# Delhi AC Blast (3D) by Professor Of How

## Метаданные

- **Канал:** Professor Of How
- **YouTube:** https://www.youtube.com/watch?v=B5kwUUgkZ48
- **Дата:** 05.05.2026
- **Длительность:** 1:16
- **Просмотры:** 6,266,939

## Содержание

### [0:00](https://www.youtube.com/watch?v=B5kwUUgkZ48) Segment 1 (00:00 - 01:00)

इस चार मंजिला बिल्डिंग के सेकंड फ्लोर पर लगी हुई एक्सटर्नल एसी यूनिट में ब्लास्ट हुआ। हवाएं काफी तेज थी तो आग की लपटों ने और ज्यादा तेजी से बिल्डिंग को जकड़ लिया और काफी लोग तो सोते-सोते ही जिंदा जल गए बेचारे। प्रोफेसर ऑफ हाऊ को फॉलो करके 3D एनिमेशन की मदद से समझो कि दिल्ली विवेक विहार एरिया में नौ लोगों की जो एसी ब्लास्ट से आग लगने से मौत हुई है ना उसमें हुआ यह था कि इस चार मंजिला बिल्डिंग में सेकंड फ्लोर में मौजूद एसी की जो एक्सटर्नल यूनिट थी उसमें चिंगारी और ब्लास्ट से आग फैलना शुरू हुई। अब इन केस ये एसी कंपनी की तरफ से फौ्टी ना हो तो एसी का ब्लास्ट कोई रैंडम एक्ट ऑफ गॉड नहीं है। ये 90% केसेस में हमारी लापरवाही का ही रिजल्ट है। एसी ब्लास्ट का सबसे बड़ा कारण होता है गैस लीक। मॉडर्न एसीज में R32 या R290 गैस यूज़ होती है। यह एफिशिएंट तो है पर फ्लेमेबल भी है। अगर गैस लीक हो रही है और कंप्रेसर या वायरिंग से एक भी चिंगारी आ गई तो यह पूरी एक्सटर्नल यूनिट एक बम की तरह ब्लास्ट हो सकती है। और इस दिल्ली विवेक बिहार केस में तो डिलीवरी एजेंट ने पुलिस को बताया भी है कि उसने एसी की एक्सटर्नल यूनिट में से चिंगारी निकलते देखी थी। दूसरा बड़ा कारण है ओवर हीटिंग। जब हम फिल्टर साफ नहीं करवाते और कॉइल्स ब्लॉक हो जाती हैं तो एसी को बहुत ज्यादा जोर लगाना पड़ता है जिससे अंदर प्रेशर और गर्मी इतनी बढ़ जाती है कि मशीन फट सकती है। इसके ऊपर से हमारा देसी जुगाड़ आग में घी का काम करता है। सस्ते के चक्कर में कई लोकल मैकेनिक्स कस्टमर्स को कन्विंस करके असली गैस की जगह एलपीजी यानी कि कुकिंग गैस भर देते हैं जो बहुत खतरनाक है। रात करीब 3:30 बजे यह आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को बचने का मौका ही नहीं मिला। कुछ लोगों की बॉडीज तो सीढ़ियों पे भी मिली है जो छत पे भागने की कोशिश कर रहे थे पर छत पे गेट भी लॉक्ड

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*Источник: https://ekstraktznaniy.ru/video/50391*