आप अपनी डेस्क पे कुछ भी सामान देखोगे आप वहां पे बिजी हो जाओगे या कुछ अरे यहां पे अच्छी नहीं लग रही चलो उसको यहां से हटा देता हूं मतलब आप अपनी एनर्जी को डायवर्ट कर दोगे डेस्क के ऊपर कोशिश करना कुछ भी ना हो आपको अपने एनवायरमेंट को बहुत ज्यादा फ्रेंडली बनाना है अपना दोस्त बनाना है कि मैं जब काम करने बैठा हूं यह मेरा साथ दे एंड दैट शुड बी क्लटर फ्री वहां पर कोई भी चीजें ना हो नंबर सेकंड चीज क्या आती है दैट इज व्हेन एंड हाउ लॉन्ग विल यू वर्क जैसे मैंने कहा व्हेन मेरे केस में क्या है कि मैं जब भी स्क्रिप्टिंग करने बैठता हूं मेरे पास टाइम ही शाम को है क्योंकि मॉर्निंग में आई एम अ टीचर सो आई डोंट गेट टाइम तो मैं शाम को 5:00 बजे मैंने कहा मैं बैठूंगा मेरे को सुबह बोलना है अपने आप से कि मैं शाम को 5:00 बजे बैठूंगा क्योंकि सुबह बोला तो शाम को अनकॉन्शियसली मेरे को याद रहेगा। नंबर थर्ड इज वेरीेंट दैट इज हाउ विल यू सपोर्ट योर वर्क? आप काम करने बैठ गए। अब आपका जो दिमाग है ना हमारी बॉडी को भी हम माइंड ही कहते हैं। अब मान के चलो कि आपको भूख लग रही है अचानक से 5:30 और आप 5:00 बजे डीप वर्क में बैठे हो। तो व्हाट यू विल डू? या नीचे चले जाते हैं। जैसे मेरे घर है तो हम नीचे चले जाते हैं। कुछ चाय पी आते हैं, कॉफी पी आते हैं, कुछ पी आते हैं। मतलब आप डिस्ट्रैक्ट करोगे या आप अगर स्टूडेंट हो, आप कोई बुक लेके नहीं आए तो आप रूम में जा रहे हो। दूसरी बुक को ढूंढ रहे हो। जो भी आपको सपोर्ट वर्क के लिए बुक चाहिए। मतलब आपने अपने जो मटेरियल्स हैं उसको एडवांस में ऑर्गेनाइज नहीं कर रखा। आपको जो चीजें इस वर्क को कंप्लीट करने के लिए चाहिए, सपोर्ट करने के लिए चाहिए वो आपके पास नहीं है। तो जिसकी वजह से आप अल्टीमेटली डिस्ट्रैक्ट होगे। मैं कोशिश करता हूं जब भी मैं डीप वर्क में बैठूं मैं साथ में कोई टी या कॉफी रखता हूं हमेशा या डेस्क के ऊपर कोई बिस्किट्स रख लूंगा या कुछ पीनट्स रख लूंगा। मतलब मेरे पास कुछ ना कुछ होगा क्योंकि मुझे पता है मेरे दिमाग को अगर भूख लगेगी उस समय तो मेरे पास कुछ ना कुछ है। मुझे डिस्ट्रैक्शन नहीं चाहिए। मैं नीचे नहीं जाऊंगा। मैं नहीं चाहता कोई मेरे रूम में एंटर हो क्योंकि आई एम टोटली फोकस और मुझे यह काम को कंप्लीट करना है। डेढ़ घंटे के बाद घंटा कोई आए जाए कुछ करो मुझे फर्क नहीं पड़ता। लेकिन मैंने यह काम कर लिया। मेरा पूरा दिन बन जाता है। तो दैट इज क्रिएट योर रिचुअल्स इन एडवांस। और आपको यह मॉर्निंग में ही डिसाइड करना पड़ेगा। क्योंकि वंस द थिंग्स आर डिसाइडेड इन द मॉर्निंग यू विल फील लाइक कि यार मुझे पता है आज मेरा दिन कैसा जाने वाला है। नंबर फोर चीज निकल के आती है रियल वर्क नीड्स आइसोलेशन। इस बुक में यार एक लाइन लिखी थी बहुत ही प्यारी सी जो मैं आपको पढ़ के सुनाना चाहता हूं। ग्रेट क्रिएटिव माइंड्स, थिंक्स लाइक आर्टिस्ट बट वर्क लाइक अकाउंटेंट्स। मैं फिर से पढ़ना चाहूंगा। ग्रेट क्रिएटिव माइंड्स, थिंग्स लाइक आर्टिस्ट बट वर्क लाइक अकाउंटेंट्स। मतलब आप जितने भी क्रिएटिव माइंड्स देखोगे, एंटरप्रेन्योर देखोगे या जो भी आर्टिस्ट लोग देखोगे वो लोग के अंदर बहुत ज्यादा क्रिएटिविटी होती है। लेकिन जब वो काम करने पे आते हैं ना तो वो मोटिवेशन को पे बिलीव नहीं करते। वो बिलीव करते हैं सिस्टम पे। रूल्स अपने रूटीन पे। वो कहते हैं कि हमें पुश करने के लिए मोटिवेशन कभी काम नहीं करेगी। यही मेरे साथ है। मैं मोटिवेशन से नहीं चलता हूं। अगर मैं मोटिवेशन से चलता तो मैं यह जो डुअल लाइफ जी रहा हूं एक अपना टीचिंग लाइफ और एक YouTube लाइफ ये शायद नहीं हो पाती। मेरे वीडियोस पता नहीं फिर कब आती है। ये जो कंसिस्टेंसी मेंटेड है इट इज ऑल बिकॉज़ आई एम एक्साइटेड फॉर माय वर्क। मुझे पता है कि मुझे अपनी लाइफ में क्या अचीव करना है। जिसकी वजह से ऑटोमेटिक मैं एक ऑटोमेशन पे चल रहा हूं और मुझे मोटिवेशन की नीड नहीं है। इस बुक में एक स्टोरी है जो मैं आपके साथ शेयर करना चाहूंगा और मैं भी अपने साथ काफी रिलेट करता हूं। तो अपना एग्जांपल भी दूंगा। आप लोगों ने जे के राउलिंग का नाम तो सुना होगा। जिन्होंने सबसे फेमस हैरीपॉटर को लिखा है। मतलब शी इज द ऑथर ऑफ हैरीपॉटर। तो हैरीपॉटर जब वो उनका लास्ट पार्ट लिख रही थी। आई थिंक सो 2007 की बात है। हैरीपॉटर द डेडली हेलोस। तो उस समय क्या था? वो जब अपने घर पे थी तो बहुत ज्यादा डिस्ट्रैक्ट हो रही थी। बच्चों से कभी डिस्ट्रैक्शन मिल रही है या मतलब कभी घर पे कुछ ना कोई आ रहा है जा रहा है। कुछ ना कुछ काम लगा रह रहा था। तो व्हाट शी डिड शी वाज़ दैट टाइम इन स्कॉटलैंड। तो उन्होंने स्कॉटलैंड का सबसे महंगा होटल दैट इज द बिलमोरल आई थिंक सो कुछ ऐसे ही नाम था। वह जो होटल है सिक्स मंथ्स के लिए वहां पर रूम बुक करा और वहां पे जाके उन्होंने उस लास्ट चैप्टर को कंप्लीट किया। वो चाहती तो वो और भी बहुत सारे स्कॉटलैंड में अच्छे-अच्छे होटल्स थे। वो वहां पे भी जा सकती थी। लेकिन ऐसा क्यों किया? क्योंकि शी नोस कि मैंने अब यहां पे पैसा लगाया है। अब मुझे इसके लिए काम करना पड़ेगा। जैसे हम कहते हैं ना कि हमने किसी भी चीज को पे करा है तो वी वर लाइक कि यार पैसा दिया है वसूल तो करना पड़ेगा। तो उनका एनवायरमेंट यही चीज था। यही मेरे साथ होता है। कभी कबभार अगर मुझे कुछ इंपॉर्टेंट काम करना होता है या तो मैं सोलो ट्रिप पर चले जाता हूं। क्योंकि अब मैं डिस्ट्रैक्शन फ्री एनवायरमेंट में रह सकता हूं तो मुझे सोलो ट्रैवलिंग में कोई प्रॉब्लम नहीं है। मुझे दीन दुनिया की नहीं पड़ी। यह सबसे बड़ा चीज होती है क्योंकि जब आप अकेले रहना सीखोगे तो आप सोलो ट्रैवल कर सकते हो। मैं सोलो ट्रैवल पे चले जाता हूं या डेढ़ घंटे की अकेले वॉक पे चले जाता हूं। वो भी बिना फोन के क्योंकि मुझे उस समय सोचना है और मुझे डिस्ट्रैक्शन नहीं चाहिए। तो यही आर्टिस्ट लोगों के साथ होता है। जब उन्हें कोई भी इंपॉर्टेंट काम करना है तो दे फील लाइक कि एक डिस्ट्रैक्शन फ्री एनवायरमेंट चाहिए, एक आइसोलेशन चाहिए जहां पे हम कंप्लीटली फोकस्ड हो और यह तभी हो सकता है जब आप उसको हैबिट का पार्ट बना सको और आपको क्लेरिटी हो कि आप किस चीज को करने वाले हो। तो ये रहे फोर आपके सामने स्क्रीन पर दिख रहे होंगे। मैं रिकॉल करना चाहूंगा। यह फोर सिस्टम्स हैं जिनको मैं अपनी लाइफ में फॉलो करता हूं जिससे मेरी अटेंशन स्पेन बिल्कुल डिस्ट्रॉय जो हो चुकी थी उसको मैं जीरो पे लेके आ चुका हूं। और मैं भी चाहता हूं आप अपनी लाइफ में फॉलो करो। तो आई विल कंट्रोल माय अटेंशन स्पेन। फटाफट नीचे कमेंट में लिख दो। आई विल कंट्रोल। आपको लिखना ही लिखना है। तब मुझे पता चलेगा कि हां यार आप लोग भी अपने टेंशन स्पैन को कंट्रोल करना चाहते हो और सिस्टम से रिलेटेड वीडियो का लिंक नीचे डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा। और अगर आपको इस बुक की जरूरत हो डीप वर्क की तो उसका भी नीचे लिंक मैंने डिस्क्रिप्शन में दे दिया है। वहां से जाके चेक आउट कर सकते हो। सो दैट्स इट फॉर दिस वीडियो। मेरा नाम है सार्थक विरमानी एंड दिस चैनल इज ऑल अबाउट गेटिंग थिंग्स बेटर। मिलते हैं बहुत जल्दी नेक्स्ट वीडियो में। टिल देन टेक केयर। बाय-ब। वो क्लटर फ्री चाहिए। ओह नो नो नो।
