indians love dani daniels
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Pure Critical Thinking 30.04.2026 53 020 просмотров 2 493 лайков

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Оглавление (3 сегментов)

Segment 1 (00:00 - 05:00)

नमस्ते भाई जान देखो भाई के चेहरे में क्या हालचाल चांद डाल दिया भाई ने पूरा मैं पहले डिस्क्लेमर दे रहा तुम्हारा ये वीडियो बना रहा हूं मैं तुम्हारा टोटल रेंट वीडियो है काम कर रहा था मैं बुक को एडिट कर रहा हूं क्योंकि तुम्हारा एडिटर ने रिटर्न किया है तो जो भी चेंजेस होते हैं उनको अप्रूव या वो करना होता है तो बस वो चीज कर रहा था मैंने कहा थोड़ा ब्रेक लेते हैं मैंने ये वाला वीडियो आया मैंने कहा देखिए क्या चल रहा है दुनिया में यार बहुत टाइम से देखा ही नहीं है मैंने कहा उसे बनाऊंगा पहली स्टोरी जो है मैंने कहा कुछ आ रहा है मेरे दिमाग में। अभी कुछ प्रोसेस नहीं है तो डायरेक्ट यही प्रोसेस होने वाली है। कंप्लीट अनएडिटेड ऐसी रेंट है भाई। क्षमा करना हमको अगर कुछ इधर-उधर हो जाए और अगर समझ में भी ना आए तो ठीक है यार कोई बुराई नहीं है। श्रीकाल मैं हूं नियन मैन। एंड गाइस आज हम लोग बात करने वाले हैं वन ऑफ द क्रेजीएस्ट क्रॉसओवर्स एवर के बारे में। क्या भुवन बाम एंड डेनी डनियल्स के बीच में कोलैब हो सकता है? वेल गाइज़ थ्री इयर्स एगो शायद से ओJ YouTube व्यूअर्स को याद होगा कि भुवन बाम का एक कोलैब वीडियो आया था विद जॉनी सिंस। इट ब्लू अप डेन। इसमें 60 मिलियन व्यूज आ चुके हैं। वेल क्या अब ये सेम टाइप ऑफ कोलैब भुवन बाम का डेनी डनियल्स के साथ भी पॉसिबल है बिकॉज़ ऑफ अ फैन। ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूं क्योंकि भुवन के एक फैन है अमन। उनका एक कोलैब वीडियो आया वि डनी डनियल्स जहां पर उन्होंने यह मैसेज दिया था। हाय बेबी शनी इट्स नाइस टू मीट यू सी बाय दिल कितना गदगद हो गया सुनके कितना अजीब सा लग रहा है यार इस लड़की को देखा करते थे सारे फ्लैशबक्स आ रहे हैं नाउ मे बी थॉट प्रोसेस यह है क्योंकि हमने किसी को देखा है रिगार्डलेस ऑफ़ वर्ड फॉर्मेट देखा है मेरे ब्रेन में क्योंकि मैंने व्यूज सेक्शन में बहुत ज्यादा व्यूज देखे हैं तो शायद मैं इसको कोऑपरेट या कोस्पोंड कर सकता हूं सेलिब्रिटी स्टेटस से क्योंकि इस इंसान को बहुत सारे लोगों ने देखा है क्योंकि इंसान की फॉलोइंग बहुत ज्यादा है तो मे बी यह सेलिब्रिटी है और क्योंकि फिर दूसरा नोट डाउन होता है अगर ये सेलिब्रिटी है तो हम इसको एक मेन स्ट्रीम तरीके से भी देख सकते हैं जैसे कि हम बहुत ही ये बहुत ही नॉर्मल चीज है टोटली इसको तो हमें हंसना चाहिए जैसे कि तुम्हारा इस इंसान के साथ दूसरा एसोसिएशन ये नहीं था कि सिर्फ तुम्हारी हमेशा पट्स घुटन तक गिरी हुई हैं। समझो मैं क्या कहना चाह रहा हूं। मेरे को साइकोलॉजिकली बहुत इंटरेस्टिंग चीज लगी। हम कैसे डुअल काइंड ऑफ चेहरे से देखते हैं। पहला हम इस वक्त सब एक दूसरे को देखेंगे। अरे भाई ये कोलैबोरेशन हो जाए तो बिल्कुल मजा ही आ जाएगा। जैसे कि एकमात्र सिर्फ और सिर्फ एकमात्र कोई मल्टा नहीं है। इसमें सब यूनी है। सिर्फ और सिर्फ एकमात्र एसोसिएशन तुम्हारे इंसान के साथ क्या है? अगर कैमरा लगा के देख लिया जाए तो कोई जस्टिफिकेशन नहीं कि तुम इस इंसान को दूसरे यूनिवर्स में लाना चाहोगे जहां पर तुम कहोगे हां ये कंप्लीटली एक नॉर्मल सेलिब्रिटी में तो अपने दोस्तों के साथ हम लोग घर के में सबके साथ देख सकते हैं ही ए टू बी टू सी इंसान है इंसान की फॉलोइंग है क्योंकि बहुत सारे लोग फॉलो कर रहे हैं तो इंसान को हम कहेंगे सेलिब्रिटी है इसलिए हम कहेंगे कि हां ऑब्वियसली मैं उस खाने से अपने दिमाग की उस कैटेगरी से निकाल सकता हूं इनको एक मेन स्ट्रीम एक्सेप्टेबल कैटेगरी में भी देख सकता हूं व्हिच इज़ वेरी इंटरेस्टिंग सेकंड चीज चीज़ आती है भैया सर मेरा जो ऑब्जरवेशन है वो यही है तुम्हारा जॉनीन के साथ ऑब्वियसली जॉनीस पार्ट मीम बट पार्ट मीम भी किसकी वजह से है जो कार्य कर रहा है उसकी वजह से है अब कार्य का नेचर क्या है कभी-कभी पता है हम मजाकमज़ाक में बहुत जल्दी बायपास कर जाते हैं लेकिन जो चीज को बाईपास नहीं करना चाहिए वो यही है कि चीज का नेचर क्या है इसको क्या कहते हैं ऑटोलॉजी कहते हैं जहां पे आप उस नेचर उसके कॉन्टेंट इन सब चीजों पे ढंग से उसका भी स्टडी करते हो उसको उस पे ही रुक जाते हो एक सेकंड के लिए एक ऑंटोलॉजिकल आर्गुमेंट आप बिल्ड करते हो हम यहां पे कभी-कभी क्या होता है क्योंकि हमने वह चीज कुंडी लगाके करी है। कमरे में अकेले करी है। किसी को अभी जिंदगी में बताया नहीं है। सिर्फ बिस्पर में करी है और दोस्ती में बस में आंख ऐसे-से कर दी कि डनी डनियल्स हम शायद ये भूल जा रहे हैं कि ये कोई बहुत हेल्थी चीज नहीं है। अब ये मेरा पहला प्रश्न है। अगर हम इसको मेन स्ट्रीम वे में भी एक्सेप्ट करने लग गए कि ये कंप्लीटली नॉर्मल है और ये लोग सेलिब्रिटीज हैं तो फिर भाई फिर जिंदगी में कभी पोर्न को गलत कहो ही मत। इज्जत करो इन लोगों की। मेरी बात समझना। मतलब मैं यहां पे ये नहीं कह रहा कि भाई इस इंसान से कोई अगेंस्ट होना चाहिए। इस इंसान को भाई हमें खराब नजर से देखना है। हमें हेट फैलानी है। मैं ऐसा कुछ नहीं कह रहा हूं। मैं कह रहा हूं भाई हमारा न्यूट्रल होना चाहिए व्यू। ये इंसान एक्सिस्ट करता है। ठीक है? ये इंसान कुछ करता है जिसको देख के लोग कुंडियां लगा लेते हैं। ठीक है? मे बी ऑलरेडी इतनी खामियां है इस पूरे-पूरे कांसेप्ट में। जो यह कार्य है जो कर्म है जिसकी वजह से लोगों के घर भी टूटते हैं। लोग एडिक्टेड हैं। भाई एक्चुअल में साइकोलॉजिकली इंड्यूस्ड परफॉर्मेंस प्रॉब्लम्स होती हैं। क्योंकि आपने एसोसिएशन जो बांध लिया है इरेक्शन का उस चीजों से बांध लिया है। उस स्टिमुलाई से बांध लिया जो आपको अब रियल लाइफ में नहीं मिल रहा जिसकी वजह से हो सकता है आप या तो डिलेड इजाकुलेशन हो रहा है या आपका खड़ा ही नहीं हो रहा। कितने लोग हैं जिनके घरों में कितनी लड़ाईयां होती रहगी। सोचो भाई अगर तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है उसको पता चले कि अरे इसको गैंग देखना पसंद है। मे बी

Segment 2 (05:00 - 10:00)

भाई उस चक्कर में तुम्हारा ब्रेकअप हो जाए। तुम अब उसको कभी उस नजर से देख ही ना पाओ। तो ये सोर्स क्या था? एक चीज है ना जो इतनी खतरनाक रूप से एक्सिस्ट कर रही है जो हमारी एक बहुत ही घटिया टेंडेंसीज जो होती हैं या बेस अर्ज कह लो घटिया क्या? हमको जो सबसे ज्यादा समझ लो बंदर बनाती है वो चीज हो गई सेक्स। और हमको जो सबसे इंसान बनाता है वह हो गया विज़डम। तो जो स्पेक्ट्रम में जो हमें चीज सबसे ज्यादा वाकई मनुष्य बनाती है जिस पर हम कहते हैं कि हां यार खूबसूरत ये चीज पे मुझे गर्व है। वो एक्चुअल में सोचने से आता है। वो विज़डम से है। तभी हम भाई भगवत गीता जिसमें कृष्ण जी अपना विज़डम शेयर कर रहे हैं। तुम गौतम बुद्ध का पढ़ना है। पढ़ लो। ग्रीक फिलॉसफीज़, स्टोसिज्म ये सब किताबों को इतनी सहराना क्यों करी जाती है? क्योंकि हम कह रहे हैं ये जो स्पेक्ट्रम है ह्यूमन का ह्यूमन होने का इसमें यह चीज गजब है। यह अजब है और ये गजब है। और दूसरा स्पेक्ट्रम क्या है? जिसमें हम सब काइंड ऑफ यूनानिमसली एग्री करते हैं वो है भाई उंगली डाल ली कहीं पे। पिंजरे में एक बंदर होता है वो जो कर रहा है और वही तुम कर रहे हो। मूली छील रहे हो तुम भाई अपनी। अब मूंगी छीलने को भी थोड़ा सा स्टडी कर सकते हैं तीन फज़ में। पहला कि भाई हो सकता है एकदम एक हार्मलेस चीज़ होती है। तो भी मैं कहता कोई परेशानी नहीं है भैया। हार्मलेस है। दूसरे जगह पर आ जाते हैं जहां पर आपको क्लियरली पता है भाई इसके एक्चुअल इंपैक्ट्स हैं। कोई लड़की है कितने लोगों के डिवोर्स होते हैं। कितने लोगों की भाई शादियां टूट जाती है। जहां पे इंसान को पता चलता है उसको भाई इमोशनली चीटिंग कैटेगराइज करी जाती है। लोग इतने एडिक्शन में सफर करते हैं। पूरे इंटरनेट पे भाई एक तरफ कमेंट सेक्शन में लड़के भगाभग लिखे रहते हैं कि ये जो इंसान चीज कर रहा है यह चीज खराब है। मोरल है यड य ठीक है भैया। दूसरी तरफ मुझे एक चीज समझ नहीं आता। हमारे देश में ऐसा क्या है? हिलाए तो हो बस भाई ऐसा फैन क्या बनने वाली बात आ गई ऐसा भी क्या आ गया कि भाई ठीक है हिला लियो भाई अब क्या उस इंसान को क्या हमारे देश में सेलिब्रेशन क्या है इन लोगों का यस इट एक्सिस्ट एंड मे बी जस्ट लीव इट एट दैट एंड मे बी तुम्हें अपने अंदर जाना है यू हैव टू इंट्रोस्पेक्ट विद इन एंड तुम्हें फाइंड करना है वो क्या चीज है जो इस चीज के पीछे इतने कुत्ता बनी हुई है जो लालसा में मरी हो रही है एंड मे बी वो मेरी बैटल है वो मेरा ड्रैगन है मुझे उससे फाइट करना है एंड मुझे लगता है क्योंकि इतने ज्यादा हार्मलेस लगते हैं देखने से बट यह स्लोली एक टिल्ट है नॉर्मलाइजेशन का। बहुत स्लो जहां पर सोसाइटी में अगर हम कंप्लीटली नॉर्मलाइज ही कर दें कल फिर बचा ही क्या? ऑलरेडी इस वक्त Instagram में हाहाकार, धुआ सब कुछ तो मचा हुआ है। पैसा कमाने की होड़ है भाई। लोग कुछ भी खोले पड़े हैं। कमा भी रहे हैं। अब इसी तरह के नॉर्मलाइजेशन में अब और नॉर्मलाइजेशन में आ जाओ। अगेन मैं एक बात कह रहा हूं। मेरे को उस इंसान से कोई लेना देना नहीं है। मैं ये नहीं कह रहा हूं इंसान खराब है। ये बिल्कुल नहीं कह रहा हूं। मैं कह रहा हूं कि हमें सोचना नहीं चाहिए। ठीक है? आपने भाई एक दिन कुंडियां लगाई हैं चार बार हो सकता है या 400 बार। ठीक है? अब उससे आगे बढ़ जाओ ना। सेलिब्रेट क्या करना है भाई? आप इंटरव्यू कर लो। कोलैब कर लो। अब इनको मेन स्ट्रीम हम इन्फ्लुएंसरर अपने आप को एक वर्ड यूज़ कर रहे हैं। इन्फ्लुएंसरर हैं। लेकिन हमारी इन्फ्लुएंसरर की औकात क्या है? हम कुछ भी कर लेंगे। कुछ भी जोक्स के नाम पे हम कुछ भी नॉर्मलाइज कर लेंगे। हम कुछ भी करने को तैयार हो जाएंगे। आई डोंट नो। मुझे थोड़ा सा वियर्ड लगा। मे बी तुम कहोगे भाई ये हार्मलेस ही है यार। यार मैं तो बहुत सोचता हूं यार ये सब चीजों से श्वेता भाई आप थोड़ा सा ओवरथिंक कर रहे हो मैं तुम ये कहोगे भाई आई डोंट नो मुझे लगता है भाई दुनिया में जो युद्ध है अपने आप को परास्त करने का अपने अंदर जो चीजें हैं हमारे अंदर हो सकता है उनमें एक बहुत तगड़ी शक्तिशाली चीज क्या हो कि हमें ये महसूस कराएं कि मैं एक्चुअल में क्योंकि ज्ञानी हूं स्मार्ट हूं और मैंने बहुत ज्यादा पढ़ाई कर ली है तो ये चीजों को मैं देख सकता हूं एक पॉइंट ऑफ व्यू से जहां पे सबको मैं कहूंगा सबकी अपनी जगह है और ये है वो है। दूसरी तरफ मुझे लगता है भाई यह वही चीजें हैं जो एक्चुअल में सफरिंग का कॉज है जीवन में। इनसे इमेंस सफरिंग निकल रही है। इमस तुम्हारे अंदर भी जो हिला रहा है एक बात बताओ ये नहीं कह सकते भाई उसको धिकार नहीं महसूस होता और खुद भी वो सोचता नहीं है मैं कर क्या रहा हूं भाई और मैं इस चीज में इतना डूबता चला जा रहा हूं और कई बार हो सकता है तुम्हें दुख महसूस होता हो कि मैं क्या बन गया हूं बे कितने लोग हैं हम हमें क्या पता बट कितने लोग हैं ये सब चीजें देख के इनके दिमाग में ही चलता रहता है पूरे दिन और मैं यह नहीं कह रहा था कि उनके दिमाग में इस चीज की वजह से मैं कोलिटी अस्यूम नहीं कर रहा हूं। बट मैं कह रहा हूं कि आप यह कह सकते हो कि एक रीइंफोर्समेंट तो हो सकता है ना। हो सकता है मेरे दिमाग में एक थरक भरी है। लेकिन अगर उस थरक को कमरे ना मिले, खाने ना मिले, फूड ना मिले, सपोर्ट ना मिले, रिइंफोर्समेंट ना मिले, तो हो सकता है अकेले बैठने से, दूसरी चीजों पे विचार करने से, दूसरी चीजों को खाने से हो सकता है मेरे अंदर ताकत आए कि मैं कहूं खुद से कि नहीं यार ये चीज मुझे शायद परास्त करनी है। लेकिन एक दूसरी जगह पे एक दूसरी गली में भाई यही चीज हो सकती है जो भाई इतना ज्यादा प्रवेलेंट है। Instagram खोलूं दो चार हर चार रील के बाद एक ऐसी रील आ जाती है और क्योंकि मुझे पसंद भी है मैं शायद 4 सेकंड रुक भी जाता हूं या तीन सेकंड ज्यादा रुक जाता हूं तो Instagram और भेज रहा है मुझे वीडियोस भरे हुए हैं। वेबसाइट भरी हुई हैं। फोन है, चीप इंटरनेट है भाई। लगे

Segment 3 (10:00 - 14:00)

पड़ा है इंसान। अकेलेपन में। कोई मिल तो रहा नहीं है। साथी कोई है नहीं। गर्लफ्रेंड होगी भी तो उसको भी दिखा रहे हैं। ऐसा करो वैसा करो। वहां से भी ब्रेकअप हो गया। एक टाइम पे इंसान खुद ही कह रहा है तुम पता नहीं किस तरह की लोग पोंड देखने लग जाते हैं। कभी आपने सोचा क्या-क्या चीजें देखने लग जाता है इंसान। ये डरावनी चीज है भाई। लोगों को तुम अभी मिले नहीं हो जो कि भाई ऐसीऐसी चीजें देख रहे हैं। फिर उसके बाद वो कसमें खा रहे हैं। भगवान की पूजा कर रहे हैं कि भगवान प्लीज मुझे उस जगह पे वापस ले आओ जहां पे मैं हुआ करता था। उस टाइम पे जब मैं ये सब नहीं देख रहा था। क्योंकि अब इसके अलावा कुछ और पसंद ही नहीं आता। मिलो ऐसे लोगों से। यही लोग जिनको हम देख रहे हैं एक बात बुरा मत मानना। ये भाई बहन बनके भी प्ले कर रहे हैं ना। अब एक चीज समझो सांसारिक एक दृष्टि से देखो चीजों को कि भाई चलो ठीक है हर चीज को हम फन के दरवाजे पे बंद करके ये नहीं कह सकते ना कि ये पॉसिबल है। सबकी अपनी जगह है। नहीं यार मे बी भाई बहन ये सब चीजों के एक्चुअल में रियल इंपैक्ट हैं। हर चीज को पोंड बना के दिखाने की जरूरत नहीं है। क्योंकि दिमाग में गंदगी का एक स्पेस या एक पॉसिबिलिटी एक्सिस्ट करती है। इसका मतलब ये नहीं उस पॉसिबिलिटी उसका मतलब ये नहीं अब उस पॉसिबिलिटी को मैक्सिमम कैपिटलाइज कैसे कर सकते हैं। ये है पॉ बिकॉज़ अ पॉसिबिलिटी एक्सिस्ट मे बी इट शुडंट बी [ __ ] एंड ट्रिगरर्ड इट शुड बी एक्टिवेटेड मे बी इट शुड बी मैक्सिममली कैपिटलाइज्ड एक्टिवेटेड आई डोंट नो दैट्स व्हाट आई फील मैं अगेन ये बता रहा हूं मेरा जो भावना है ना टुवर्ड द वीडियो इट्स लाइक फाइव आउट ऑफ़ 10 आई एम नॉट सेइंग कि ये बहुत बड़ा कॉज है मैं बहुत खड़ा हूं आई जस्ट वॉइसिंग समथिंग जो ब्रीफली पासिंग थॉट है मैं भूल भी जाऊंगा क्योंकि मैं बुक एडिट करने चला गया उसके बाद जस्ट केम टू माय हेड एंड आई एम शेयरिंग इट विद यू मे बी आप डिसए्री करोगे मे बी आप अग्री करोगे रिगार्डलेस व्हिच इज समथिंग वी आर जस्ट टॉकिंग हियर बातें कर रहे हैं यार और कभी-कभी बातें करना भीेंट होता है चीजों पे कभी-कभी सिंपल बैठ के सोचना इंपॉर्टेंट होता है आई डोंट नो मुझे आई थिंक इन कंक्लूजन ये चीज है जितना ज्यादा मैं गहराई से पढ़ता हूं और मैं पढ़ता बहुत हूं उसमें मैंने एक चीज रियलाइज किया कि ये सब चीजें एकमात्र रूप से देखा जाए तो कम से कम यह जनरली ये चीजें वॉर हैं। यह वह चीजें हैं जो हमारे विज़डम एक्विज़िशन के लिए हमें लड़ना पड़ेगा। जिनको हम उन्हें परास्त करना पड़ेगा। और एक कॉमन चीज है। आप भी जानते हो लस्ट को आपको परास्त करना पड़ेगा। इसलिए हर धर्म में हर फिलॉसोफी में हर फिलॉसोफर ने आपसे कहा है कि भाई ये हल्की चीज नहीं है। इसको हल्के में मत लो। और ये तुम्हें कुचल देगी। ये नॉर्मल नहीं है। और जो नॉर्मलाइज़ कर रहा है वो उसको प्रैक्टिकली मुझे बता दो एप्लीकेशन क्या है नॉर्मलाइजेशन की? बताओ तो एक बार। प्रैक्टिकली बताओ मुझे क्या करना चाहिए? एक प्रैक्टिकल डॉक्यूमेंट पूरा एक प्रैक्टिकल एप्लीकेशन दो उस चीज की। हाउ ए बी सी डी स्टेप्स क्या है? प्रैक्टिकल रियलिटी के पॉइंट ऑफ व्यू से हवाबाजी की बातें मत करो कि ये नॉर्मल है। बहुत कूल हो गए आप। भाई। बिकॉज़ सेक्स में एक रिलीज का कंपोनेंट है। इसका मतलब ये नहीं रिलीज के बाद सेक्स एक्टिवेशन वापस उसी उतनी ही गति से नहीं होता। ऐसे सेक्स काम नहीं करता। एक रीजन है इंसान बार-बार और इंटेंसिटी हाई करता चला जाता है जितनी बार उसको वो चीज मिलती है। यानी कि क्लियरली रिलीज के बाद सेटिस्फेक्शन नहीं है। रिलीज के बाद और ज्यादा वो चीज बढ़ती है। सेम स्टिमुलाई पे मेरे जो एक्साइटरी प्रोसेससेस एक्टिवेट हुए थे वो एक्स वो एक्साइटेशन डिक्रीज होने लग जाती है। तभी तो इंसान और रफ से रफ चीजें पे जाने लग जाता है। ये वेल स्टडीड चीज है साइंस में। अगर आप इसको कह रहे हो कि इसको हम इसी क्लासिफिकेशन से देखेंगे और इसमें ही वहीं तक रखेंगे। हम इसको कोई ग्लोरिफाई नहीं करने वाले। हम ऐसे एक्ट नहीं करने वाले जैसे ये बहुत ही मेन स्ट्रीम चीज है जहां पे सारे लड़कों को यूनाइट करना है और इसमें हम 50 मिलियन व्यूज देंगे। देन आई थिंक समथिंग इज स्लाइटली वियर्ड। हम क्या एक्सेप्ट कर रहे हैं? आप क्या 50 मिलियन व्यूज क्या आई डोंट नो आदि शंकराचार्य की टीचिंग्स पे देते हो? ये मैं कह रहा हूं। एक मिसमैच है फिर कहीं हल्का सा। एंड मे बी बस मैं उसको पॉइंट कर रहा हूं। आई डोंट नो। बाकी तुम काम करो भाई जिससे काम नहीं होता। अटैक में उठाओ। फाड़ते चले जाओ। इस वक्त तुम्हारा धर्म होना चाहिए। मैक्सिमम अचीवमेंट और अगर प्यार करते हो प्यार भी नहीं मिला लेकिन दर्द में पिले हुए हो 6 महीने हो गए बस और हिलाते हो एज अ कोपिंग मैकेनिज्म तो बेटा मूव ऑन वन 100% उठा लो वो भी दिया हुआ है उठा लो मेरी जान उठा लो हेल्प करेगा वो निकाल देगा तुमको पूरा बनाया है आर्किटेक्चर साइकोलॉजिकली बैक कि वो निकालने के लिए ही है चलो नमस्ते भाई ऐसी और बातें आपसे करते रहेंगे टाइम टू जी।

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