# Class 12 Geography | The World Population - Distribution, Density and Growth | Supriya Ma'am

## Метаданные

- **Канал:** Social School by Unacademy
- **YouTube:** https://www.youtube.com/watch?v=TahazMi9wzw
- **Дата:** 19.05.2026
- **Длительность:** 36:14
- **Просмотры:** 711

## Описание

Class 12 Geography | The World Population - Distribution, Density and Growth : Concepts + Important Questions | Supriya Ma'am

In this session, Supriya Ma'am will explain the concept of Population Distribution, Density, and Growth from the chapter The World Population - Distribution, Density and Growth, part of the Class 12 Geography syllabus. This topic is important for CBSE 2025-26 board exams. Watch the full session to understand the key concepts, population patterns, factors affecting population distribution, population growth trends, and important exam-based questions in detail.

 What You Will Learn in This Session:

✔️ Meaning of Population Distribution, Density & Growth
✔️ Factors Affecting Population Distribution
✔️ Areas of Dense and Sparse Population in the World
✔️ Types of Population Growth
✔️ Trends in World Population Growth
✔️ Push and Pull Factors of Migration
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## Содержание

### [0:00](https://www.youtube.com/watch?v=TahazMi9wzw) Segment 1 (00:00 - 05:00)

ओके हाय एवरीबॉडी वेलकम बैक टू योर फेवरेट ह्यूमैनिटीज चैनल सोशल स्कूल बाय अनअकडमी दिस इज सुप्रिया शर्मा योर ज्योग्राफी एजुकेटर कैसे हैं आप सभी और जैसे कि आप लोग जानते हैं कि कुछ रीजन की वजह से हमारी क्लास पिछले वीक नहीं हो पाई थी बट ऑफ कोर्स ज्यादा दिन वेट नहीं कराया जाता है एज यू ऑल नो तो आज मैं फिर से आ गई हूं एक नया चैप्टर लेके एक नया कांसेप्ट लेके जो कि आज हम कर देंगे एकदम फिनिश तो क्या आप सारे स्टूडेंट्स रेडी है तो एक बार जल्दी से मुझे चैट बॉक्स में हाय हेलो फायर इमोजीस भेज दीजिए सो दैट कि हम लोग आज अपना ये नया चैप्टर शुरू कर सके जिसका नाम है द वर्ल्ड पपुलेशन डिस्ट्रीब्यूशन एंड डेंसिटी। है ना? ये चैप्टर मैं बता दूं बहुत इंपॉर्टेंट है। इसका एग्जाम में जो वेटेज है वो भी बहुत ज्यादा है। तो इसी को देखते हुए हमें हर एक कांसेप्ट को बहुत ही बेहतरीन तरीके से समझना होगा। एट द सेम टाइम उससे रिलेटेड कुछ क्वेश्चंस जो हैं वो आप लोग सॉल्व करेंगे। ओके? तो क्या सारे स्टूडेंट्स रेडी हैं? एक बार जल्दी से बताइए। हेलो। हाय एवरीबॉडी। चलिए तो एक बार जल्दी से सारे बच्चे जो है क्लास को लाइक कर देंगे। जैसे ही मैं यहां पर कांसेप्ट पढ़ाना शुरू करूं उससे पहले जल्दी से सारे बच्चे जो है वो क्लास को लाइक कर देंगे और मेरे साथ यहां पर पढ़ने चलेंगे ये चैप्टर। अब देखो जब भी हम कोई नया चैप्टर शुरू करते हैं बच्चा तो उससे पहले हमें उस चैप्टर के बारे में थोड़ी बहुत इंफॉर्मेशन पता होनी चाहिए। राइट? जैसे कि आप देखिए वर्ल्ड पपुलेशन नाम से ही क्लियर हो रहा होगा कि हम लोग यहां पर जनता की बात कर रहे हैं यानी कि पापुलेशन हैं। अगर मैं आपसे पूछूं कि मैं और आप जो हम सब एक पॉपुलेशन है क्या ये किसी कंट्री के लिए यूज़फुल हो सकती है या फिर ये एक तरीके का वेस्ट है या फिर इसको एक एसेट भी बनाया जा सकता है। क्या लगता है आप लोगों को बताइए चैट में बताओ जल्दी-जल्दी से। हाय नूर। हेलो वेलकम टू दी क्लास। वेलकम बच्चा। चलिए तो शुरू करते हैं इसी के साथ यह चैप्टर कि अगर हम पॉपुलेशन की बात करें तो पापुलेशन एक कंट्री के लिए सबसे बड़ा एसेट है। अगर उन्होंने अपनी पॉपुलेशन पर सही यूटिलाइजेशन किया है ना सही चीजों पर काम किया तो एक कंट्री जो है वो बहुत बेहतर तरीके से डेवलप हो सकती है। ओके तो चलते हैं इंट्रोडक्शन के साथ आगे। द पीपल इन अ कंट्री आर इट्स ग्रेटेस्ट एसेट। क्या बोल रहे हैं कि किसी भी कंट्री के जो लोग हैं यानी कि जो पीपल हैं वो एक कंट्री के लिए बहुत ही ग्रेटेस्ट एसेट हैं। आप जापान का एग्जांपल ले लीजिए। जापान हम लोग बोलते हैं इतना ज्यादा डेवलप्ड है तो उसके पीछे का एक रीज़न यही है कि जापान की जो गवर्नमेंट है, जापान की जो सरकार है, उसने अपनी पॉपुलेशन को एसेट की तरह यूज़ किया है। है ना? और उस एसेट की तरह यूज़ करने के लिए वो अपने देश को एक अलग ऊंचाइयों पर जो है वो लेकर चले गए। राइट? नेक्स्ट दे यूज़ द कंट्रीज रिसोर्सेज एंड मेक की डिसीजंस। क्या बोल रहे हैं कि वो कंट्री के रिसोर्सेज को यूज़ करते हैं और उसके अकॉर्डिंगली कोई ना कोई डिसीजन जो है वो फॉर्म करते हैं। अब मैं आपसे सिंपली पूछूं कि ये जो लैंड था जिसको हम लिथोस्फीयर बोलते हैं जो कि बना। अगर उस लैंड पर ह्यूमंस होते ही नहीं तो उस लैंड का क्या यूज़ था? कुछ नहीं था। राइट? आज हम इस तरीके से ऑनलाइन पढ़ पा रहे हैं। तो इसके पीछे का रीज़न है कि क्या किया लोगों ने? लोगों ने उस रिसोर्सेज को यूज़ किया। अपने अकॉर्डिंगली मॉडिफाई किया और जैसे-जैसे हमारी नीड्स थी उनको धीरे-धीरे जो है वो फुलफिल करना शुरू किया। इन द एंड अ कंट्री इज डिफाइंड बाय इट्स पीपल। और एक कंट्री जो है वो अपने लोगों से ही डिफाइंड होती है। इट इज़ेंट टू नो हाउ मेनी वुमेन एंड मैन अ कंट्री हैज़। कि कितनी महिलाएं और कितने आदमी जो हैं मैन अगर मैं बोलूं एक कंट्री के अंदर है क्योंकि दोनों का कंट्रीब्यूशन बहुत ज्यादा होता है। हम ये सोचे कि नहीं मैन का कंट्रीब्यूशन है या वुमेन का बहुत ज्यादा नहीं दोनों का कंट्रीब्यूशन हर एक फील्ड में अपने हिसाब से है। हाउ मेनी चिल्ड्रन आर बोर्न ईच ईचर? कितने बच्चे हर साल पैदा हो रहे हैं? और हाउ मेनी पीपल डाई एंड हाउ और कितने लोग ऐसे हैं जो हर साल मर जा रहे हैं और क्यों या किस रीजन की वजह से वो मर जा रहे हैं। वेदर दे लिव इन अ सिटी और विलेजेस? चाहे वो शहर में रहते हो, चाहे वो आपके गांव में रहते हो। ठीक है? चलिए, यह तो हो गया इंट्रोडक्शन पार्ट। आगे चलते हैं। बात करते हैं पैटर्न की। पैटर्न अगर कभी आप देखते हो जब आप क्वेश्चन सॉल्व करते हो तो आप बोलते हो कि मैम ऐसे पैटर्न के क्वेश्चंस कराइए जो कि हमेशा से आते हैं। तो ऐसे ही जो हमारी पॉपुलेशन है उसका भी एक पैटर्न हमें देखने को मिला है। अगर हम वर्ल्ड पॉपुलेशन के बारे में पढ़ रहे हैं तो ऑफ कोर्स एशिया जो कि सबसे बड़ा कॉन्टिनेंट है उसी की कुछ ऐसी कंट्रीज हैं जहां का पॉपुलेशन सबसे ज्यादा है। अब पॉपुलेशन ज्यादा होने का रीज़न ये नहीं है कि वहां पर कंट्रोल नहीं है या फिर वहां पर चीजें इस तरीके की नहीं। वहां पर कुछ ऐसा हिस्टोरिक रहा होगा जिसकी वजह से वहां

### [5:00](https://www.youtube.com/watch?v=TahazMi9wzw&t=300s) Segment 2 (05:00 - 10:00)

पर पापुलेशन हमें हमेशा ज्यादा देखने को मिलती है। तो चलते हैं इस पैटर्न की तरफ और पढ़ते हैं क्या लिखा है। द डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ द वर्ल्ड पपुलेशन इज नॉट यूनिफॉर्म अक्रॉस इट्स सरफेस। क्या बोल रहे हैं कि ये जो पूरा वर्ल्ड है हमारा ये जो पूरा संसार है इसमें जो वर्ल्ड पॉपुलेशन है यानी कि ये जो पॉपुलेशन है जो जनता है वो यूनिफॉर्म नहीं है। यूनिफॉर्म का मतलब होता है कि सब जगह पर सेम-सेम हो। बट ऐसा नहीं है। कहीं पर बहुत कम है, कहीं पर बहुत ज्यादा है। कहीं पर बिल्कुल है ही नहीं। मतलब आप ये मान लीजिए कि इंडिया की अगर मैं बात करूं कंपेयर करें तो इंडिया का छोटा सा स्टेट गोवा है, हरियाणा है, सिक्किम है। इन सब की जो पापुलेशन है ना वो यूरोप कंट्रीज के मतलब कंट्री की पपुलेशन होती है। हमारे स्टेट की उनकी कंट्री की पॉपुलेशन के बराबर है। तो इसी में हमें ये पैटर्न देखने को मिला कि ये जो हमारा पूरा वर्ल्ड है यहां पर भी जो पपुलेशन है वो यूनिफॉर्म नहीं है। राइट? कहीं बहुत ज्यादा है, कहीं बहुत ज्यादा कम है। आगे अगर चलें देन द अनइवन डिस्ट्रीब्यूशन कैन बी रेफर्ड टू एज अ पपुलेशन डिस्ट्रीब्यूशन। और ये जो अनइवन डिस्ट्रीब्यूशन है पॉपुलेशन का इसको हम लोग पपुलेशन डिस्ट्रीब्यूशन कहते हैं। सिंपल है। द टॉप 10 मोस्ट पॉपुलेटेड कंट्रीज क्या बोल रहे हैं कि हमारे पूरे वर्ल्ड में जो टॉप 10 मोस्ट पॉपुलेटेड कंट्रीज हैं इन द वर्ल्ड अकाउंट फॉर एप्रोक्समेटली 60% ऑफ द वर्ल्ड पपुलेशन। अरे बाप रे क्या बात बोली यहां पर आप लोग समझे यहां पर सिंपल आपको बात ये बोली जा रही है कि जो हमारी देश मतलब हमारे कंट्री मतलब हम जितनी कंट्रीज हैं उसमें से 10 ऐसी कंट्रीज हैं जो कि सबसे ज्यादा पॉपुलेटेड है जिसमें हमारा इंडिया भी एक बहुत अच्छा हम बोल सकते हैं कि कंट्रीब्यूशन देता है। तो उन 10 कंट्रीज के अंदर 60% पपुलेशन है। मतलब कि 40% पॉपुलेशन रिमेनिंग कंट्रीज के अंदर है। बट 10 कंट्रीज ऐसी हैं हमारी जिसके अंदर मैक्सिमम मतलब 60% जनता तो सिर्फ 10 कंट्रीज के अंदर ही रहती है। तो यहीं से आपको एक अनइवन डिस्ट्रीब्यूशन जो अभी हम लोग पढ़ रहे थे डिस्ट्रीब्यूशन वो अनइवन डिस्ट्रीब्यूशन यहां से समझ आ गया होगा। नेक्स्ट लिखा है एप्रोक्समेटली 90% ऑफ द ग्लोबल पपुलेशन रिसाइट्स ओनली इन द 10% ऑफ लैंड एरिया। फिर से वही चीज को यहां पर अलग तरीके से बताया गया कि क्या बोल रहे हैं कि हमारे पूरे वर्ल्ड की 90% पॉपुलेशन जो है वो सिर्फ 10% लैंड एरिया पर रहती है। क्या समझ में आया कि ये जो जितना भी लिथोस्फीयर हमारा अवेलेबल है ना जिस पर जनता रहती है मतलब जहां पर लाइफ पॉसिबल है वहां पर अगर आप देखेंगे तो 90% पॉपुलेशन ऐसी है जो सिर्फ 10% लैंड एरिया पर रहती है। इसीलिए आप देखें चाहे हम इंडिया की बात करें, चाहे बांग्लादेश की बात करें, श्रीलंका की बात करें, ब्राजील की बात करें, यह वो रीजंस हैं जहां पर पॉपुलेशन बहुत ज्यादा है। एरिया कम है, तो इसीलिए ये वेरिएशन जो है हमें देखने को मिलता है। और एंड में लिखा है कि सिक्स ऑफ दीज़ कंट्रीज लोकेटेड इन द एशिया। अरे बाप रे। क्या बोल रहे हैं कि इनमें से छह कंट्रीज तो ऐसी हैं जो सिर्फ और सिर्फ एशिया का ही पार्ट है। एशिया मतलब कि वही कॉन्टिनेंट जिसका हम लोग भी पार्ट है। ओके? क्या ये क्लियर है? आगे चलें क्या डाउट है बेटा सेजल पूछ लीजिए हां जी अनुराधा वेलकम ठीक है क्या डाउट है प्लीज चैट बॉक्स में आप लोग लिख दें तभी फिर हम लोग जो है आगे बढ़ेंगे आगे बढ़ने से पहले आपको पता है कि पॉपुलेशन इतनी ज्यादा है इंडिया में भी तो पढ़ने वाले बच्चे भी क्या है बहुत ज्यादा होंगे तो अगर इन पढ़ने वाले बच्चों को कुछ ऐसा मिल जाए कि उनको मतलब बढ़िया से पढ़ाई भी मिल जाए और चीजें भी जो है वो इजी हो जाए इसी के लिए अनअकडमी आप लोगों के लिए क्या लेकर आया है? Unacademy लेकर आया है 60% ऑफ ऑन ऑल अनअकडमी सब्सक्रिप्शन। क्या लिखा है? क्रैक योर एग्जाम विद कॉन्फिडेंस। है ना? कि वो कॉन्फिडेंस अगर आपको बिल्ड अप करना है अपने बच्चों के अंदर आप लोगों के अंदर तो आप लोग अभी जाके अनअकडमी का बैच में एनरोल कर सकते हैं। आपको सारे अनअकडमी सब्सक्रिप्शंस पर 60% ऑफ मिलेगा। बस कोड याद रखिएगा। कोड आप लोगों को यूज़ करना है एसएस 100। ठीक है? एसएस 100 से मतलब है सुप्रिया शर्मा 100 ठीक है 100 आउट ऑफ 100 आप ये कोड यूज़ करेंगे इस कोड से आपको 60% ऑफ मिलेगा ऑन ऑल अनअकडमी सब्सक्रिप्शन ठीक है तो यही पपुलेशन है जिसका आप देखो फायदा उठा सकते हो इसी पॉपुलेशन के साथ जो है ये सारे अच्छी-अच्छी अपॉर्चुनिटीज आप सबको मिलती रहती हैं। चलिए तो यहां तक हमने पढ़ लिया कि क्या पैटर्न है। अब ये जो मैप है ये मैप आपकी एनसीईआरटी की बुक में भी दिया है। क्या बताना चाह रहा है यह मैप? अगर आप ध्यान से देखेंगे इस मैप को तो यह मैप आपको कुछ समझाना चाह रहा है। ध्यान से देखिएगा। आप देखो जापान, रशियन, नाइजीरियन, बांग्लादेश, पाकिस्तान, ब्राजील, इंडोनेशिया, यूएसए, इंडिया एंड चाइना। ये बात हो रही है 2020 11 के बाद की। ठीक है? कि जब हमने 2011 मेंशन किया तो उसके हिसाब से इंडिया जो है वो नंबर टू पर था। किस में? पॉपुलेशन में। तो आपको भी यही याद रखना है। आपको कुछ भी अपने ऐड से नहीं करना कि नहीं हम तो जानते

### [10:00](https://www.youtube.com/watch?v=TahazMi9wzw&t=600s) Segment 3 (10:00 - 15:00)

हैं कि इंडिया नंबर वन पर है। नहीं नंबर कट जाएंगे एग्जाम में। स्पेशली बता रही हूं मैं। तो जो चीजें एनसीआरटी में दी गई हैं उसके अकॉर्डिंग ही आपको सारी चीजें समझनी है। कांसेप्ट समझने हैं। उससे एक्स्ट्रा या ज्यादा एडवांस जाके चीजें नहीं करनी है। तो ध्यान से देखिए अगर हम देखें तो ये है चाइना सबसे नंबर वन पे। देन इंडिया, यूएसए, इंडोनेशिया, ब्राजील, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नाइजीरिया, रशियन एंड जापान। ये वो 10 मोस्ट पॉपुलेस्ट कंट्रीज हैं जिनके बारे में अभी हमने पीछे पढ़ा था जब हम पॉपुलेशन डिस्ट्रीब्यूशन के बारे में पढ़ रहे थे। राइट? जी हां। चलिए आगे चलते हैं। ये हो गया मैप। अब बात करते हैं डेंसिटी ऑफ़ पापुलेशन की। डेंसिटी ऑफ़ पापुलेशन क्या होता है? कोई मेरे को बता सकता है व्हाट डू यू अंडरस्टैंड बाय डेंसिटी? आप लोग छोटी-छोटी क्लासेस से पढ़ते आए हैं डेंसिटी मैथ्स में स्पेशली अगर मैं बात करूं। तो डेंसिटी का मतलब होता है कि एक पर्टिकुलर रीजन में कितने लोग हैं। ठीक है? तो वही डेंसिटी हमें यहां पर समझनी है। द डेंसिटी ऑफ़ पपुलेशन इज द रेश्यो। क्या बोल रहे हैं? कि डेंसिटी ऑफ़ अ पॉपुलेशन इज़ द रेश्यो ऑफ़ द नंबर ऑफ़ पीपल टू द साइज ऑफ़ लैंड दे ऑक्यूुपाई। कि उन्होंने कितना लैंड का जो साइज है वो ऑक्यूुपाई किया है और कितनी जनता वहां पर रहती है। टिपिकली मेज़र्ड इन पर्सन पर स्क्वायर कि. मी. और हम क्या लेते हैं? पर स्क्वायर कि. मी. के हिसाब से देखते हैं कि 1 स्क्वायर कि. मी. में कितने लोग रहते हैं। तो, क्या फार्मूला है? यह फार्मूला पर डायरेक्ट क्वेश्चन बनता है एग्जाम में कि डेंसिटी ऑफ़ पॉपुलेशन इक्वल्स टू पपुलेशन डिवाइडेड बाय एरिया। मैं यहां पर स्टार मार्क कर रही हूं क्योंकि यहां से आपके बोर्ड्स में डायरेक्ट क्वेश्चन बनता है। तो प्लीज इस चीज का आपको ध्यान रखना है। अब यहां आपको एक एग्जांपल दिया गया है सिंपल सा कि फॉर एग्जांपल अ सिटी ए हैज़ एन एरिया ऑफ़ 200 स्क्वायर मीटर एंड अ पपुलेशन ऑफ़ 5 लाख पीपल। सो, यू कैन फाइंड द पपुलेशन डेंसिटी बाय डिवाइडिंग। कैसे करेंगे हम? सिंपल है। हमें डेंसिटी निकालनी है। ठीक है? ये हो गया डेंसिटी। ऊपर लिखा हमने कितना? 5 लाख। क्योंकि पॉपुलेशन 5 लाख है। एंड डिवाइडेड बाय कितना स्क्वायर कि. मी. है? 2 200 ठीक है? 200 तो हमने इससे डिवाइड किया। यहां से दो ज़ीरो कट गई। टू से हमने इसको डिवाइड किया तो कितना आया हमारे पास? 25 और ठीक है? तो 25 पर्सन पर स्क्वायर कि. मी. जो है वहां पर रहा करते हैं। किस सिटी की बात हो रही है? सिटी ए जिसके बारे में हमने समझा। तो ये मैंने आपको इसीलिए कराया है। दिस इज़ वेरी वेरीरी सिंपल। मैथ्स कुछ नहीं है। यहां पर सिर्फ डिवाइड करना है और यहां पर क्वेश्चन आपके सामने बन जाएगा। अब हो सकता है क्वेश्चन इस तरीके से आ जाए कि आपको डेंसिटी दे दिया जाए। मान लो 2500। ठीक है? आपको पापुलेशन फाइंड आउट करनी है और एरिया भी आपको दे दिया। वही क्वेश्चन है। टर्म्स वही है बस घुमा के दे दिया। तो फार्मूला क्या था हमारे पास? याद करो। फार्मूला था डेंसिटी इक्वल्स टू पॉपुलेशन डिवाइड बाय एरिया। तो जब आपको ये सारी चीजें दे दी तो आप क्या करोगे? उधर जाकर उसको मल्टीप्लाई कर दोगे। और जब ये मल्टीप्लाई होगा तो योर आंसर विल बी सेम। ठीक है? तो इस तरीके से क्वेश्चन घुमा के भी दिया जा सकता है। कैसे? एमसीक्यू की फॉर्म में आएगा यह क्वेश्चन एग्जाम में। ठीक है? एमसीक्यू की फॉर्म में ये क्वेश्चन आपको एग्जाम में दिखेगा। तो किसी भी तरीके से आए आपका फर्ज ये बनता है कि आपको अपना आंसर सही निकालना है। ओके? चलिए तो अब यहां पर आप देख सकते हो इस मैप में भी आपको दिखाया गया है जो आप देखेंगे ना जो बिल्कुल आपको ब्लैक और ब्लू दिख रहे हैं मतलब वहां का पपुलेशन डेंसिटी बहुत ज्यादा है। देखो कहां दिख रहा है? बांग्लादेश ब्लैक दिख रहा है। इंडिया हमारा ब्लू दिख रहा है। ठीक है? यहां पर आप देख सकते हो कुछ कंट्रीज हैं जो आपको ब्लू नजर आ रही हैं। तो ये पूरा आपको दिखाया गया है कि कैसे ये ग्राफ है और ये आपकी एनसीईआरटी की बुक में भी है। तो आप वहां से भी इसको देख सकते हो और चीजों को समझ सकते हो। राइट? जी हां हाय शौर्या हेलो [गला साफ़ करने की आवाज़] मैं बहुत अच्छी हूं आप बताइए क्या डाउट है बेटा पूछ लो क्रिकेट एडिट्स डाउट क्या है प्लीज पूछ लीजिए जिसको कोई भी डाउट है प्लीज आप लोग मेरे से पूछते चलिएगा है ना जिसको जो भी डाउट है प्लीज पूछते चलो ठीक है आगे चलें यहां तक सबको क्लियर है तो प्लीज क्या डाउट है अभिनंदन पूछ लीजिए देखो जिसको जो भी डाउट है अभी तक जो हमने पढ़ा तो प्लीज पूछ लो यार ऐसे मत लिखो डाउट है सीधा अपना क्वेश्चन लिख दो सीधा चैट में अपना क्वेश्चन लिख दीजिए सीधा चैट में क्वेश्चन लिख दो क्या डाउट है बताइए हम क्या डाउट है बताओ नहीं तो फिर मैं आगे चलूं बच्चा डाउट क्या है प्लीज बता दो अदरवाइज मैं फिर आगे चलूं कोई बात नहीं। तो, यह तो बहुत ही अननेसेसरी डाउट था जिसको लेना भी नहीं चाहिए। चलिए, आगे चलते हैं। फैक्टर्स इन्फ्लुएंसिंग द डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ़ पपुलेशन। अभी जो डिस्ट्रीब्यूशन हम लोगों ने देखा कि इंडिया में जैसे पॉपुलेशन बहुत ज्यादा है। एशिया की जो छह कंट्रीज हैं वो मोस्ट पॉपुलस कंट्रीज हैं। है ना? तो ये जो डिस्ट्रीब्यूशन हमें देखने को मिला, इसके पीछे बहुत सारे कुछ ऐसे फैक्टर्स हैं

### [15:00](https://www.youtube.com/watch?v=TahazMi9wzw&t=900s) Segment 4 (15:00 - 20:00)

जो कि काम करते हैं। है ना? अब अगर मैं आपको बोलूं कि आप ऐसी जगह जाकर रहो जहां पर बहुत ज्यादा गर्मी है तो क्या आप रहना पसंद करेंगे? नहीं। आपको मैं बोलूं कि जाओ अंटार्कटिका जाकर बस जाओ तो आप रहोगे नहीं रहोगे। क्यों? क्योंकि हम लोग ऐसी जगह रहना पसंद करते हैं जहां का वेदर जहां का क्लाइमेट बहुत ही प्लेजेंट होता है। ओके? तो इसके पीछे जो फैक्टर्स काम करते हैं एक-एक करके पढ़ते हैं। क्योंकि यहां से डायरेक्ट पांच नंबर का क्वेश्चन आपके एग्जाम में आता है। सबसे पहले आते हैं ज्योग्राफिकल रीज़ंस। फिर आते हैं इकोनॉमिक फैक्टर। देन आते हैं हमारे पास सोशल एंड कल्चर। ठीक है? तो देखो एक-एक करके सारे समझ लेते हैं। सबसे पहला है अवेलेबिलिटी ऑफ़ वाटर। अब खुद ही आप लोग इमेजिन कीजिए जहां पर पानी की कमी होगी। किसी भी रीजन में अगर वाटर स्कार्सिटी होगी यानी कि पानी की कमी होगी तो हम वहां पर रहना पसंद नहीं करेंगे। हम वहां से झट से माइग्रेट कर जाएंगे। तो अगर पापुलेशन ज्यादा है दैट मींस कि पानी की अवेलेबिलिटी जो है वाटर की अवेलेबिलिटी वहां पर बहुत ज्यादा बेटर है तभी वहां पर जनता है। नेक्स्ट है लैंडफॉर्म्स। लैंडफॉर्म्स का यहां पर मतलब है कि किस तरीके का लैंडफॉर्म है? अगर मैं आपको बोलूं आप इंडिया का ही एग्जांपल ले लो कि आप प्लेन रीजंस में जाएंगे तो आपको पपुलेशन अच्छी खासी देखने को मिलती है। राइट? यहीं आप माउंटेंस पर चले जाइए तो माउंटेंस पर जाते-जाते जो पपुलेशन है वो क्या हो जाती है? वो धीरे-धीरे डिक्लाइन करने लगती है। इसका रीज़न क्या है? क्योंकि प्लेन एरिया पर कंस्ट्रक्शन ईजीली हो जाता है। प्लेन रीजन पर आपको पानी की अवेलेबिलिटी ईजीली मिलती है। प्लेन रीजन पर हम लोग एग्रीकल्चर बहुत अच्छा कर सकते हैं। एक्सेप्ट माउंटेंस। तो इसीलिए लैंडफॉर्म्स आर आल्सो वेरी वेरीेंट कि आप किस लैंडफॉर्म पर रह रहे हो। किस लैंडफॉर्म पर आपका घर है या सारी चीजें हैं वो बहुत ज्यादा यहां पर मैटर करता है। नेक्स्ट है हमारे पास ज्योग्राफिकल में क्लाइमेट। क्लाइमेट अच्छा है तो सब चलो बोर चलो लेकिन बोर आकर सब ने इतना ग्लोबल वार्मिंग कर दिया कि बोर के हालात तो ऐसे हो गए कि यहां पर बारिश आ ही नहीं रही है। परेशान हो गए यार हम सब राइट तो वही चीज है कि क्लाइमेट जहां का अच्छा होगा प्लेजेंट क्लाइमेट जहां का होगा वहां पर हम लोग जो है रहना पसंद करेंगे। देन आता है सोइल का मतलब कि जहां पर फर्टाइल सोइल अवेलेबल होगी वहां पर आपको ज्यादा जनता दिखेगी। क्यों? क्योंकि वहां पर एग्रीकल्चर बहुत ज्यादा इजी हो जाएगा। एग्रीकल्चर अगर इजी हो जाएगा तो हम लोग वहां पर इरीगेशन अच्छा कर पाएंगे। इरीगेशन अच्छा होगा तो हम वहां पर क्रॉप बहुत अच्छे लेवल पर जो है वो ग्रो कर सकते हैं। सो ये थे हमारे सारे ज्योग्राफिकल फैक्टर्स। ठीक है? नेक्स्ट हमारे पास आता है दैट इज इकोनॉमिक। इकोनॉमिक की बात आ गई मतलब समझ जाओ पैसे की बात हो रही है। कैसे है? कि मान लीजिए सबसे पहले है मिनरल्स। क्योंकि जहां मिनरल्स होंगे वहीं पर माइनिंग कर पाएंगे। फॉर एग्जांपल प्लेटू रीजन जो हमारे लैंडफॉर्म में प्लेटू रीजन होता है। वहीं पर सबसे ज्यादा मिनरल्स हमें देखने को मिलते हैं और वहीं पर हम लोग जो है माइनिंग कर पाते हैं। ठीक है? दूसरा हो गया अर्बनाइजेशन। मिनरल्स हो गए क्योंकि वहां पर लोगों को काम मिलेगा। लेबर जाएगी उसको कुछ ना कुछ नौकरी मिल जाएगी। डेली वेजेस के हिसाब से उसको काम मिल जाएगा। इकोनॉमिक हो गया। देन है अर्बनाइजेशन। जहां अर्बनाइजेशन होता है वहां पर जॉब्स अपॉर्चुनिटी बहुत ज्यादा या फिर बेहतर होती हैं इन कंपैरिजन टू सम अदर एरियाज। तो अर्बनाइजेशन है तो जॉब ईजीली अवेलेबल होगा। अच्छे पैसे में अवेलेबल होगा। अच्छी सैलरी मिलेगी। नेक्स्ट आता है इंडस्ट्रियलाइजेशन। सेम गोज़ विद इंडस्ट्रीज़ कि अगर कहीं पर फैक्ट्रीज़ लगेंगी तो उस फैक्ट्रीज़ में लेबर होंगे। ठीक है? लेबर आएंगे, वर्कर्स आएंगे। जिनको क्या मिलेगा? जिनको जॉब मिलेगी। जॉब के साथ-साथ उन्हें कुछ ना कुछ पेमेंट, कुछ ना कुछ डेली वेजेस जो भी है वो सारी चीजें उनके लिए यहां पर अवेलेबल होंगी। तो ये हो गए हमारे इकोनॉमिक फैक्टर्स। नेक्स्ट आते हैं हमारे पास सोशल एंड कल्चरल फैक्टर। सोशल एंड कल्चरल फैक्टर का मतलब होता है कि हम लोग सोशली और कल्चरली अगर किसी जगह से बहुत ज्यादा कनेक्टेड होते हैं तो हमारे बहुत सारे एनसेेस्टर्स वहीं रहते आए हैं तो हम लोग भी वहीं रहते हैं। इसमें थोड़ा सा हिस्ट्री वाला पार्ट आ जाता है। जैसे मैं यहां पर आपको एग्जांपल दे सकती हूं काशी विश्वनाथ का। वाराणसी आप सब ने सुना होगा बनारस है ना बनारस की गलियां, बनारस की चाट और बनारस का पता नहीं क्या-क्या फेमस है भाई। तो वही चीज है कि जब भी आपने देखा होगा कि बनारस में इतना ज्यादा भीड़ क्यों है? वहां पापुलेशन इतनी ज्यादा क्यों है? उसके पीछे एक तो रीजन है कि वो प्लेन एरिया पर पड़ता है। ठीक है? वहां पर रिवर अवेलेबल है। सब है। लेकिन एक बहुत बड़ा रीजन है वहां पर सोशल एंड कल्चर। क्यों? क्योंकि पुराने समय से वहां पर काशी विश्वनाथ जी का मंदिर है। यानी कि शिव ज्योतिर्लिंग भी है जो कि वहां पर हमारे पूर्वज पुराने लोग हमेशा से रहते आए हैं। तो हम लोग भी क्या कोशिश करते हैं कि उन्हीं रीज़ंस में रहें। राइट? तो वही चीज यहां बताई गई है। देखिए रिलीजियस एंड कल्चरल सिग्निफिकेंस कि अगर किसी पर्टिकुलर रीजन का रिलीजियस और कल्चरल सिग्निफिकेंस होता है तो जनता वहां रहना पसंद करती है। आप रामेश्वरम चले जाइए एकदम साउथ में हमारे एकदम एंड में उसके बाद बस आपका श्रीलंका लग जाता है। तो रामेश्वरम में जनता रहती है क्योंकि वहां पर हमारे पूर्वज रहते आए हैं। वहां का एक बहुत रिलीजियस और कल्चरल सिग्निफिकेंस हमारे लोगों के ऊपर रहा है और वही जो है ट्रांसफर होता रहा है अलग से अलग नेक्स्ट जनरेशन पर। ओके? नेक्स्ट है ड्यू टू

### [20:00](https://www.youtube.com/watch?v=TahazMi9wzw&t=1200s) Segment 5 (20:00 - 25:00)

पॉलिटिकल एंड सोशल अनरेस्ट कि अगर किसी रीजन में बहुत ही ज्यादा पॉलिटिकल और सोशल अनरेस्ट है नहीं है दंगे फसाद ये सब होते जा रहे हैं तो वहां पर नहीं रहना पसंद करते हमें चाहिए एकदम शांति वाली जगह एकदम पीस जहां पर सरकार स्टेबल हो जहां पर ये सब सोशल प्रोटेस्ट और ये सब चीजें बहुत कम होती हो या फिर होती ही ना हो। नेक्स्ट आता है हमारे पास सॉरी गवर्नमेंट्स ऑफ अ एक सेकंड हां गवर्नमेंट्स ऑफर इंसेंटिव्स टू पीपल लिव इन स्पार्सली यानी कि बहुत सारी ऐसी चीजें होती हैं जहां पर सरकार आपकी अगर पोस्टिंग कर दे तो वहां रहने के लिए जो है वो आपको क्या करती है इंसेंटिव देती है तो आप वहां रहना पसंद करोगे वहां पोस्टिंग ले लोगे देन आता है पपुलेटेड एरियाज और मूव अवे फ्रॉम ओवर क्राउडेड प्लेसेस जहां पर ज्यादा रश होता है वहां पर नहीं रहा जाता और आजकल की जनरेशन तो ऐसी हो ही गई है कि उन्हें वैसे ही अकेले-अकेले रहना पसंद हो गया है। तो ऑब्वियस सी बात है जहां पर क्राउडेड एरिया होगा वहां पर वो क्यों रहना चाहेंगे? तो ये सारे फैक्टर्स आते हैं हमारे सोशल एंड कल्चरल फैक्टर्स में। अब ये जो टॉपिक मैंने अभी-अभी आपको पढ़ाया है तीन फॉर्म में मैं बता दूं। दिस इज वेरी इंपॉर्टेंट। और यहां से पांच नंबर का क्वेश्चन डायरेक्ट आपके एग्जाम में पूछा जाता है। तो एक बार सारे बच्चे मुझे बताएंगे क्या सारे स्टूडेंट्स को यह क्लियर है? हां जी आरुष हेलो बच्चा हाय लवली कैसे हो आप वेलकम वेलकम टू दी क्लास मुझे एक बार बताइए क्या सबको यह सारे फैक्टर्स क्लियर हैं आगे चलें फिर हम लोग अगर फैक्टर्स क्लियर है तो हम लोग आगे चलें फिर बताइए सबको फैक्टर्स क्लियर है एवरीबॉडी प्लीज टेल मी बता दो यार कोई तो चैट में लिख दो कि यस मैम क्लियर कोई डाउट है तो कोई डाउट पूछ लो। कोई प्रॉब्लम है तो प्लीज पूछ लीजिए। जी हां एवरीबॉडी बताइए बताइए। यस क्लियर है क्रिप्टिक सोल। ओके थैंक यू सो मच। थैंक यू बच्चा। राइट? तो यहीं से हमें जो है ये सब चीजें देखने को मिलती है। और इसीलिए आप इस मैप को देखिएगा जो मैप आपकी एनसीईआरटी की टेक्स्ट बुक में भी दिया गया है। ये आपको मिलेगा। जहां पर आप इसको और अच्छे से समझ पाओगे। वर्ल्ड डेंसिटी ऑफ पॉपुलेशन अकॉर्डिंग टू 2001 के अकॉर्डिंग है। तो आप देखो ये देखो इंडिया, बांग्लादेश, चाइना, म्यांमार, नीचे इंडोनेशिया ये सारे रीजन ऐसे हैं आपके जहां पर थाईलैंड ये सब ऐसे रीजन है जहां पर बहुत ज्यादा पापुलेशन है। डेंसिटी बहुत ज्यादा है। यहां पर आप देखिए। ठीक है? फिर यहां यूरोप की कुछ कंट्रीज आ गई। यहां आप देखो ये यूएस के पार्ट में भी बहुत ज्यादा। तो ये क्या है? ये वो रीज़ंस हैं बच्चा मेरे जहां पर 200 से ज्यादा पापुलेशन डेंसिटी है पर स्क्वायर किलोमीटर कितना था पर स्क्वायर किलोमीटर जो है 200 से ज्यादा है वो डार्क एरिया में दिखाए गए हैं फिर हल्के से जो ये आपको ग्रेश दिख रहे हैं ना ये वाले ये है जहां पर 51 से लेके 200 तक है देन 11 से 51 टू 10 एंड लेस देन वन इस तरीके से जो है सारी चीजें यहां पर इस मैप में आपको दी गई है तो आपके एनसीईआरटी की टेक्स्ट बुक में ये दिया गया है प्लीज एक बार खुद जाके भी आप लोग इसको चेक जो है वह कर लीजिए। बताइए यहां तक क्लियर है सबको? शौर्या आप 10थ की बात कर रहे हो बच्चा। आई एम राइट नाउ मैं 12th क्लास पढ़ा रही हूं। 10थ आप श्वेता मैम से पूछ सकते हो। श्वेता मैम आपको बहुत जल्दी करवा देंगी मनी एंड क्रेडिट। बट मनी क्रेडिट तो बहुत बाद का चैप्टर है। उससे पहले और बहुत सारे चैप्टर्स हैं। है ना? वेरी गुड इवनिंग डब्ल्यूबी आयरन। वेलकम टू दी क्लास। ओके आगे चलें फिर। चलिए आगे चलते हैं और नेक्स्ट टॉपिक की तरफ बढ़ते हैं। दैट इज पॉपुलेशन ग्रोथ। कि ये जो पापुलेशन ग्रोथ है जो हमें देखने को मिली है इसके पीछे जो हमने बहुत सारे फैक्टर्स देखी अभी कि कोई रीजन में बहुत ज्यादा पॉपुलेशन है तो उसके पीछे फैक्टर है कि वहां पर जॉब अच्छी है। है ना? वहां पर वाटर की अवेलेबिलिटी है। वहां पर रिसोर्सेज बहुत ज्यादा इजीली अवेलेबल है। क्लाइमेट वहां का बहुत प्लेज़ेंट है। तो सब लोग वहां रहना पसंद करेंगे। इसी के पीछे हमें समझना है कि ये जो पापुलेशन ग्रोथ है ये अब तक कैसे हुई है। कौन-कौन से कॉम्पोनेंट्स हैं जो कहीं ना कहीं पॉपुलेशन ग्रोथ को अफेक्ट करते हैं। ओके? सो पपुलेशन ग्रोथ और चेंज रेफर टू द इंक्रीस और डिक्रीज। जब भी हम लोग ये बोलते हैं कि किसी कंट्री का पपुलेशन ग्रोथ हुआ है। दैट मींस कि वहां पर या तो इनक्रीस हुआ होगा या तो बर्थ बहुत ज्यादा हुए होंगे। या तो डिक्रीज हुआ होगा कि बर्थ कम हुए होंगे और डेथ भी बहुत ज्यादा हो रही होंगी। इन द नंबर ऑफ हिन हैबिटेंट्स इन अ पर्टिकुलर एरिया ड्यूरिंग अ स्पेसिफाइड पीरियड ऑफ टाइम कि उस पर्टिकुलर टाइम पीरियड के अंदर कितनी बर्थ हुए हैं, कितनी डेथ हुई हैं। क्या जो प्रोसीजर पूरा रहा है वो किस तरीके से रहा है ताकि हम क्या कर सकें ताकि हम एक चेंज जो है वो मेजर कर सके और उस मेज़मेंट के बाद यह बता सके कि हां इस पर्टिकुलर कंट्री का कितना ग्रोथ हुआ है। वो ग्रोथ पॉजिटिव है या वो ग्रोथ आपकी नेगेटिव है। राइट? पपुलेशन चेंज इज अ क्रूशियल इंडिकेटर फॉर इकोनॉमिक डेवलपमेंट। किसी भी

### [25:00](https://www.youtube.com/watch?v=TahazMi9wzw&t=1500s) Segment 6 (25:00 - 30:00)

कंट्री के इकोनॉमिक डेवलपमेंट में पपुलेशन ग्रोथ एक बहुत इंपॉर्टेंट प्ले करता है रोल। कैसे? क्योंकि अगर किसी कंट्री का पपुलेशन बढ़ रहा है, वहां पर रिसोर्सेज कम है, तो वो ऑटोमेटिकली उसकी इकॉनमी डाउन चली जाएगी। सेम गोज़ विद सम अदर कंट्री कि जहां पर रिसोर्सेज बहुत ज्यादा हैं, पापुलेशन कम है, उनका यूटिलाइजेशन बहुत बेहतर तरीके से हो रहा है, तो वहां की इकोनॉमिक डेवलपमेंट बढ़ जाएगी। देन सोशल प्रोग्रेस पर भी फर्क पड़ता है। एंड द हिस्टोरिकल एंड कल्चरल बैकग्राउंड ऑफ अ रीजन। और डिपेंड करता है कि किसी रीजन का हिस्टोरिकल कल्चरल बैकग्राउंड कैसा रहा है। तभी हम समझ पाते हैं। जैसे मैंने आपको बनारस का एग्जांपल दिया था। तो आप वो यहां पर याद रख सकते हैं। ओके? नेक्स्ट है हमारे पास। अरे रुक जाइए भाई साहब। हां। नेक्स्ट है हमारे पास देन इट कैन रिफ्लेक्ट द अवेलेबिलिटी ऑफ़ रिसोर्सेज। और कहीं भी अगर हमें पपुलेशन में चेंज देखने को मिलता है तो वो हमें बताते हैं कि वहां पर रिसोर्सेज की अवेलेबिलिटी क्या है? सोशल और इकोनॉमिक अपॉर्चुनिटीज़ क्या है? कि जॉब वगैरह है कि नहीं है? रिलीजियस इन्फ्लुएंस कितना है? मंदिर है, मॉस्क है, जो है आपके चर्च है कि नहीं हैं ताकि सारे लोग रह सकें। एंड द कल्चरल प्रैक्टिससेस दैट इन्फ्लुएंस द ग्रोथ और डिक्लाइन ऑफ़ द पपुलेशन इन अ पर्टिकुलर रीजन। ठीक है? तो यही फैक्टर्स कहीं भी चले जाइए आप वर्ल्ड में। ऐसा नहीं कि सिर्फ इंडिया की बात हो रही है। आप वर्ल्ड के किसी भी कोने में किसी भी पार्ट में चले जाइए। आप यूरोप के किसी कंट्री में चले जाओ या फिर आप जो है एशिया के किसी और कंट्री में चले जाइए। थाईलैंड चले जाओ या फिर आप ऑस्ट्रेलिया चले जाइए। हर एक कॉर्नर पे हर एक पार्ट पे वर्ल्ड के यही वो फैक्टर्स हैं जो काम करते हैं कि कहीं का अगर हमें पॉपुलेशन ग्रोथ पता चल रहा है कि वहां पर इनक्रीज हुआ है या फिर डिक्रीज हुआ है उसके पीछे हमें पता चलता है कि उस एरिया में रिसोर्सेज कितने अवेलेबल है? क्या अवेलेबिलिटी है? है ना? वहां का सोशल क्या रहा है? हिस्टोरिक बैकग्राउंड क्या रहा है? इकोनॉमिक अपॉर्चुनिटीज कितनी है? क्यों लोग हमारे यहां से छोड़-छोड़ कर कनाडा, यूएस, ऑस्ट्रेलिया और अलग-अलग कंट्रीज जाते हैं? क्योंकि वहां पर जॉब अपॉर्चुनिटीज बहुत अच्छी हैं। वहां पर एजुकेशन बहुत ज्यादा अच्छी है। क्या है? जो हमारे इंडिया में एजुकेशन का मजाक बना हुआ है। कभी कोई पेपर लीक हो जाता है, कभी कुछ हो जाता है। वो चीजें वहां नहीं है। आप आपने सुना कभी किसी वर्ल्ड में कभी सुना आपने कि कोई पेपर लीक हो गया? नहीं सुना। क्यों? क्योंकि वहां पर पढ़े लिखे लोगों को मिनिस्टर्स बनाया जाता है। ऐसे ही अनपढ़ लोगों को अगर मिनिस्टर की पोस्ट पर बैठाया जाएगा तो यही कॉन्सिक्वेंसेस हमें आगे भी देखने को मिलेंगे। ठीक है? तो वहां की एजुकेशन बहुत ज्यादा बेहतर है। इसीलिए चीजें जो है इतनी बेहतर होती है और लोग इंडिया को छोड़-छोड़ कर दूसरी कंट्रीज में जाना पसंद करते हैं। क्योंकि एजुकेशन के साथ-साथ यहां पर आपके पास जॉब अपॉर्चुनिटी अपने आप कनेक्ट कर जाती है कि आपने अगर बढ़िया जॉब या पढ़ाई कर ली तो आपको एक अच्छी जॉब जो है वो मिल जाएगी। आपका एक जो हम बोल सकते हैं कि लिविंग स्टैंडर्ड है वो अपने आप इनक्रीस जो है वो कर जाते हैं। ठीक है? चलिए। सो पापुलेशन ग्रोथ निकालने के लिए हमारे पास कुछ कॉम्पोनेंट्स हैं जिसमें सबसे पहले आती है एक्चुअल ग्रोथ ऑफ पापुलेशन। अब यहां से डायरेक्ट क्वेश्चन बनता है इन तीनों से एक्चुअल ग्रोथ से, पॉजिटिव ग्रोथ से और आपके नेगेटिव ग्रोथ से। ठीक है? नेगेटिव ग्रोथ, पॉजिटिव ग्रोथ और एक्चुअल ग्रोथ। तो एक्चुअल ग्रोथ का क्या मतलब होता है? डायरेक्ट फार्मूला आपसे एमसीक्यू में पूछा जाएगा। एक्चुअल ग्रोथ ऑफ़ अ पॉपुलेशन इज़ बर्थ माइनस डेथ। कितने बच्चे पैदा हुए? कितनों की डेथ हुई? प्लस इन माइग्रेशन प्लस आउट। माइग्रेशन का मतलब होता है एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर कर लेना। इन माइग्रेशन का मतलब हो गया विद इन द कंट्री। कि आपने कंट्री के अंदर मैं यहां लिख देती हूं ये। ठीक है? यह हो गया कि विद इन द कंट्री। कि आपने कंट्री में ही अपने किसी स्टेट से दूसरे स्टेट में माइग्रेट किया। आउट माइग्रेशन का मतलब है आउटसाइड द कंट्री। ठीक है? कि आपने बाहर किया। आउटसाइड द कंट्री कि आप अपना देश छोड़ के किसी दूसरी कंट्री में जाकर रह रहे हो या फिर वहां पर जो है आपकी जॉब अपॉर्चुनिटी है। तो ये होती है हमारे पास एक्चुअल ग्रोथ। ये डायरेक्ट क्वेश्चन आपसे पूछ लिया जाता है। डायरेक्ट फार्मूला आपसे पूछ लिया जाएगा वन मार्क एमसीक्यू में। नेक्स्ट आता है पॉजिटिव ग्रोथ। पॉजिटिव ग्रोथ का मतलब है कि व्हेन क्या? कि इट अकर व्हेन द बर्थ रेट एक्सीड। यानी कि जहां पर बर्थ रेट एक्सकड कर जाता है, बहुत ज्यादा हो जाता है। एंड डेथ रेट और व्हेन द पीपल फ्रॉम अदर कंट्रीज माइग्रेट परमानेंटली टू द रीजन। देखो पॉजिटिव कैसे होगा कि भाई बर्थ रेट बढ़ गया। ऊपर से दूसरी कंट्री से लोग आके हमारी कंट्री में आकर यहां पर बस रहे हैं। तो ऑटोमेटिकली यहां की जो पापुलेशन है वो इंक्रीस करेगी और अगर वो इंक्रीस करेगी तो उसको पॉजिटिव ग्रोथ माना जाएगा। नेगेटिव ग्रोथ क्या होता है? जब बर्थ रेट डिक्रीज हो जाता है। ठीक है? इट अकर्स व्हेन द पपुलेशन डिक्रीजसेस बिटवीन टू पॉइंट इन द टाइम व्हिच कैन रिजल्ट ऑफ अ डिक्रीज इन बर्थ रेट एंड इंक्रीस इन डेथ रेट। सो पीपल माइग्रेटिंग टू द अदर कंट्रीज। क्या हो रहा है? कि यहां पर बर्थ रेट भी कम हो रहा है। डेथ रेट यहां पर बढ़ रहा है। क्या हो रहा है? डेथ रेट बढ़ेगा तब भी तो पापुलेशन कम है। बर्थ रेट कम होगा तब भी पापुलेशन

### [30:00](https://www.youtube.com/watch?v=TahazMi9wzw&t=1800s) Segment 7 (30:00 - 35:00)

कम है। और लोग जो है इस कंट्री को छोड़-छोड़ के दूसरे कंट्रीज में जाके माइग्रेट कर रहे हैं। तो ऑटोमेटिकली उस कंट्री की जो ग्रोथ है वो आपकी नेगेटिव चली जाएगी। क्या यह आप सबको क्लियर है? तो प्लीज बताइए। हाय युविका। वेलकम टू दी क्लास। वेलकम बच्चा। क्या यह तीनों कांसेप्ट आप लोगों को क्लियर है? प्लीज एक बार जल्दी से बताएंगे। सारे बच्चे बताएंगे क्या तीनों आप लोगों को क्लियर है? [गला साफ़ करने की आवाज़] बताओ बताओ जल्दी से सारे बच्चे बताएंगे क्या हमने ये तीनों कांसेप्ट किए इज दैट क्लियर टू ऑल ऑफ यू युविका बताइए शौर्य बताओ क्रिप्टिक सोल आरुष लवली अभिनंदन एवरीबॉडी टेल मी ठीक है तो ये यहां तक की जो है आज की क्लास हम लोग रखते हैं। आगे के कॉम्पोनेंट्स और पॉपुलेशन चेंज जो है वह हम लोग अपने लेक्चर टू में करेंगे जो कि क्लास हमारी सैटरडे को होगी। लेकिन लेकिन जाने से पहले मैं आप लोगों को बता दूं कि अगर आप लोगों ने चैनल पर विजिट नहीं किया है और विजिट करने के बाद अगर आप लोगों ने अभी तक डिस्क्रिप्शन में जाके आप लोगों के लिए क्या-क्या है वो नहीं किया तो प्लीज देख लीजिए। सबसे पहले आप लोगों के लिए यहां पर एक सीबीएसई स्कॉलरशिप टेस्ट है जिसमें आपको कुछ स्कॉलरशिप मिलेगी और आप जो है बहुत ही बेहतरीन तरीके से आपको पर ऑफ मिलेगा। तो आपको क्या करना है? इसी क्लास के ये देखो यही क्लास है जो अभी हम लोग कर रहे हैं। इसी क्लास के डिस्क्रिप्शन पर जाना है और स्कॉलरशिप टेस्ट पर क्लिक करना है और यहां पर आपको सिर्फ सिंपल अपना नंबर डालना है। ओटीपी आएगा। आप इस स्कॉलरशिप में पार्ट ले सकते हो। और ये एब्सोलुटली आप लोगों के लिए क्या है? दिस इज़ एब्सोलुटली फ्री। इसके लिए आपको कोई भी पेमेंट देने की जरूरत नहीं है। फ्री फ्री एंड फ्री। ठीक है? ये तो हो गई पहली चीज। दूसरी चीज हमारे पास आती है आपके पास क्या है? Unacademy पोल लीग्स। अनअकडमी पोल लीग्स एक ऐसा बढ़िया मैं बोल सकती हूं जैसे आईपीएल चल रहे हैं ना अभी ऐसे ही यूपीl है कि जिसमें आप क्या करोगे एक फ्री क्लास में पार्टिसिपेट करोगे और उस करने के बाद अगर लीडर बोर्ड में आपका नाम आ जाता है तो आपको कुछ ना कुछ रिवॉर्ड्स और गिफ्ट जो है वो अनअकडमी की तरफ से दिए जाएंगे लेकिन इसके लिए बहुत ज्यादा जरूरी है कि आप जाके अभी के अभी एनरोल करें अगर आपने एनरोल नहीं किया तो आपसे यह चांस जो है वो छीन जाएगा ओके यह हो गई दूसरी बेह बेहतरीन चीज। अब चलते हैं तीसरी चीज के पास जो कि है विजेता बैच। विजेता बैच जो है बच्चा वो हमारे किसके लिए है? वो हमारे क्लास 12th ह्यूमैनिटी स्टूडेंट्स के लिए है। अगर आपने अभी तक विजेता बैच में एनरोल नहीं किया है तो आप जाके एनरोल कर सकते हैं। ठीक है? और आप जो है एक सेकंड आप जो है जाकर यहां पर सब्सक्रिप्शन अगर लेंगे तो आपको कोड यूज़ करना है। ध्यान रखिएगा। वेट आपको एक कोड यूज करना है जो कि कोड है एसएस जो कोड लगाते ही आपको मैक्सिमम डिस्काउंट मिलेगा और मैक्सिमम डिस्काउंट के बाद जो प्राइस है वो इतना लो हो जाएगा कि आपको खुद ऐसे लगेगा कि अरे ये इतने के तो मैं रोज पिज़्ज़ा खा जाता हूं या जो है पिज़्ज़ा खा जाती हूं। राइट? तो ये चीज जो है आप जाके कर सकते हैं। अगर अभी तक आपने जो है पार्ट नहीं लिया है इन सारी चीजों के अंदर मेरे बच्चा। ठीक है? तो आगे चलते हैं और ये हो गई सारी चीजें। बाकी है आपके पास Telegram चैनल। अगर आपने अभी तक हमारा Telegram चैनल नहीं जॉइ किया है। सो प्लीज उसका लिंक भी यहां देखो डिस्क्रिप्शन में दिया गया है वीडियो के। गो एंड जॉइन द टेलीग्राम चैनल सो दैट आपको पीडीएफ, पीपीटी सारी चीजें जो हैं वो टाइमली मिल सके हमारे इस सेशंस के साथ। ओके? तो जल्दी से बताइए सबको क्लियर है? फिर नेक्स्ट क्लास में हम लोग जो है इस चैप्टर को कंप्लीट करेंगे। एट द सेम टाइम इसी पूरे चैप्टर से रिलेटेड क्वेश्चन सॉल्व करेंगे वो भी बिल्कुल लाइव। ठीक है? तो अगर अभी तक किसी ने ये सारी चीजों का बेनिफिट नहीं उठाया है तो फटाफट से जाओ स्कॉलरशिप टेस्ट दे दो जो कि फ्री है। यूपीएल कर दो फ्री है। विजेता बैच में पार्टिसिपेट कर लो जाके अभी एनरोल कर लो। बस कोड याद रखिएगा। कोड यूज़ करना है एसएस फॉर मैक्सिमम डिस्काउंट। ओके एवरीबॉडी क्लियर है? चलिए तो क्लास को हम लोग यहीं पर एंड करेंगे बच्चा। मिलेगा शिवम मिलेगा आप शायद हो सकता है रेगुलर नहीं रहे हो जो बच्चा रेगुलर रहता है उसी को रिवॉर्ड मिलता है देखिएगा जो बच्चा रेगुलर रहेगा उसे ही रिवॉर्ड मिलेगा ये मत सोचिएगा कि एक दिन क्लास में आ गए आप और उसके बाद आपने पूछा ही नहीं आपने पार्ट ही नहीं लिया तो आप सोचो नहीं जितने भी यूपीएल सेशंस लगे हुए हैं उन सारे उन कंप्लीट यूपीएल सेशंस में आपको पार्ट लेना होगा उसके बाद ही आपको जो है रिवॉर्ड या गिफ्ट कुछ ना कुछ जो है अनअकडमी की तरफ से मिलेगा। रही बात स्कॉलरशिप टेस्ट की तो स्कॉलरशिप टेस्ट भी फ्री है। जाके अभी के अभी उसमें जो है एनरोल कर लो और विजेता बैथ का पार्ट जो है वो आप बन सकते हैं। दूसरी बात ये कि चैनल पर जाकर आपको बहुत सारी वीडियोस रिकॉर्डेड फॉर्म में भी मिलेंगी। पहले हम लोग जो है ह्यूमन रिसोर्सेज वाला चैप्टर कंप्लीट कर चुके हैं। ठीक है? ह्यूमन रिसोर्सेज पार्ट टू एंड ह्यूमन रिसोर्सेज पार्ट वन। तो किसी ने अगर यह नहीं देखा तो प्लीज जाकर देख लो। बिकॉज़ हर चैप्टर आपस में इंटरकनेक्टेड है। जब तक पहला चैप्टर क्लियर नहीं करोगे जब तक दूसरा चैप्टर आपको समझ में नहीं आएगा। ओके मेरे प्यारे

### [35:00](https://www.youtube.com/watch?v=TahazMi9wzw&t=2100s) Segment 8 (35:00 - 36:00)

बच्चे तो ये जो टॉपिक है ये हम करेंगे अब अपनी नेक्स्ट क्लास से शुरू। ठीक है? कॉम्पोनेंट। तो तब तक के लिए इतना पढ़कर आइएगा। इससे रिलेटेड कोई भी डाउट हो तो आप मुझे टेलीग्राम पर बता सकते हैं। ओके। ठीक है? तो आज की क्लास हम लोग यहीं तक रख रहे हैं। आई होप आप लोगों को मजा आया हो, समझ में आया हो। कहीं अगर कुछ भी प्रॉब्लम है, कोई भी डाउट है तो मैंने आपको पहले ही बताया। प्लीज जॉइ आवर tlegram चैनल। ठीक है? Telegram चैनल एंड ग्रुप एज वेल। चैनल प्लस ग्रुप क्योंकि आपको पीडीएफ भी अभी मैं क्लास के बाद वहीं पर देने वाली हूं। है ना? और जाकर अनअकडमी के जो है विजेता बैच में एनरोल कर लीजिए ताकि आप लोग भी विजेता बन सकें। बस कोड का ध्यान रखिएगा। कोड यूज़ करना है आपको एसएस 100 फॉर मैक्सिमम डिस्काउंट। ओके? और तो और आप जाके क्या कर सकते हैं? स्कॉलरशिप टेस्ट में भी अपना पार्टिसिपेट कर सकते हैं। ठीक है? चलिए जी। तो इसी के साथ आज की क्लास हम यहीं पर एंड करते हैं। जरूर बताइएगा क्लास कैसी लगी? मजा आया कि नहीं आया? और क्या आप लोग अपनी कंट्री के लिए एसेट बनोगे कि नहीं? यह भी जरा मुझे कमेंट में जरूर बताइएगा। ठीक है? सो बाय-ब बाय एवरीवन। टेक केयर। मिलते हैं नेक्स्ट क्लास में। गुड नाइट।

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*Источник: https://ekstraktznaniy.ru/video/51406*