# Successful Trading के ये 4 Trading Tips | @NitinMurarkaNifty | Stock Market | Josh Talks Hindi

## Метаданные

- **Канал:** जोश Talks
- **YouTube:** https://www.youtube.com/watch?v=IiQxvSSmkPA
- **Дата:** 16.05.2026
- **Длительность:** 13:29
- **Просмотры:** 49,509

## Описание

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"क्या स्टॉक मार्केट सिर्फ किस्मत का खेल है या फिर गहरी रिसर्च और अनुशासन का नतीजा? मिलिए नितिन मुरारका से, जिन्हें दुनिया 'निफ्टी के निशानेबाज' के नाम से जानती है।"

जोश टॉक्स के इस पावरफुल एपिसोड में नितिन मुरारका अपनी उस अनकही कहानी को साझा कर रहे हैं जो उन्होंने आज तक किसी प्लेटफार्म पर नहीं बताई। बिहार के एक छोटे से गांव से अपनी शिक्षा शुरू करने वाले नितिन का जीवन तब बदल गया जब वे सीए फाइनल्स के एग्जाम में दो बार फेल हो गए। एक डॉक्टर और इंजीनियरों से भरे शिक्षित परिवार के दबाव के बीच, उन्होंने ट्रेडिंग में अपना रास्ता खोजने का फैसला किया।

गुड़गांव में नाइट शिफ्ट में यूएस स्टॉक मार्केट (Nasdaq) में ट्रेडिंग सीखने से लेकर एसएमसी ग्लोबल में अपने मेंटर के लिए भारी भरकम किताबों की समरी लिखने तक, नितिन का सफर कड़ी मेहनत की मिसाल है। आज वे ज़ी बिज़नेस के एक लोकप्रिय चेहरे हैं और रिटेल ट्रेडर्स को सिखा रहे हैं कि कैसे निफ्टी ऑप्शंस में डेटा ड्रिवन एप्रोच (PCR, VWAP) के साथ सफल हुआ जा सकता है।

इस वीडियो में आप नितिन मुरारका से सीखेंगे:

* सीए फेलियर से सफलता तक: दबाव में खुद को कैसे संभालें और नया करियर कैसे चुनें।
* निफ्टी पर फोकस: क्यों 25 स्टॉक्स के बजाय सिर्फ एक इंडेक्स पर महारत हासिल करना बेहतर है।
* 90% बनाम 10%: सेबी के डेटा के खिलाफ जाकर ऑप्शन बाइंग में प्रॉफिट कैसे बनाएँ।
* एंट्री का महत्व: सही समय पर एंट्री आपके एग्जिट को कैसे आसान बना देती है।
* माइंडसेट का जादू: क्यों ट्रेडिंग में 80% रोल आपके दिमाग और भावनाओं के नियंत्रण का है।

नितिन मुरारका की यह कहानी आपको सिखाएगी कि मार्केट में टिके रहना ही सबसे बड़ी जीत है।

"They call him the 'Nifty ke Nishanebaaz'. But behind the success lies a journey of multiple failures, relentless reading, and 20 years of dedication."

In this exclusive Josh Talk, Nitin Murarka opens up about his life journey. Starting from a humble village in Bihar to becoming a regular face on Zee Business, Nitin’s path was not easy. After failing the CA Finals twice, he faced immense family pressure but found his true calling in the stock market.

From trading Nasdaq stocks in night shifts to summarizing expensive trading books for his mentor at SMC Global, Nitin spent a decade "living and breathing" Nifty. Today, he helps retail traders navigate the complex world of Option Buying by simplifying data driven strategies.

Key Highlights from this Session:

* The Power of Specialization: Why he chose to trade only Nifty for the last 10 years.
* Psychology vs Indicators: Understanding the 80/20 rule in trading success.
* Survival is Victory: Why staying in the market is more important than chasing quick money.
* Decoding Option Buying: Moving beyond the 90% failure rate with proper learning and discipline.
* The Reality of Screenshots: Why you should prioritize education over social media profit flexes.

If you are a trader struggling to find your edge, Nitin’s "Marksman" approach will provide you with the clarity needed to conquer Nifty.

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“If you want to do something big in life, all you need is Josh”

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## Содержание

### [0:00](https://www.youtube.com/watch?v=IiQxvSSmkPA) Segment 1 (00:00 - 05:00)

जॉब छोड़ने के बाद मैंने अपनी ट्रेडिंग चालू करी। मेरे पास करीब सेविंग हुआ करते थे। 4- 55 लाख की सेविंग थी उस टाइम। 4- 55 लाख से वो कैपिटल मेरा एक साल में ग्रो हो करके करीब 10 लाख के आसपास हो गया। तो मुझे यह लगा कि ट्रेडिंग से वाकई में पैसे बनाए जा सकते हैं। मुझे जो निफ्टी के निशानेबाज बोला जाता है। इसके पीछे मेन है कि मैं निफ्टी पे हमेशा प्रैक्टिस करता रहा, फोकस करता रहा। तो, मेरी लाइफ की ये चार-प लेसंस रहे जो मैंने स्टॉक मार्केट से सीखे। एक तो स्टॉक मार्केट में नमस्कार दोस्तों, मैं हूं नितिन मुरारका और आप सभी मुझे जानते हैं निफ्टी के निशानेबाज से और मैं मेरी जो एक्सपर्टीज है वो निफ्टी ऑप्शंस पे है और खासतौर से निफ्टी ऑप्शंस बाइंग में है। सेबी का डाटा यह बोलता है कि 90% ऑप्शन बयर लॉस करते हैं। बट जो मेरी रिसर्च है, मेरा एनालिसिस यह बोलता है कि निफ्टी में 6070% बायर ऑप्शन में प्रॉफिट बना सकते हैं। ब जरूरत है आपको सीखने की, जरूरत है उसमें मेहनत करने की, बट यह जरूर है कि निफ्टी ऑप्शन से पैसा बनाया जा सकता है। मैं किस तरीके से निफ्टी ऑप्शंस के निशानेबाज बना। आज मैं जो स्टॉक के इस प्लेटफार्म के माध्यम से आप सभी के साथ मैं वो स्टोरी शेयर करने आया हूं जो मैंने आज तक किसी भी प्लेटफार्म पे शेयर नहीं किया। आपने मुझे कई प्लेटफार्म पर देखा होगा। बहुत सारे YouTube चैनल्स पर देखा होगा। जी बिनेस पे भी आप मुझे रेगुलर देखते हैं। बट किस तरीके से मैंने अपनी ये जर्नी पूरी करी इसके बारे में मैं आज आप सभी के साथ बातचीत करने आया हूं। मेरी जो प्राइमरी एजुकेशन है वो एक बहुत छोटे से गांव बिहार से चालू हुई और क्लास सेवंथ तक मेरी प्राइमरी एजुकेशन एक गवर्नमेंट स्कूल से हुई। छोटा स्कूल होने के कारण छोटे जगह होने के कारण पेरेंट्स ने मुझे बोर्डिंग स्कूल में डाल दिया और उसके बाद मेरी जो मेन एजुकेशन है क्लास 10थ एंड क्लास 12th की एजुकेशन बोर्डिंग स्कूल से हुई जो बोधगया में है और 12th के बाद मैंक चला गया।क में मैंने सीए की पढ़ाई स्टार्ट करी और जब मैं सीए की पढ़ाई कर रहा था उसी समय मेरा स्टॉक मार्केट की तरफ इंटरेस्ट जगा। सीएफ इंटर करने के बाद जब मैं फाइनल्स में था और फाइनल्स का एग्जाम जब हम दे रहे थे तो दो बार फाइनल्स के एग्जाम में मैं फेल हो गया। अब स्ट्रगल बहुत थी। फाइनल्स के एग्जाम में जब आप फेल होते हैं तो आपको हर तरीके से प्रेशर होता है। मेरा फैमिली बैकग्राउंड काफी एजुकेटेड बैकग्राउंड था। मेरे जो ग्रैंडफादर थे वो डॉक्टर थे। मेरे जो कजन फैमिली थी सभी इंजीनियर्स और काफी क्वालिफाइड तो मेरे ऊपर बहुत प्रेशर क्रिएट हो गया था फैमिली की तरफ से कि आपको भी जल्दी-जल्दी सीए निकालना है। बट किसी कारण से सीए में मैं क्वालीफाई नहीं हो पा रहा था। उस समय मेरे दिमाग में आया कि कुछ किया जाए और अपनी अर्निंग्स के ऊपर फोकस किया जाए। तो मेरा एक दोस्त हुआ करता थाक में और उसको मैंने बोला कि भाई किस तरीके से कुछ किया जाए ताकि हम अर्निंग बना पाएं और वो शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करते थे। जब हम हमारा डिस्कशन हुआ तो उसने उस समय मुझे दो स्टॉक के बारे में बताया। एक यूवी होल्डिंग और एक गोल्डियम। मेरे पास कुछ सेविंग थी। उस सेविंग से मैंने उसमें पैसे इन्वेस्ट किए और संजोग से मुझे बहुत अच्छा प्रॉफिट मिला। वहां से मेरी जर्नी चालू हुई। मुझे ऐसा लगा कि शेयर मार्केट में प्राइस के जो मोमेंटम है, जो बहुत शॉर्ट टर्म फ्लक्चुएशन है, इसे अगर स्टडी किया जाए और कैच किया जाए तो हम बड़ा प्रॉफिट बना सकते हैं। और वही मेरा स्टार्टिंग पॉइंट था जहां से मैंने शेयर मार्केट की तरफ इंटरेस्ट जगा। 2004 में मेरा सीए कंप्लीट हुआ और 2004 में जब मैंने सीए का एग्जाम दिया उसके बाद जस्ट मैं दिल्ली आ गया और दिल्ली में मैंने तलाश करने लगा वैसे जॉब के जहां पे मुझे ट्रेडिंग रिलेटेड कुछ अपॉर्चुनिटीज मिले और एक ऐसी कंपनी मिली जो यूएस में ट्रेड किया करती थी प्रोंटो आई सर्विज के नाम से वो कंपनी थी और वो गुड़गा गुड़गांव में वहां पे हम लोग नाइट के जॉब नाइट शिफ्ट में जॉब करते थे और करीब ये शाम को 6:00 बजे से लेके रात के 12:00 बजे के आसपास की जॉब प्रोफाइल थी और इसमें हम nसdc लिस्टेड स्टॉक्स में काम करते थे। Microsoft, Apple, Google की लिस्टिंग उस समय हुई थी। तो वहां से मेरे टेक्निकल एनालिसिस की जर्नी चालू हुई और प्राइस पैटर्न, प्राइस के मूवमेंट को मैंने सीखना चालू किया। यह करीब एक साल तक हमारी ये जॉब चली। रात में हम nसdc में ट्रेड करते थे और दिन में मैं निफ़ी में ट्रेड किया करता था। तो, काफी अच्छी लर्निंग रही। वो 1 साल के पीरियड में और यह जो बात है यह 2005 20045 के आसपास की बात है। बट संजोग से एक साल में वह कंपनी बंद हो गई और उसके बाद फिर मैंने दूसरी कंपनी जॉइ करी एज अ फंडामेंटल रिसर्च एनालिस्ट और वो कंपनी भी गुड़गांव में मैंने ज्वॉइ करी और वो इवैल्यू सर्व थी और उसमें करीब 6- 8 महीने के बाद मैंने वो जॉब छोड़ दी। रीज़न ये था कि वहां पे फंडामेंटल एनालिसिस करनी थी और मेरा जो कोर इंटरेस्ट था वो ट्रेडिंग में था। मेरा मन जो लगता था। तो वो जॉब छोड़ने के बाद मैंने अपनी ट्रेडिंग चालू करी। मेरे पास करीब सेविंग

### [5:00](https://www.youtube.com/watch?v=IiQxvSSmkPA&t=300s) Segment 2 (05:00 - 10:00)

हुआ करते थे। 45 लाख की सेविंग थी। उससे मैंने ट्रेडिंग चालू करी। वो 45 लाख से वो कैपिटल मेरा एक साल में ग्रो हो करके करीब 10 लाख के आसपास हो गया। तो मुझे यह लगा कि ट्रेडिंग से वाकई में पैसे बनाए जा सकते हैं। और ट्रेडिंग से आप लोग सभी भी पैसे बना सकते हैं। जरूरत है लर्निंग की, जरूरत है डिसिप्लिन की, जरूरत है इमोशन कंट्रोल की। माइंडसेट 80% है और ट्रेडिंग इंडिकेटर्स 20% काम करते हैं। तो वो जो जर्नी रही एक साल में उसने उस जर्नी में मैंने सीखा कि कैसे हम छोटे कैपिटल से भी बड़ा कैपिटल ऑप्शन ट्रेडिंग से बना सकते हैं। फिर मैंने ये सोचा कि चलो ये 8 10 लाख के कैपिटल से बहुत बड़ा कुछ काम होने वाला नहीं है। कोई ऐसी कंपनी जॉइन की जाए जहां पे हम बड़ा बड़े फंड्स पे काम कर सकें। और फिर मुझे मौका मिला एसएमसी ग्लोबल ज्वाइन करने का और 2006 में मैंने एसएमसी ग्लोबल ज्वाइन किया एज अ ऑप्शन ट्रेडर। वहां पर मेरा प्रोफाइल था ऑप्शन ट्रेडिंग का और हम लोग वोलेटिलिटी ट्रेडिंग किया करते थे और उस समय ऑप्शंस बस मार्केट में नई-नई आई थी। काफी लिमिटेड ऑप्शंस प्लेयर्स थे। तो वहां पे हम लोग मेरे पास एक टीम थी जिसके साथ हम लोग ऑप्शन ट्रेडिंग करते थे। निफ़ी ऑप्शंस, स्टॉक ऑप्शंस और उसके बाद फिर 2008 के आसपास मुझे टीवी में आने का मौका मिला एसएमसी की तरफ से और उसके बाद मैं जी बिनेस, NDTV, CNBC आवा इन सभी टीवी चैनल्स पे धीरे-धीरे अपने इंटरव्यूज देने लगा और वहां पे आने लगा। मेरी जो मेन टर्निंग पॉइंट या लर्निंग रही, मेरे मेंटर हुआ करते थे एसएमसी ग्लोबल में जो आज भी मेरे मेंटर हैं मिस्टर डी के अग्रवाल उन्हें बुक खरीदने का बहुत शौक था। वो जहां भी जाते थे वो बड़ी-बड़ी मोटी-मोटी बुक्स लेकर के आते थे। काफी कॉस्टली बुक्स आया करती थी स्टॉक मार्केट की। उस समय हमारी सैलरी भी इतनी नहीं होती थी कि वो हम बुक्स अफोर्ड कर सकें और वो हमें वो बुक्स दे के बोलते थे कि तुम ये बुक को पढ़ के इसकी समरी मुझे बताओ। अब जो ये आप समझ सकते हैं कि ऑप्शंस से रिलेटेड कई ऐसी बुकें हैं जो मैंने रीड करके उनको समरी दी और यह सिलसिला करीब-करीब एक साल तक चलता रहा। डीके सर ने पूरी लाइब्रेरी क्रिएट कर दी और वो पूरी लाइब्रेरी को रीड करके उसकी समरी हमने सर को बताई। अब वो मेरी एक बहुत बड़ी लर्निंग फेज रही क्योंकि आप समझ सकते हैं कि अगर एक साल तक आप सारी बुक्स को रीड करते रह और उसकी समरी अपने मेंटर अपने बॉस को बताएंगे तो आपकी लर्निंग कितनी होगी। तो वो एक बहुत बड़ी लर्निंग फेस रही और वहां से फिर मैंने कई ऐसी स्ट्रेटजी इवॉल्व करी जो हमारे प्रोपराइटरी डेस्क को काफी काम आई। फिर मुझे एक बहुत बड़ी टीम मिली एसएमसी में जो प्रोपराइटिटी डेस्क की टीम थी उसे लीड करने का मौका मिला और वहां से फिर मेरी ग्रोथ काफी तेजी से चलती रही। तो लर्निंग ये रही कि जितना ज्यादा अगर हम किसी सब्जेक्ट को स्टडी करते हैं उसके ऊपर टाइम देते हैं तो समय के साथ हमें काफी लर्निंग मिलती है और उसके साथ हम उसमें एक्सपर्टीज भी हासिल कर पाते हैं। मेन टर्निंग पॉइंट आया कोविड के आसपास। जब मैंने यह सोचा कि जो मैंने लर्निंग ली यह कैसे एक ले मैन के तक पहुंची जाए पहुंचाई जाए क्योंकि ऑप्शंस में ज्यादातर ट्रेडर्स बाइंग में लॉस करते हैं। ये सेबी का डाटा बार-बार आ रहा था। अब जो मैंने रिसर्च की थी वो सारा सारी की सारी रिसर्च थी ऑप्शन बाइंग के ऊपर। तो उस समय एक हमने 2019 में एक टेलीग्राम चैनल क्रिएट किया और उसमें जो भी लर्निंग्स थी वो लोगों के साथ शेयर करना चालू कर दिया और देखतेदेखते वहां पे करीब 2 लाख लोग हो गए और उसके बाद फिर एक YouTube चैनल भी क्रिएट किया नितिन मुरार का निफ्टी के निशानेबाज के नाम से और जो भी कांसेप्ट्स मैंने पिछले 20 सालों में लर्न किया था उस कांसेप्ट पे धीरे-धीरे एक-एक करके कंटेंट्स बना करके लोगों तक देना चालू किया। ऑब्जेक्टिव यह था कि ऑप्शन बाइंग में किस तरीके से एक रिटेल ट्रेडर पैसा बना पाए। क्योंकि यहां पे प्रॉब्लम एरिया ये थी कि जो रिटेल ट्रेडर हैं वो ऑप्शन बाइंग में 90% ऑफ द ऑप्शन बायर लॉस कर रहे थे। तो कुछ ऐसी टेक्निक्स मैंने बनाई जो पीसीआर डेटा वीवप मार्केट सेंटीमेंटल इंडिकेटर्स इनके ऊपर है और जिसकी एक्यूरेसी मुझे 60 70% लाइव मार्केट में मिल जाती है। तो ये सारे मेथड्स को फॉलो करते हुए धीरे-धीरे लोग मेरे साथ जुड़ते गए और आज हम लोग देख रहे हैं कि लाइव मार्केट में जहां सेबी का डाटा बोलता है कि 90% ऑप्शन बायर लॉस करते हैं वो इन मेथड्स को फॉलो करके हम करीब-करीब 60 टू 70% टाइम्स हम विनर्स होते हैं। तो पूरे यह मेरे जो जर्नी है इसमें लर्निंग सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट रही कि अगर आप सही डायरेक्शन में सही डेडिकेशन के साथ किसी सब्जेक्ट को लर्न करते हैं तो आप उससे बिल्कुल सक्सेस पा सकते हैं। मेरे सक्सेस का मेन राज है मुझे जो निफ्टी के निशानेबाज बोला जाता है। इसके पीछे मेन है कि मैं निफ्टी पे हमेशा प्रैक्टिस करता रहा, फोकस करता रहा और एक्सपर्टीज मैंने एक पर्टिकुलर इंडेक्स पे हासिल करी। आज के दिन में जो रिटेल ट्रेडर गलती क्या करते हैं वो एक साथ 10, 20, 25 स्टॉक्स पे फोकस करते हैं। जिसके कारण किसी भी एक पर्टिकुलर स्टॉक्स पे एक्सपर्टीज नहीं आ पाती है। मैंने फोकस किया केवल निफ्टी पे और पिछले 10 सालों से मैं केवल निफ्टी पे

### [10:00](https://www.youtube.com/watch?v=IiQxvSSmkPA&t=600s) Segment 3 (10:00 - 13:00)

ही ट्रेड कर रहा हूं। केवल निफ्टी को स्टडी कर रहा हूं। मैंने निफ्टी को जिया है। मैंने निफ्टी को हर पल देखा है और हर दिन निफ्टी पे मैं ट्रेड करता हूं। निफ्टी ऑप्शंस पे ट्रेड करता हूं। तो मेरा जो सक्सेस का राज है इसलिए मुझे निफ्टी के निशानेबाज अनिल सिंघवी जी ने ये नाम दिया जो जी बिनेस के मैनेजिंग एडिटर हैं क्योंकि उन्होंने देखा कि निफ्टी की एक्यूरेसी मेरी अच्छी थी। निफ्टी ऑप्शंस पे मैं अच्छे ट्रेड्स दे पा रहा था। इसलिए उन्होंने मुझे निफ्टी के निशानेबाज के नाम से एक शो चालू किया जी बिनेस में जिसमें मैं हर दिन आपको निफ्टी पे ट्रेड दिया करता हूं। तो मेरी लाइफ की ये चारप लेसंस रहे जो मैंने स्टॉक मार्केट से सीखे। एक तो स्टॉक मार्केट में पैसे कमाने से ज्यादा इंपॉर्टेंट है स्टॉक मार्केट में टिके रहना। आज के दिन में बहुत सारे लोग स्टॉक मार्केट में आते हैं। उनको लगता है कि पैसा तुरंत कमाया जा सकता है। बट यहां पे इंपॉर्टेंट है कि आप पैसे को बचाइए, पैसे को टिकाइए ताकि आप अगले दिन मार्केट में ट्रेड करने के लिए आपके पास कैपिटल हो। दूसरी बात ये जो ऑप्शन ट्रेडिंग है ये पूरा का पूरा माइंडसेट का गेम है। जो इंडिकेटर्स होते हैं बहुत सारे इंडिकेटर्स होते हैं बट इंडिकेटर्स का गेम 20% है। माइंडसेट का गेम 80% है। यानी कि आप कैसे इमोशन को कंट्रोल करते हैं। कैसे रिस्क मैनेजमेंट करते हैं। किस तरीके से आप अपने लॉस एंड प्रॉफिट को देखते हैं। तो कुल मिला के माइंडसेट बहुत इंपॉर्टेंट है। तीसरी चीज़ एक और मुझे बहुत इंपॉर्टेंट लेसन मिली कि मार्केट में एंट्री बहुत इंपॉर्टेंट है। अगर आपकी सही लेवल पर एंट्री होती है या आप स्टॉक्स खरीद रहे हैं या फिर आप ऑप्शंस खरीद रहे हैं तो आपका एग्जिट भी बेहतर होगा। जैसे कि मान लीजिए कभी पैनिकिक सिचुएशन चल रही है उस समय अगर आपने सस्ते स्टॉक्स खरीद लिए तो इसका मतलब आप उसे प्रॉफिट में काट के निकलेंगे। यानी कि एंट्री पे हमें फोकस करना चाहिए ना कि एग्जिट पे। एंट्री अच्छी होगी तो आपका एग्जिट भी अच्छा होगा। और चौथी चीज ये रही कि आप कभी भी बहुत बड़े-बड़े स्क्रीनशॉट्स आपको YouTube पे या अलग-अलग सोशल मीडिया पे दिखाए जाते हैं। आप देखते होंगे कि किसी ने 10 लाख का प्रॉफिट कमाया, किसी ने 20 लाख का प्रॉफिट कमाया। केवल स्क्रीनशॉट देख के स्टॉक मार्केट में नहीं आना चाहिए। अगर आप स्टॉक मार्केट में आ रहे हैं, तो लर्निंग सबसे इंपॉर्टेंट है। सीख करके लर्न करने के बाद आप उसे ऑब्ज़र्व कीजिए कि मार्केट कैसे बिहेव करती है? मार्केट के प्राइस बिहेवियर क्या है? मार्केट का ऑप्शन प्राइसिंग का क्या बिहेवियर है? यह बिहेवियर को सीखने के बाद छोटे-छोटे पैसे से आप स्टार्ट कर सकते हैं। अगर आपको लगता है कि नहीं मैं प्रॉफिट बना पा रहा हूं तो फिर आप और कैपिटल को इनक्रीस करके ऑप्शन मार्केट में ट्रेड कर सकते हैं। बट यह बिल्कुल सही बात है कि ऑप्शन से पैसा बनाया जा सकता है। जो सेबी का डाटा बोलता है कि 90% ऑप्शन बायर प्रॉफिट नहीं बना सकते। बट मेरी रिसर्च मेरा एक्सपीरियंस ये बोलता है कि ऑप्शन से बहुत अच्छे पैसे बनाए जा सकते हैं। इंपॉर्टेंट ये है कि आपकी लर्निंग होनी चाहिए और आप लर्निंग करते हुए कुछ डाटा ड्रिवन एप्रोच के साथ यानी कि डाटा के साथ अगर आप ट्रेड करते हैं टेक्निकल एनालिसिस को इंक्लूड करके ट्रेड करते हैं तो आप ऑप्शन मार्केट से बिल्कुल पैसा बना सकते हैं। तो यह थी मेरी स्टोरी जो मैंने आप सभी के सामने रखी और जो स्टॉक को मेरी तरफ से बहुत-बहुत धन्यवाद जो उन्होंने मुझे यह आज प्लेटफार्म प्रोवाइड किया आप सभी तक पहुंचने के लिए मुझे अपनी स्टोरी शेयर करने के लिए। थैंक यू वेरी मच जो स्टॉक और टू ऑल द ऑडियंस। थैंक यू नमस्कार।

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*Источник: https://ekstraktznaniy.ru/video/51160*