Was Life Really Better 300 Years Ago? #truth
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Was Life Really Better 300 Years Ago? #truth

Nitin Joshi 05.05.2026 23 476 просмотров 1 217 лайков

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एक साहब की पॉडकास्ट रील बड़ी वायरल हो रही है। मैं नाम नहीं लूंगा। आप Google कर लेना। कहते पहले लोग काम पे नहीं जाते थे। पहले लोग अपने हिसाब से अपनी जिंदगी जीते थे। उनको पैसे की जरूरत ही नहीं थी। पैसा एज अ कांसेप्ट ही नहीं एक्सिस्ट करता था। वो खेतीबाड़ी करते थे। फिर इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन आया। उन्होंने एजुकेशन सिस्टम बना दिया। मार्क्स लाओ। जो अच्छे मार्क्स लाएगा उसको अच्छा पैसा देंगे। उसको अच्छी नौकरी मिलेगी। और फिर पैसा हमने पहले देना शुरू कर दिया। और ये दो300 साल में हमने इतनी गंद मचा दी। प्रॉब्लम ये बोलने से ज्यादा पता है क्या है कि मैक्सिमम कमेंट्स आ रखे हैं। ब्रो एक्सपोज द सोसाइटी मैट्रिक्स। अब बात सुनो भाई। 300 साल पहले आदमी राजा का गुलाम होता था। 14 घंटे खेती करता था। उसके पास जिंदगी में कोई ऑप्शन नहीं था आगे बढ़ने का। जहां पैदा हुआ है वहीं मरेगा। 35-40 साल की एवरेज लाइफ थी। खांसी से मर जाता था आदमी। 10 बच्चे पैदा होते थे तो चार बच्चे पहले साल में मर जाते थे। इसलिए लोग ज्यादा बच्चे करा करते थे। और कम बच्चे करने के लिए कोई प्रोडक्ट भी नहीं बना था। ऐसी सिंपल ऑफ फ्री लाइफ तो भाई सड़क के कुत्ते की भी होती है। कुत्तों से भी बुरा हाल था भाई। हर साल वॉश चलती थी। लाखों लोग मर जाते थे। और जो मर जाते थे उनकी फैमिली को कुछ नहीं मिलता था। कोई इंश्योरेंस नहीं था। जीरो प्रेडिक्टबिलिटी ऑफ़ फ्यूचर। इंडस्ट्री रेवोल्यूशन ने भाई सर्वाइवल सॉल्व करा है। एजुकेशन इकलौती चीज है जिसने अनफेयर एडवांटेज दी है लोगों को अपनी जिंदगी बदलने के लिए। मेडिसिन बनी, इंश्योरेंस बना है। एवरेज है 70 साल है। आज ग्लोबली हजार बच्चों में चार बच्चे मरते हैं जो 10 में चार मना करते थे। वॉच करने एक्सपेंसिव हो गए हैं कंट्रीज के लिए। भाई वर्ल्ड वॉर टू के बाद में ह्यूमन हिस्ट्री के सबसे लंबे पीसफुल इयर्स में से एक है ये। ये YouTube, Instagram जहां पे बैठ के हम उसे गाली मार रहे हैं सिस्टम को ये उसी सिस्टम की देन है। और रही बात पैसे पहले देने की। अरे भैया ये 20 साल पहले अमीरों को मिला करते थे सिर्फ। हमें उससे प्रॉब्लम थी। आज एक क्लिक में हमें मिलने लगे। पैसा मिलना डेमोक्रेटाइज हो गया है। तो प्रॉब्लम सिस्टम की नहीं है। प्रॉब्लम हमारे यूसेज की है। और वो प्रॉब्लम भी सॉल्व करेगा यही सिस्टम। ये सिस्टम अगर इतना खराब है और आपको समझ में भी आ गया तो क्यों बनाने में लगे पड़े पैसे? चले जाओ जंगल में। ट्राई कर देना भाई जिसको देखने की जरूरत है बाकी कल फिर मिलता हूं जय माता

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