# Why HINDU maid demand is becoming a startup PROBLEM? #india

## Метаданные

- **Канал:** Nitin Joshi
- **YouTube:** https://www.youtube.com/watch?v=9vb7ACgeZw0
- **Дата:** 08.05.2026
- **Длительность:** 1:22
- **Просмотры:** 16,998
- **Источник:** https://ekstraktznaniy.ru/video/50922

## Транскрипт

### Segment 1 (00:00 - 01:00) []

हमारे देश में भाई रिलीजन बिजनेस के अंदर भी एक प्रॉब्लम बन सकता है। सोचो एक हिंदू आदमी अपने घर में मुस्लिम मेड नहीं रखना चाहता। मैक्सिमम लोगों का यह हाल है। मतलब नोएडा में सोसाइटी के WhatsApp ग्रुप के अंदर ये कॉमन डिस्कशन है कि मुझे हिंदू मेड चाहिए। सिक्योरिटी गार्ड के पास स्पेसिफिकली बता के आते हैं कि मुझे हिंदू मेड चाहिए। अब दिल्ली एनसीआर में काफी सारे बंगाली मुस्लिम्स हैं जो भैया ये मेड्स वगैरह का काम करते हैं। अब या तो वो नाम चेंज करके काम कर रहे होते हैं या सही में उनका काम बहुत कम मिलता है। अब लोगों ने यह बात करना शुरू कर दिया है कि भाई ये सारे लिस्ट हो रहे हैं Snapad Protो जैसी एप्लीकेशनेशंस में और 10 में से सात बार हमें कोई मुस्लिम मेड असाइन हो रही है। ये प्रॉब्लम आ रही है और सोचो अगर ये प्रॉब्लम बड़ी बन गई तो ये एप्स के लिए कितनी स्टूपिड दिक्कत है। कंज्यूमर की अनसेट डिमांड है भाई हिंदू मेट्स की पब्लिकली कि अभी जाके नहीं बोलेगा क्योंकि उसको सेकुलर भी दिखना है। कूल भी दिख रहा है। अब कंज्यूमर की डिमांड है तो ये ऐप कैसे सॉल्व करेगी उसे? भाई रिलीजन सेलेक्ट करने का ऑप्शन नहीं दे सकते। बैकलैस आएगा नेगेटिव पीआर होगा ना ऐसा कि भैया वो ऑनबोर्डिंग चुपके से नाम के बेसिस पे भैया रिजेक्ट करना शुरू कर दे उसमें भी भैया लीक हो जाएगी न्यूज़ उसमें भी बैक ना ऐसा कि भैया नाम ही चेंज करा दिया अफसाना का मोनिका करा दिया उसमें भी धुलाई होएगी अब स्विमटो के टाइम पे भी ऐसे मुद्दे उठे थे लेकिन उनके लिए कभी ये प्रॉब्लम बड़ी बनी नहीं क्योंकि घर के बाहर तक की सर्विस डिलीवरी है यहां पे सर्विस डिलीवरी घर के अंदर हो रही है तो यहां पे सही में ये प्रॉब्लम बन सकती है मतलब सोचो हमारे देश में रिलीजन बिनेस का मूड बन सकता है आज की डेट में कोई गाली खाने को रेडी हो जाए और सोचे ना भैया मैं हिंदू मेड सर्विस ल्च करूंगा ₹200 स्nid प्रोंटो से ऊपर ले भैया वो इस पोजीनिंग के साथ में मार्केट खा जाएगा हमारा देश ना भाई दो चीजों की वजह से बर्बाद है। एक रिलीजन दूसरा पॉलिटिक्स। आपको जिंदगी में कुछ भी बड़ा करना है ना ये दो सब्जेक्ट से एज अ कंज्यूमर दूर रहो क्योंकि ये है किसी का बिज़नेस। हम लोग फालतू में इसमें प्रोडक्ट बनते रहते हैं। बाकी कुछ कहना है तो कमेंट बॉक्स खुला है कह दो। कल फिर मिलता हूं। जय माता दी।
