# Vocal Exercises to Speak Clearly | Vocal Exercises for Clear Speech | Public Speaking Academy

## Метаданные

- **Канал:** Public Speaking Academy
- **YouTube:** https://www.youtube.com/watch?v=J-P3UilVgmQ
- **Дата:** 02.05.2026
- **Длительность:** 12:45
- **Просмотры:** 3,733
- **Источник:** https://ekstraktznaniy.ru/video/50201

## Описание

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## Транскрипт

### Segment 1 (00:00 - 05:00) []

क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि जब भी आप कुछ बोलने वाले होते हैं फिर चाहे वह स्टेज पर हो या फिर कैमरा के सामने तो आपकी आवाज मतलब आपकी वॉइस आपका साथ छोड़ देती है। जितना स्ट्रांग आप अपनी वॉइस को प्रोजेक्ट करना चाहते हैं यह उतनी स्ट्रांग या फिर क्लियर नहीं होती। आपकी सांसे फूल जाती है। वॉल्यूम अपने आप कम हो जाती है। या फिर आप इतना फास्ट बोलने लगते हो कि सुनने वाले को कुछ समझ ही नहीं आता। याद रखिए आपकी आवाज आपकी डिलीवरी का 50% है। अगर आवाज कमजोर है तो आपका मैसेज भी कमजोर ही लगता है। लेकिन इसका सशन बहुत सिंपल है। कॉन्फिडेंस लक से नहीं बल्कि टेक्निक से आता है। और आज मैं आपको वो पांच सबसे जरूरी मींस मोस्ट इंपोर्टेंट वॉइस वार्म अप्स बताने वाली हूं जो कि प्रोफेशनल स्पीकर्स यूज करते आए हैं हमेशा से ताकि उनकी आवाज बहुत ज्यादा क्लियर, कमांडिंग और कॉन्फिडेंट लगे। तो चलिए शुरू करते हैं इस आवाज के सफर को। सबसे पहली एक्सरसाइज यह है कि आपको अपने डायफ्राम ब्रीदीिंग को स्ट्रांग करना होगा। डायफ्राम ब्रीदीिंग को हम फाउंडेशनल एक्सरसाइज भी कहते हैं। इसमें होता क्या है? समझने की कोशिश कीजिएगा। अक्सर अगर आपको स्पीकिंग सिचुएशंस में थकावट फील होने लगती है या फिर बोलते आपकी आवाज अपने आप कमजोर पड़ जाती है और आपको ऐसा महसूस होता है कि जितना स्ट्रांग आपका पहला शब्द था उतना आखिरी नहीं गया तो यह आपकी आवाज की वजह से होता है। इसका मतलब यह है कि आप हमेशा से सांसे अपने चेस्ट से ले रहे हैं ना कि अपने डायफ्राम को यूज़ कर रहे हैं। तो ब्रीथ करने का सही तरीका है अपने डायफ्राम को यूज़ करना। मतलब अपने पेट का इस्तेमाल करना। ये किया कैसे जाएगा? चलिए यह समझते हैं। जब आप चेस्ट से सांस लेते हैं तो एयर सप्लाई बहुत कम होती है। इससे आप जल्दी थक जाते हैं और नर्वस होने पर आपकी पिच हाई हो जाती है। लेकिन वहीं डायफ्रामेटिक ब्रीथिंग आपके कोर को सपोर्ट करती है। जिससे आपकी आवाज स्टेबल, लाउड और बिना थकी हुई लगती है। यह आपकी प्रोजेक्शन का सोर्स होता है। अब इसे करेंगे कैसे? यह सीख लीजिए। आपको सीधे खड़े हो जाना है या फिर रिलैक्स होकर बैठ जाना है। एक हाथ अपने चेस्ट पर रखिए और दूसरा हाथ अपने पेट पर जस्ट बिलो द रिब केज। अब नाक से गहरी सांस लीजिए। इन्हेल डीपली थ्रू योर नोज। चार तक काउंट कीजिए। आपको सिर्फ नीचे वाले हाथ को आगे की तरफ आते हुए फील करना है। मतलब आपके पेट पर जो हाथ है उसे। जैसे पेट में बलून की तरह एक फुलावट आ रही हो। ऊपर वाला हाथ आपका बिल्कुल नहीं हिलेगा। अब धीरे से अपने मुंह से सांस छोड़िए। स्लोली आठ तक काउंट करते हुए और पेट को अंदर की तरफ जाने दीजिए। इस एक्सरसाइज को आपको कम से कम पांच बार रिपीट करना है। सांस लीजिए चार गिनने तक और सांस छोड़िए आठ गिनने तक। जब आप सांस लेंगे तो नाक से होगी और आपका पेट फूलेगा। जब आप सांस छोड़ेंगे तो मुंह से छोड़ी जाएगी और आपका पेट वापस अंदर जाएगा। जब आप यह एक्सरसाइज करेंगे तो आपको एक स्टेबिलिटी फील होगी। करके देखिए। इसे ही कहते हैं डायफ्रामेटिक ब्रीथिंग। एक्सरसाइज टू है वार्म अप में सायरन्स। यह सायरन एक्सरसाइज जो हमारी सेकंड एक्सरसाइज है, यह वॉइस मॉड्यूलेशन के लिए अक्सर यूज की जाती है। एक फ्लैट और मोनोटोोन आवाज आपके मैसेज को बहुत ज्यादा डल बना देती है। अगर आपकी आवाज में वैरायटी नहीं है तो पब्लिक बोर हो जाएगी और वो सो जाएगी। हमें अपनी आवाज की पूरी रेंज को स्ट्रेच करना होता है। कैसे काम करती है यह एक्सरसाइज? यह एक्सरसाइज आपके वोकल कॉर्ड्स को रिलैक्स करती है और उनकी फ्लेक्सिबिलिटी को और ज्यादा बढ़ा देती है। जब आप अपनी पिच को ग्लाइड करते हैं तो आप अपनी पूरी रेंज को कंट्रोल करना सीखते हैं। याद रखिए हाई पिच एक्साइटमेंट या अर्जेंसी दिखाती है। वेयर एज लो पिच अथॉरिटी और सीरियसनेस को दिखाती है। इस फ्लेक्सिबिलिटी से आप कहीं भी स्टक नहीं होंगे। इसको करके देखते हैं। एक डीप डायफ्रामेटिक ब्रीथ लीजिए। इन्हेल डायफ्राम एक्सपेंड नाउ लो ई साउंड से शुरू कीजिए। धीरे-धीरे अपने पिच को आपको ऊपर लेकर जाना है। कैसे? जैसे कि एक पुलिस सायरन की आवाज होती है। आवाज को स्मूथ और हमें कंटीन्यूअस रखना है। जब आप सबसे ऊंची पिच पर पहुंचते हैं तो वहां से

### Segment 2 (05:00 - 10:00) [5:00]

धीरे-धीरे अपने आप को नीचे लेकर आइए। सबसे लोअर पिच तक। इसको सिर्फ तीन बार रिपीट करके देखिए और फोकस कीजिए कि आपकी आवाज टूटे नहीं और स्मूथली ऊपर और नीचे आए। कैसे करेंगे? करके देखिए। इ नाउ थर्ड एक्सरसाइज है प्रसीजन के लिए दैट इज़ टंग ट्विस्टर्स। ये बहुत सारे लोगों के फेवरेट्स होंगे। जब हम नर्वस होते हैं, कई बार हमारी वॉइस और हमारी पिच हमारे कंट्रोल में नहीं होती और हम बहुत तेज बोलने लगते हैं और इसी वजह से हमारे वर्ड्स बहुत मशी हो जाते हैं। मतलब बहुत क्लियर नहीं आते। यानी क्लेरिटी बिल्कुल खत्म हो जाती है। यह एक्सरसाइज है आर्टिकुलेशन के लिए ताकि हर वर्ड क्रिस्प और क्लियर बना रहे थ्रूउ योर स्पीकिंग जर्नी। जब आप प्रेजेंटेशन दे रहे हैं तब भी, जब आप स्पीच भी यह काम कैसे करता है? टंग ट्विस्टर्स आपके लिप्स, टंग और ज की मसल को ट्रेन करते हैं। यह आपकी स्पीकिंग एक्यूरेसी बढ़ाते हैं। जब आपकी आर्टिकुलेशन अच्छी होती है तो आप प्रोफेशनल और क्रेडिबल भी लगते हैं। चाहे आप कितनी भी तेज क्यों ना बोल रहे हो। इसे प्रैक्टिस कैसे किया जाएगा? इसे करके देखिए। मेरा चैलेंज आपके लिए यह है कि आपको हर साउंड को ओवर आर्टिकुलेट करना है। अपने मुंह को ज्यादा खोलना है और होठों को ज्यादा यूज करना है। जैसे आप अग्रेसिव चविंग गम कर रहे हो। पहला टंग ट्विस्टर है यूनिक न्यूयॉर्क। यूनिक न्यूयॉर्क यूनिक न्यूयॉर्क। अग्रेसिवली सेकंड टंग ट्विस्टर है कच्चा पापड़ पक्का पापड़। कच्चा पापड़ पक्का पापड़ हर ट्विस्टर को पहले आपको स्लोली बोलना है स्लोली इसे चार बार बोलिए फिर अपनी स्पीड को बढ़ाते जाइए स्पेसिफिकली एन के एल और पी साउंड्स पर आपको ज्यादा फोकस करना है। जब आप फोकस के साथ इन एक्सरसाइज को करेंगे तो देखिएगा आपको रिजल्ट्स भी दिखने लगेंगे। फोर्थ एक्सरसाइज है अपनी पावर को कंट्रोल करने के लिए। द प्रोजेक्टेड विस्परिंग। ये नहीं मतलब चिल्लाना नहीं लेकिन एक पावरफुल स्ट्रांग वॉइस चाहिए तो आपको यह करना पड़ेगा। बहुत लोग जब जोर से बोलना चाहते हैं तो गले पर जोर डालते हैं जिससे कि उनकी आवाज खराब हो जाती है। हमें गले को नहीं बल्कि अपने कोर को यूज़ करना होता है। अपनी आवाज को स्ट्रांग और पावरफुल बनाने के लिए। यह काम कैसे करता है? प्रोजेक्टेड विस्पर्स आपको सिखाते हैं कि हवा मतलब एयर को डायफ्राम से कैसे पुश करना है ताकि आपकी आवाज जोर से निकले लेकिन आपके गले पर कोई भी स्ट्रेन ना हो। अगर आप विस्पर भी लाउडली कर सकते हैं तो आप स्टेज पर हेल्दी तरीके से प्रोजेक्ट कर पाएंगे अपनी आवाज को। इसको करके देखिए। एक सॉलिड डायफ्रामेटिक सांस लीजिए। पेट को कंप्लीटली फुला लीजिए। एक छोटा फ्रेज चुनिए। जैसे कि यह मैसेज बहुत जरूरी है। अब इस फ्रेज़ को विस्पर कीजिए। लेकिन इतना जोर से कि सिर्फ 10 फीट दूर खड़े हुए इंसान को आपका हर एक वर्ड क्लियर सुनाई दे। सिर्फ 10 फीट तक। ध्यान रहे आपके वोकल कॉर्ड्स में वाइबेशंस नहीं होनी चाहिए। सिर्फ पेट से आती हुई हवा होनी चाहिए। इसको पांच बार रिपीट कीजिए एयर प्रेशर पर फोकस करते हुए। यही डिफरेंस है कि जब आप विस्पर कर रहे होते हैं, क्लियरली बोल रहे होते हैं, पावरफुल तरीके से बोल रहे होते हैं और आपके वोकल कॉर्ड्स पर बिल्कुल भी स्ट्रेन नहीं आता। जब वोकल कॉर्ड्स पे स्ट्रेन आएगा तो मतलब आप चिल्लाना शुरू कर देते हैं। लेकिन जब आप स्ट्रांग वॉइस प्रोजेक्ट कर रहे होते हैं तो आपके वोकल्स पर कोई स्ट्रेन नहीं आता क्योंकि सारी आवाज आपके पेट से होती है और वो उतनी ही दमदार होती है। फिफ्थ एक्सरसाइज है अपना कंट्रोल अपने हाथ में रखने के लिए। एंड दैट आर द काउंटेड पॉज्स। यह हमारी सबसे जरूरी एक्सरसाइज भी है अपने पेस और अथॉरिटी के लिए। नर्वसनेस का सबसे बड़ा निशान क्या होता है पता है? तेज बोलना, रशिंग। इसे कंट्रोल करने के लिए हम यूज़ करेंगे द काउंटेड बॉस। यह काम कैसे करेगा?

### Segment 3 (10:00 - 12:00) [10:00]

यह सिर्फ रुकना नहीं है। यह रथोरिकल पावर टूल है। जब आप रुकते हैं तो आप उ आ सो जैसे वर्ड्स को अपने आप रिप्लेस करना सीख जाते हैं। पॉज से पहले टेंशन बनती है। पॉज के बाद आपका की पॉइंट ऑडियंस के दिमाग में रजिस्टर हो जाता है। सो पॉजेस एक्चुअली यह दिखाते हैं कि आप कॉन्वर्सेशन के इंचार्ज हैं। सो टेक द चार्ज ऑफ़ योर कन्वर्सेशंस एंड लीड इट द वे एक्चुअली यू वांटेड टू। चलिए इसे करके देखते हैं प्रैक्टिकली। अपनी प्रेजेंटेशन से कोई भी कॉम्प्लेक्स या इंपॉर्टेंट लाइन चुन लीजिए। फॉर एग्जांपल हमारी ये रिसर्च दिखाती है कि तीन साल में बिजनेस डबल हो गया है। नाउ की आइडियाज को पहचानिए। अब इस सेंटेंस को बोलते हुए की आइडिया से पहले और बाद में एक पूरा 2 सेकंड का पॉज लीजिए। हमारी रिसर्च दिखाती है कि 3 साल में बिजनेस डबल हो गया है और यह आपकी ग्रुप है। नाउ इसमें क्रूशियल स्टेप क्या था? पॉज के दौरान आई कांटेक्ट मेंटेन रखना है और एक कॉन्फिडेंट पॉश्चर में आपको खड़े रहना है या फिर अगर आप बैठकर बोल रहे हैं तो भी पॉश्चर मेंटेन रहना चाहिए। सो ये थी वो पांच पावरफुल एक्सरसाइजज़। याद रखिए एक पावरफुल वॉइस सिर्फ टेक्निक से ही आती है। डायफ्रामेटिक ब्रीदीिंग एंडोरेंस के लिए है। साइरेंस मॉड्यूलेशंस के लिए है। टंग ट्विस्टर्स क्लेरिटी के लिए है। प्रोजेक्टेड विस्पर्स पावर को कंट्रोल करने के लिए है। और काउंटेड पॉजेस अपना कंट्रोल बनाए रखने के लिए है। अपने प्रेजेंटेशंस से ठीक पहले नहीं बल्कि इन्हें आपको रोज प्रैक्टिस करना होगा। अगर आपको यह ब्लूप्रिंट पसंद आया हो तो लाइक भी जरूर कीजिएगा और वीडियो को शेयर भी कीजिएगा उन लोगों के साथ जिन्हें आप क्लियरली सुनना चाहते हैं और कमेंट में मुझे बताइए कि इन पांचों एक्सरसाइजज़ में से आप सबसे पहले कौन सी एक्सरसाइज ट्राई करेंगे। मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में। टिल देन कीप प्रैक्टिसिंग एंड ग्रोइंग योरसेल्फ। [संगीत]
