# Online vs Offline Classes: Which Helps You Become Topper?🤔

## Метаданные

- **Канал:** Next Toppers - 11th Commerce
- **YouTube:** https://www.youtube.com/watch?v=2SS77KGWs3E
- **Дата:** 15.05.2026
- **Длительность:** 19:02
- **Просмотры:** 7,223
- **Источник:** https://ekstraktznaniy.ru/video/51050

## Описание

▶️ Enroll Commerce 11th - PRARAMBH Plus 2026-27 👉 https://openinapp.link/hhn2r
▶️ Enroll Commerce 11th - PRARAMBH 2026-27 👉 https://openinapp.link/hhn2r  

In this video, we break down the REAL difference between online and offline classes — including concentration, motivation, doubt-solving, distractions, and results. Perfect for students confused about what to choose in 2026! 

📩 Support Email id 👉 support@nexttoppers.com 
📞 Call & WhatsApp 👉 9109771477

============================================================
Visit our website or contact us for more information. 
🟢App 👉 https://play.google.com/store/apps/details?id=com.nexttoppers.app&hl=en_IN  
🟢Telegram 👉 https://t.me/+2yCdsTb3x3MxMjc1
🟢Website 👉 https://nexttoppers.com/ 
🟢Instagram Page 👉 https://insta.openinapp.co/4xmrl  
🟢Twitter 👉  https://twitter.com/Next_Toppers   
🟢Linked In 👉  https://www.linkedin.com/company/next-toppers/
🟢Whatsapp 👉 https://www.whatsapp.com/channel/0029VaeT0t4DjiOlwp8y6i2M  

☎️Contact Details:
📩 Sup

## Транскрипт

### Segment 1 (00:00 - 05:00) []

क्या? इन लोगों ने भी अपना कोर्स निकाल दिया। अबे इतने सारे ऑप्शन हो गए यार। एक सेकंड। राहुल भैया ने भी ट्यूशन खोली थी। क्लास में 90% तो आए थे उनके। एक सेकंड। अब इनकी क्लास ज्वाइन करूं कि इनकी करूं? अबे यार दिमाग फटता जा रहा है। करियर का सवाल है। तुम्हें भी यही लग रहा है ना कि ऑनलाइन ज्वाइन करूं कि ऑफलाइन? दोस्तों, वेलकम एवरीवन टू टुडेस वीडियो। मैं हूं तुम्हारा सानी भैया और आज की इस वीडियो में हम डिस्कस करेंगे कि ऑनलाइन कोचिंग बेटर है या ऑफलाइन सेंटर्स। लेकिन भैया आपने तो आज अपनी असलियत दिखा दी। ऑनलाइन का टीचर हो के ये बताएगा कि दोनों में बेटर क्या है? हम्म जजिंग योर ओन केस। हां ये बड़ी अच्छी बात करी। देखो दोस्तों ऐसा कुछ भी नहीं है। मैं इस वीडियो के अंदर कंप्लीटली अनबायस्ड रहूंगा। एंड दैट इज माय प्रॉमिस। लेकिन अगर आपको किसी भी पॉइंट पे लगे कि मैं बायस्ड हूं, कमेंट सेक्शन खुला है, भर-भर के प्यार दे देना। मेरा काम एज अ टीचर क्या होता है? मैंने ऑफलाइन सेंटर्स में भी पढ़ाया है और ऑनलाइन है। और मेरे पास दोनों के एक्सपीरियंसेस हैं। इनफैक्ट मैं ये बोलूंगा दोनों में से कुछ बुरा नहीं है। जो आपको सूट करे वो आपके लिए सबसे बेस्ट है। इट्स लाइक कि कुछ लोगों को रेस्टोरेंट जाकर अपना डिनर एंजॉय करना पसंद है। तो कुछ लोगों को अपने घर में कंफर्टेबल क्लोथ्स के अंदर घर पे खाना मंगवाकर घर पे खाना पसंद है। तो इसमें कुछ गलत और कुछ सही नहीं है। ये आपकी पर्सनल चॉइस है। लेकिन इस चॉइस को क्लैरिटी देने के लिए मेरा यह वीडियो आपके बहुत काम आएगा। ठीक है बेटा? तो सबसे पहले बात करते हैं हमारे ऑफलाइन वर्सेस ऑनलाइन कि इन दोनों में डिफरेंसेस क्या है जिसमें हम डिसीजन लें? तो देखो सबसे पहले बेसिक चीजें हैं ऑनलाइन अगर आपको कोई भी गाइडेंस चाहिए तो आपको इंटरनेट और एक डिवाइस चाहिए जिसमें आप इंटरनेट यूज कर सको। ठीक है? और ऑफलाइन के अंदर हम क्या-क्या पैरामीटर्स लेंगे? जैसे टशंस जो होते हैं हमारे घर के पास अगली गली में, पिछली गली में अगर आपको टशंस मिलेंगे वो। दूसरा आपके पास कुछ कोचिंग इंस्टीट्यूट्स होंगे जो घर के पास होंगे और कुछ बड़े-बड़े ऑफलाइन सेंटर्स जो कि बड़ी कोचिंग होती हैं। ठीक है बेटा? अब देखो दोनों के बीच में हम कुछ प्रोस एंड कॉन्स देखेंगे। हर एक चीज के प्रोस एंड कॉन्स होते हैं। तो सबसे पहले बात करते हैं सबसे इंपॉर्टेंट बात दैट इज़ पैसा। भैया जैसे ऑनलाइन फीस होती है। तो ऑनलाइन हमारा कोर्स जैसे हम लोग सेल करते हैं दैट इज़ आउट ऑफ दैट इज़ अप टू 29। 29 का कोर्स होता है फॉर क्लास 11th एंड 12थ। पूरे साल भर आप मात्र 29 के अंदर पढ़ेंगे पूरा का पूरा 11th या पूरा-पूरा का 12th। ये बेटा वन ऑफ दी मैं बोलूंगा वन ऑफ दी भी नहीं लोएस्ट बैच में से आता है पूरे ऑल ओवर इंडिया के। ठीक है? लेकिन वहीं पे ऑफलाइन सेंटर्स की बात करें तो वहां पर ₹80,000 लिए जाते हैं। या आप 11th पढ़े या 12th पढ़ें। 12th की बात करें तो ₹80,000 तक लिए जाते हैं साल भर के। मतलब पूरी साल आप 12th पढ़ेंगे आपको ₹80,000 देना पड़ेगा। लेकिन भैया हमारे यहां पे तो 50,000 में पढ़ाया जाता है, 40,000 में पढ़ाया जाता है। बेटा वही बात है। कोचिंग्स इंस्टट्यूट कितने बड़े हैं उनके ऊपर उनकी फीस डिसाइडेड होती है। मैं टॉप कोचिंग की अगर बात करूं आपके शहर में तो इतनी तो आराम से उसकी फीस होगी। क्यों? क्योंकि ये फीस रियल फीस है। सर कैसे? क्योंकि जहां पर मैं पढ़ाता था दोनों की मैं फीसेस बता रहा हूं आपको एक्चुअल फीस। यानी कि मैं अभी जहां पे पढ़ा रहा हूं ये 299 की फीस है और जिस इंस्टट्यूट में मैं पढ़ाता था मुझसे पढ़ने के लिए बच्चे साल भर का ₹80 देते थे कि मेरे सामने बैठकर पढ़ पाएं मेरे से सामने मिल पाएं और अपनी पर्सनल प्रॉब्लम्स भी इनफैक्ट मेरे साथ पर्सनली शेयर कर पाएं। बस उस एक्सपीरियंस के लिए वो ₹80,000 देते थे तो आप बेसिक अंदाजा लगा सकते हो कि ये काफी रीज़नेबल है और ये काफी कॉस्टली है। लेकिन सर क्या इसमें इनकी गलती है? बिल्कुल भी नहीं है बेटा। देखो जब ऑफलाइन सेंटर्स की बात आती है तो इनके पास बहुत सारे ना खर्चे होते हैं। आप देखोगे इनकी लोकेशन होगी एकदम सेंट्रल लोकेशन होगी। तो रेंट ज्यादा होता है बिल्डिंग का या उस पूरी जगह का। बच्चे बहुत सारे पढ़ने आएंगे तो बहुत बड़ी प्रॉपर्टी लेनी पड़ती है आपको। बिजली का खर्चा स्टाफ ज्यादा रखना पड़ेगा। टीचर ज्यादा रखने पड़ेंगे। वॉचमैन रखना पड़ेगा। बिजली का बिल, एसी का बिल मतलब टीवी, स्क्रीनंस वगैरह बहुत सारी चीजें लगानी पड़ेंगी। बेंचेस, पानी की फैसिलिटीज बहुत सारे खर्चे होते हैं। ठीक है? तो इस वजह से बा मजबूरन फीसेस हाई होती हैं। और मैं अगर ऑनलाइन की बात करूं तो देखो इस कमरे की बात करता हूं। एक एसी लगा है। एक पंखा लगा है। एक दो तीन चार पांच लाइटें लगी हैं। एक सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है कि मैं क्या कर रहा हूं। एक कैमरा यहां, एक पीसी ये और एक आपकी स्क्रीन यहां पे है। ये इतनी सी बेसिक चीजें हैं। तो ऑब्वियस सी बात है हम लोग बहुत कम प्राइसेस चार्ज करते हैं। तो इसमें कोई दिक्कत नहीं है। बट हां एक स्टूडेंट पॉइंट ऑफ व्यू एक कस्टमर पॉइंट ऑफ व्यू से देखें तो ये रीज़नेबल है। तो एक बेनिफिट इसको जाता है। लेकिन सारे बेनिफिट्स नहीं है इसके पास। सबसे बड़ा प्रॉब्लम जो है वो है आइसोलेशन और सोशलाइजिंग। आप जब ऑनलाइन स्टडी करते हैं तो आप अपने ऊपर ही डिपेंडेंट हैं। आपका कोई दोस्त नहीं है। आप एक कमरे में बैठे रहेंगे। आपको 5:00 बजे क्लास है तो खुद को मन बना के 5:00 बजे आपको बैठना ही पड़ेगा क्लास लेने के लिए। अगर आप बीच में कभी बोर हो जाएं। देखो हर क्लास में आपको

### Segment 2 (05:00 - 10:00) [5:00]

मजा नहीं आता है। चाहे आप कहीं से भी पढ़ लें। कोई एक पॉइंट आएगा जब आप सैचुरेटेड फील करेंगे। सेटिस्फाइड नहीं होंगे और थोड़ा सा आपको बोर होने लगेगा कि यार मैं अगर कोई दोस्त होता इस टाइम पे तो मैं उससे कुछ बात कर लेता, कोई जोक मार लेता। वो चीज यहां पर मिस होती है। आपको अकेले आइसोलेशन में पड़ना पड़ता है। ये इसका सबसे बड़ा ड्रॉबैक भी है। ठीक है? वहीं पर सबसे बड़ा एडवांटेज है। क्यों? बिकॉज़ वी ह्यूमंस आर सोशल एनिमल। हमें लोगों से मिलकर रहना ही हमारा असली नेचर है। हमें काम करने जाना होगा तो हम अकेले काम नहीं करेंगे। हमें लोगों के साथ काम करना है। हम कॉलेज जाएंगे, स्कूल जाएंगे तो हमें लोगों के बीच में ही रहना है। तो अगर आप किसी ऑफलाइन सेंटर जाते हैं, ट्यूशन भी जाते हैं तो वहां पे आपको दोस्त बनेंगे। उनसे बॉन्ड शेयर होगा और वही चीज आपको सालों साल याद रहेगी। तो ये एक बहुत अच्छा फैक्टर है सोशलाइजिंग का इस वाले पार्ट पे ऑफलाइन सेंटर्स पे। लेकिन एक चीज याद रखना ये एक बहुत कॉमन मिस्टेक है जो मैंने अपने हाथों देखी है। अपनी आंखों होते देखी है बहुत सारे बच्चों के साथ। सोशलाइजिंग इज अ पावर। पावर कम्स विद अ ग्रेट रिस्पांसिबिलिटी। दोस्तों का बॉन्ड बनाना सबसे खूबसूरत चीज है। लेकिन वो अगर डिस्ट्रैक्शन में कन्वर्ट हो जाए तो उस चीज को आपको जरूर ध्यान रखना पड़ेगा। देखो आपने किसी ऑनलाइन ऑफलाइन इंस्टट्यूट में या ट्यूशन में जाने का जो पर्पस होगा वो अच्छे मार्क्स लाना और अच्छा स्कोर करना था। ठीक है? आपने अच्छे दोस्त बनाए। अब थोड़े टाइम बाद आप बंक मारने लग गए। ज्यादा घुलने मिलने लग गए। आप क्लासेस ले नहीं रहे हो। क्लासेस के बीच में बातें करते जा रहे हो। तो आपका जो मेन पर्पस था वहां आने का वो तो खत्म ही हो गया। तो ये जो भी बच्चा ऑफलाइन सेंटर जा रहा है तो इस चीज का विशेष ध्यान दीजिए। ये जबकि बेनिफिट ही है। मैं इसको एज अ क्रिटिसाइज नहीं कर रहा हूं। ये बहुत अच्छा पॉइंट है। इनफैक्ट मुझे भी बहुत पसंद है फिजिकली सब बच्चों से मिलना। लेकिन इस चीज का जरूर ध्यान रखिए जब वो ऑफलाइन जा रहे हैं। दोस्त बनाएं लेकिन उनको डिस्ट्रैक्शन कभी ना बनने दें। ठीक है? इसी चीज को कहीं ना कहीं हमने सॉल्व करने की कोशिश करी है कि हम अपने एंड पे कितना सॉल्व कर सकते हैं। तो वी इनिशिएटेड विद टू आवर वन ऑफ द बेस्ट इनिशिएटिव्स दैट इज परचम। परचम एक वो इवेंट है जहां पर सारे बच्चे जो हमसे पढ़ते हैं साल भर और हम जिन्हें पढ़ाते हैं, हम उनसे फिजिकली मिल पाते हैं इन इवेंट्स में। इतना ज्यादा तुम्हारा प्यार मिला इस इवेंट में। आई कांट इवन एक्सप्रेस विद माय वर्ड्स। ये तुम देखो कितने सारे लोग सबसे मिला, उनकी पर्सनल बातें सुनी। उनके क्या-क्या पॉइंट्स थे? उनको कैसा फील हुआ? फोटोस खिंचवाई हमने साथ में। बहुत सारे मजे किए, इवेंट्स किए और बहुत ही मजेदार इवेंट था। जो तुम लोगों ने मीम्स बनाए हमारे हमने वो सामने चला के हमारे एक्सप्रेशनंस भी दिए। तो ये बहुत ही प्यारा इवेंट होता है और हम बहुत सारे शहरों में जाकर इसको करते हैं। और जब भी हो अगली बार तो मिलना जरूर। चाहे आप कोई भी सेंटर से हैं और अगर आप हमें वन शॉट भी देखते हैं, YouTube पे भी देखते हैं तो जरूर आना मिलने। वी विल बी मोर देन हैप्पी टू वेलकम यू ऑल। ठीक है? दूसरा इनिशिएटिव जो हमारा सबसे बड़ा और सबसे लेटेस्ट इनिशिएटिव है और वो अभी तक पूरे इंडिया में कोई नहीं कर रहा है और ये हमने चालू किया दैट इज पराक्रम। पराक्रम तीन दिनों के लिए मैं पर्सनली इसका पार्ट था। हम एक ही होटल में सारे बच्चे और उनके पेरेंट्स के साथ हम रुके थे। हम अपने-अपने रूम्स में थे और उसके बाद हम लोग खाना खाने मिलते थे। हम लोग साथ में बैठते थे। बहुत सारे गेम्स खेलते थे और बहुत ही ज्यादा मजे करते थे। इनफैक्ट इस स्टोर में सिर्फ हम लोग मजे करने नहीं आए थे। हम बहुत कुछ सीखे भी। 140 करोड़ लोगों में इतने कितने लोग होंगे जो पार्लियामेंट के अंदर गए होंगे? हम उनमें से कुछ लोग हैं और ये लोग कौन हैं? जो प्रारंभ या आरंभ का पार्ट थे स्टूडेंट्स थे जो बैच में और जिन्होंने अच्छा परफॉर्म किया है थ्रूआउट दी ईयर। उनमें से हमने कुछ बच्चों को सेलेक्ट किया। हमने उनको पार्लियामेंट घुमाया। ये जेएलएन स्टेडियम है। बहुत बड़ा स्टेडियम जहां पे कॉमनवेल्थ हुए थे दिल्ली के अंदर। कॉमनवेल्थ गेम्स हुए थे। ये वहां का फोटो है। हम पार्लियामेंट गए, लोकसभा, राज्यसभा देखा, पुराना नया पार्लियामेंट, राष्ट्रपति भवन देखा, हाई कोर्ट देखा, आईएएस ऑफिसर्स से मिले और ना जाने क्या-क्या। तो हम तीन दिन तक लगातार मिले और एक बहुत ही अच्छा इवेंट था और ये सोशलाइजिंग करने के हमने दो तरीके निकाले। हां, ऑफलाइन सेंटर जितने ज्यादा सोशलाइजिंग नहीं है। लेकिन फिर भी हम जितना कर सकते हैं, उतनी हम कोशिश करते रहते हैं। ठीक है? नेक्स्ट पॉइंट है, एक बहुत ही इंपॉर्टेंट पॉइंट। धूप अभी बहुत ज्यादा पड़ रही है। बीच में बरसात आएगी और एंड के ईयर में आपको ठंड का भी सामना करना पड़ेगा। तो आप किसी भी कंडीशन में हैं। आपको बहुत ज्यादा इन चीजों से निकल कर जाना ही पड़ेगा। भले आपका मन हो चाहे ना हो। जैसे मैं जब जाता था तो मुझे भी बहुत गर्मी लगती थी। जब मैं समर हॉलिडेज के टाइम पे क्योंकि मेरे टाइम पे ऑनलाइन लेक्चर्स नहीं हुआ करते थे। तो मैं फिजिकल कोचिंग जाया करता था। तो वहां पे धूप हो, पसीना हो, कुछ भी हो, आपको करके सब जाना ही पड़ता है। यहां पे एक थोड़ा सा बेनिफिट इसमें मिलता है कि आप अपने कंफर्ट ज़ोन में रहकर अपना एक स्टेट स्टडी एरिया बना सकते हो। बहुत कोजी सा। बारिश होगी तो बारिश देखते-देखते बगल में अपनी क्लास खोल के पढ़ सकते हो। अपने कंफर्ट ज़ोन से काम कर सकते हो। तो ये एक बहुत अच्छी चीज है कि आपको इन सारे एक्सट्रीम वेदर कंडीशंस का सामना नहीं करना पड़ता। ठीक है? तो ये क्या होता है ना कि एक इंसान की पूरी एनर्जी को भी ड्रेन कर लेता है। अगर आप बहुत धूप में ट्रैवल करके जा रहे हैं और

### Segment 3 (10:00 - 15:00) [10:00]

फिर धूप से पसीने में लदे हुए हैं और फिर पढ़ना पड़े तो कई बार आपकी एफिशिएंसी को गवा देते खराब कर देता है। पर बहुत सारे बच्चे करते हैं। ऐसा नहीं है कि इट्स नॉट डूएबल। तो आप बिल्कुल इस चीज का ध्यान रखें। ठीक है? यहां पे एक बस बेनिफिट इस चीज का होता है कि आप तुरंत से कर सकते हो एनी वेदर कंडीशंस पे। ठीक है? फिर आता है आपके पास एक बहुत ही इंपॉर्टेंट पॉइंट। और मुझे लगता है ये सबसे गोल्डन पॉइंट है क्योंकि ये पर्सनली मैंने फेस किया है। मैं जब अपने 12th क्लास में था तो मेरी स्कूल की छुट्टी होती थी तीन मतलब छुट्टी होती थी कुछ 2:30 बजे के आसपास और मेरी वैन जो थी मुझे 3:15 पे मेरे घर छोड़ती थी। मेरे पास ओनली लाइक 40 टू 45 मिनट्स होते थे क्योंकि 4:00 बजे मेरा कोचिंग होता था। है ना? तो मैं 3:15 पे घर पहुंचता था स्कूल ड्रेस में। मैं जैसे ही आता था घर में बैग फेंकता था। सारी स्कूल ड्रेस वगैरह निकालता था, कपड़े पहनता था और कपड़े पहनते-पहते खाता था और मैं भागता था क्योंकि मैं बस से ट्रैवल करके कोचिंग जाता था और मेरी कोचिंग थी मुझसे 11 कि. मी. दूर। तो बस नहीं मिली छूट गई तो हर दिन कभी ना कभी 15 मिनट मेरी क्लास मिस होती थी। ट्रैफिक में या कहीं ना कहीं अगर आप अपनी खुद की व्हीकल से भी जाते हैं तो भी आपको ट्रैफिक का सामना करना पड़ेगा क्योंकि सबके कोचिंग का टाइम वही होता है। ऑफिस टाइम्स के आसपास ही वो होता है। तो ये बहुत बड़ी प्रॉब्लम हो जाती है। टाइम आपका बहुत ज्यादा खपता है इस चीज में। ठीक है? वहीं पर ऑनलाइन में ऐसा है कि अगर वही मेरी क्लास अगर 4:00 बजे घर बैठे-बैठे होती तो मैं 45 मिनट्स में आराम से अपना काम करता, आराम से अपना खाना खाता। शायद 15 मिनट में आराम भी करता कपड़ेपड़े चेंज करने के बाद और फिर एक रिलैक्स माइंड से वीडियो चालू करता और अपना पढ़ने बैठ जाता। तो यहां पर एक बेनिफिट तो इस चीज का जरूर है। ठीक है? तो ये चीज आपका समय बहुत बचाती है और क्लास खत्म हुई। आप अपने घर में ही हो। यहां पे क्लास खत्म होगी तो आप अलग आधा घंटा एक घंटा जो है ट्रैवल करके फिर घर पहुंचोगे। पर इसका एक और फायदा बताऊं? पर्सनल बता रहा हूं। इसका एक फायदा था कि क्लास के बाद दोस्तों के साथ चाऊमीन खाने को मिलती थी। तो वो चीज़ यहां पे मिस हो जाएगी। लेकिन होगी। लेकिन एक काम कर सकते हो अगर तुम्हारे सारे ही दोस्त ऑनलाइन पढ़ रहे है। तो क्लास के बाद मिल के चाऊमीन खाने जाया करना। ठीक है? समझ आ गया? तो ऐसे करके तुम कुछ हैक बना सकते हो। अगर तुम्हें इसके मजे लेने हो तो। है ना? बाकी इसमें तुम्हारे क्या बेनिफिट्स है वो तुम जानते ही हो। ठीक है बच्चे? क्लियर है? नाउ एक बहुत इंपॉर्टेंट बात आप अगर कोई मामा की शादी, कहीं भी कोई बुआ की शादी है, तुम्हारे भाई की शादी है, बहन की शादी है। तुम्हारी बहुत सारी छुट्टियां हो गई। ऑफलाइन क्लासेस में ये सबसे बड़ा प्रॉब्लम है छूटा टॉपिक तो छूटा। और पता है क्या होता है सबसे ज्यादा ड्रॉप आउट्स कब होते हैं? जब आप किसी चीज को कवर नहीं कर पाते कि दो चैप्टर चले गए या एक चैप्टर की पांच क्लासेस चली गईं। तो अब आप उसको कवर ही नहीं कर पा रहे। ना उस क्लास को ले पा रहे हो और टीचर अलग से बैठ नहीं रहा है आपको समझाने के लिए वो चीज। वो चीज गई तो गई। अब वो बोल रहा है कि अलग से संडे को आना। संडे को तुम जा नहीं पा रहे और संडे को वही अवेलेबल नहीं है। तो बहुत सारी प्रॉब्लम होती है इसके अंदर और बहुत बड़े-बड़े कुछ इंस्टट्यूट्स हैं जिनकी लाइव रिकॉर्डिंग चलती है। जैसे जिस जगह पे मैं पढ़ाता था वहां पे लाइव रिकॉर्डिंग्स अवेलेबल होती थी। तो कुछ बच्चों को उसका बेनिफिट मिल जाता था। लेकिन हर जगह पे अवेलेबल नहीं होता है। तो ये चीज एक सबसे बड़ा प्रॉब्लम है। ये प्रॉब्लम आपको यहीं पे सॉल्व हो जाता है। आप ट्रैवल कर रहे होगे तब भी आप क्लास ले सकते हो। आपको मिस करने की जरूरत नहीं है। आप किसी भी मोमेंट पे हो, किसी पार्टी में हो, अगर आपके पास आप फ्री हो, तो आप उस टाइम पे क्लास ले सकते हो। अगर किसी कारणवश आप नहीं भी ले पा रहे हो, तो आप किसी भी टाइम रात को 2:00 बजे, सुबह 5:00 बजे, दोपहर में 3:00 बजे कभी भी चाहो आप पूरी क्लासेस देख सकते हो। एवरीथिंग इज़ रिकॉर्डेड थ्रूउ दी ईयर। पूरे साल भर जब तक आपका पेपर नहीं हो जाएगा, तब तक आपके पास इस चीज का एक्सेस होगा। ये चीज का बेनिफिट भी इधर आपको मिलेगा। ठीक है बच्चे? समझ आया? एक और चीज़। देखो अब क्वालिटी की बात करते हैं। मैं क्यों क्वालिटी पे आ रहा हूं? ये एक बहुत बड़ा फैक्टर है। यहां पे ना मैं आपको एक बहुत स्फेयर एंड स्क्वेयर चीज बताता हूं बेटा। क्या होता है ना बहुत सारे आप टशंस की बात करो। बड़े कोचिंग्स की नहीं बात कर रहा। बड़े कोचिंग्स में टीचर्स बहुत अच्छे होते हैं। बहुत अच्छे टीचर्स होते हैं और बहुत क्वालिफाइड एक्सपीरियंस भी होता है इनफैक्ट उनको। कि मैं खुद से भी खुद भी बहुत सारे लोगों से मिलता हूं। मुझे बहुत क्वालिफाइड लोग मिलते हैं वहां पे। लेकिन अगर आप किसी आसपास के ट्यूशन पे जा रहे हैं, तो उधर आप डेमो जरूर लेना। ठीक है? मैं बताता हूं क्यों। बहुत सारे लोग ट्यूशन खोलते हैं अपनी पर्सनल मजबूरी की वजह से कि उनके घर में कोई आर्थिक स्थिति की खराबी होगी या उनको पैसों की जरूरत है तो उन्होंने बच्चों को पढ़ाना चालू कर दिया। ये प्रॉब्लम नहीं है। मैं किसी को भी पॉइंट आउट नहीं कर रहा इस चीज पे। लेकिन उनकी मजबूरी को हम हमारे कर्तव्य हमारा जो पूरा जो गोल है, हमारा जो पूरा करियर है उसको हम दांव पे थोड़ी लगा सकते हैं किसी मजबूरी के लिए। अगर वो एक बहुत अच्छे टीचर हैं। उनका सोल पर्पस अगर पढ़ाना ही है तो वो कभी भी अपनी टीचिंग के साथ इनजस्टिस नहीं करेंगे। लेकिन कोई इंसान उस चीज को एज अ पार्ट टाइम अगर समझता है ना कि यार मेरे को तो कॉलेज जाना है या मुझे जॉब जब तक नहीं मिल जाती तब तक मैं पढ़ा लेता हूं। अगर वो इस इंटेंट के साथ अगर काम कर रहे हैं और मान लीजिए वो अच्छा नहीं करते हैं। उनका इंटेंट उतना क्लियर नहीं है। आपके करियर पे उसका एक बहुत सीरियस इंपैक्ट हो सकता है। ठीक है? तो बहुत बड़ी-बड़ी कोचिंग में तो अच्छे टीचर्स होते हैं। लेकिन मैं बात कर रहा हूं आसपास के कोचिंग सेंटर्स या आपके सॉरी छोटे-छोटे कोचिंग सेंटर्स या टशंस की बात कर रहा

### Segment 4 (15:00 - 19:00) [15:00]

हूं। हर एक इंसान अपनी कोचिंग खोल लेता है। छोटी-छोटी उसमें कुछ लोग बहुत क्वालिफाइड होते हैं। बहुत अच्छे होते हैं। जिनका नाम बड़ा नहीं होता लेकिन टीचर बहुत अच्छे होते हैं वो। यही आपको चेक करना जरूरी है। ऑनलाइन में पता है क्या है? मैं आपको बहुत फेयर बात बताता हूं। अगर आप अच्छे हैं ना तो आपको व्यूज आ ही जाएंगे। अगर आप खराब है ना तो आपको जनता तुरंत से निकाल देगी। इट्स लाइक पब्लिक ओपिनियन बहुत जल्दी मिलता है। अगर यहां पे आपको टीचर पसंद नहीं आएगा ना आप मुंह पे नहीं बोल पाओगे कि अरे आपका समझ नहीं आ रहा सर। यहां पे कोई शर्म नहीं है। घर बैठे-बैठे जो लिखना है लिख सकते हो। तो जो भी लोग टॉप लोग हैं ना इस इंडस्ट्री के वो ऑलरेडी बहुत लोगों द्वारा पसंद किए जा चुके हैं ऑलरेडी। जैसे तुम लोग हमें इतना प्यार करते हो। तो मैं इस चीज को ऐसा नहीं कह रहा हूं कि मैं कुछ फ्लेक्स कर रहा हूं या कुछ बता रहा हूं। पर आप लोग ऑलरेडी मुझे पसंद करते हो क्योंकि ऑलरेडी बहुत लोगों ने मेरा टीचिंग एक्सपीरियंस कर रखा है। ये चीज का बेनिफिट तुरंत से मिल जाता है कि तुरंत आपको पता चल जाएगा जो अच्छा टीचर होगा उसकी वीडियो सबसे ऊपर आ जाएगी और बहुत वीडियोस होती हैं सेम चैप्टर की लेकिन सबको सारी नहीं देखी जाती है। तो ऑनलाइन में आपके लिए छांटना बहुत आसान है कौन अच्छा है कौन नहीं है। यहां पे आपको वर्ड ऑफ माउथ पे जाना पड़ेगा। आपके सीनियर्स से पूछना पड़ेगा कि कौन सी कोचिंग अच्छी है। उनके एक्सपीरियंस पे आप ज्यादा जाना खुद से ट्राई करना थोड़ा सा अवॉइड करना। ठीक है? आपके करियर की बात है ये। तो क्वालिटी के लिए बहुत अच्छी बात रखना। अब इसका अगर रियल लाइफ चीज समझनी हो कि इसको कैसे तय करें तो आप लीजिए डेमो। हमारे फर्स्ट फ्री लेक्चर्स अवेलेबल हैं। वन शॉट्स अवेलेबल हैं। जब चाहो तब देखो नहीं अच्छा लगता दूसरे ऑप्शंस देखो। बहुत सारे टीचर है जाकर देखो। जो पसंद आ रहा है उससे पढ़ो। ठीक है? लेकिन उसका हाथ एंड तक थामना। दूसरा आपको ऑफलाइन सेंटर्स ट्यूशन में भी डेमो मिलता है बेटा और कोई डेमो ना दे तो आप रिक्वेस्ट करो सबसे कि आपको डेमो जरूर दें। अगर आपको दो-तीन क्लास का डेमो मिलता है तो आपके पास एक ओपिनियन होगा कि हां यार ये अच्छा पढ़ा रहा है ये अच्छा पढ़ना ही पढ़ा रहे हैं तो आप उसके बेसिस पर डिसीजन ले पाओगे क्योंकि दो चीजें आपकी लगती है करियर और पैसा और दोनों ही आप किसी गलत जगह नहीं लगा सकते। ठीक है? सोच समझ के अपना पैसा इस्तेमाल करें और करियर दांव पे लगाएं। ठीक है बेटा। समझ आया? ये कुछ बेसिक-बेसिक डिसीजंस हैं। लेकिन अब सर इसको कंक्लूड करें तो क्या बोलोगे? देखो कंक्लूजन बहुत सिंपल है दोस्त। इफ यू वांट टू सेव मनी इफ यू वांट जस्ट फोकस पढ़ाई कि देखो आप हमारे रिजल्ट्स देखते ही हो कि सारे रिजल्ट्स आपको हम ऑनलाइन पब्लिश करते हैं कि ये बच्चा पास हुआ ये बच्चा हुआ। सिर्फ फोकस के साथ पढ़ाई करनी है। समय बचाना है और कोई भी वेदर कंडीशंस पैसा बचाना है। वेदर कंडीशंस से प्रॉब्लम नहीं खानी है। समय बचाना है और सिर्फ फोकस के साथ पढ़ाई करनी है। सारे टॉप इंस्टट्यूट्स के साथ। तो आप यहां पर ये चीज ऑनलाइन मीडियम से पढ़ाई कर सकते हो। ठीक है? दूसरा ऑफलाइन की अगर मैं बात करूं ऑफलाइन में थोड़े पैसे ज्यादा लगेंगे। तो इफ यू आर वेल्थी इफ यू आर के लाइक आप अफोर्ड कर सकते हो। अगर आपको थोड़ा सा है कि नहीं भैया आई मैं अकेले बैठ के नहीं पढ़ पाता। मुझे कोई सामने बैठ के पढ़ा दे या मेरे को दो-चार दोस्त भी मिले ना तो मेरे को अच्छा लगता है। और अगर मुझे टाइम का इशू नहीं है तो आप इस चीज को ध्यान में रख के करना। ठीक है? इसके अपने फायदे हैं। और चॉइस आपकी है। ठीक है? इनफैक्ट बहुत सारी चीजें अवेलेबल हैं। बहुत सारे रिसोर्सेज हैं। जाइए हमारे रिसोर्सेज हैं। हमारा बैच है उसको भी एक्सप्लोर करिए। दूसरों के भी है। जो पसंद आए वो आपके लिए बेस्ट होगा। क्योंकि हम एज अ टीचर ना सिर्फ मैं लेकिन जितने भी टीचर हैं चाहे वो ट्यूशन वाले हों, ऑफलाइन सेंटर्स हों, हम कभी भी नहीं चाहेंगे कि तुम लोगों का करियर कोई भी इंसान खराब करे। ठीक है? कि आप किसी और जगह से पढ़ते हैं और आपके नंबर अच्छे आते हैं। वी विश यू ऑल द वेरी बेस्ट एंड वी विल ऑलवेज लव यू एंड ब्लेस यू ऑल। भले आप कहीं से भी हो। ठीक है? विश यू ऑल द वैरी बेस्ट गाइस। आई होप कि ये वीडियो तुम्हें इनफेटिव लगा होगा और तुम्हें शायद एक डिसीजन लेने पे मदद करे। अगर तुम्हें लगता है कुछ और ओपिनियन लगता है कि भैया आप बायस्ड हो गए कहीं पे या कुछ हो गया। कुछ पॉइंट्स मिस हो गए तो आप और बच्चों को कमेंट में बताना कि भैया ने ये वाला मिस कर दिया पॉइंट। इस वाले पॉइंट में भी आपको बेनिफिट मिल सकता है किसी न किसी चीज में। ठीक है? आप अपने ओपिनियन भी दीजिए एंड आई विश कि आपको ये वीडियो अच्छा लगा होगा और मिलते हैं बहुत जल्द ख्याल रखिएगा बाय टेक केयर एवरीवन।
