Midlife Crisis: Jab Paise Hone Ke Baad Bhi Insaan Tootne Lagta Hai | Suresh Mansharamani
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Midlife Crisis: Jab Paise Hone Ke Baad Bhi Insaan Tootne Lagta Hai | Suresh Mansharamani

Suresh Mansharamani: Business Coach 16.05.2026 408 просмотров 35 лайков

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Midlife Crisis: Pressure, Depression Aur Akelapan Ne Aadmi Ko Chupchaap Tod Diya Millions of men are silently fighting battles nobody sees. Stress, financial pressure, loneliness, anxiety, family expectations, depression, and the constant pressure to “stay strong” are creating an invisible crisis affecting men across the world. In this video, we uncover the harsh reality behind men’s mental health struggles, emotional suppression, burnout, loneliness, and the pressure society places on men to succeed no matter the cost. This is not weakness. This is real. And it’s time we talk about it. Watch till the end to understand: • Why men suffer in silence • The psychological pressure men face daily • Mental health struggles nobody talks about • Society’s expectations from men • How stress, money pressure & loneliness affect men • Why emotional support and awareness matter If this video helps you, share it with someone who needs it “GET IN TOUCH +91 97736 42650 TO BOOK 121/BRAND VIDEO/PODCAST/KEYNOTE/LEADERSHIP & SALES TRAINING 3 HOURS SME TO BUSINESS SAMRAT LINK https://cf.sureshmansharamani.com/smetosamrat-g emal id: partnerships@tajurba.com For Free Video Courses and Business Leads, Download Tajurba App Tajurba App download links Android 👇- https://bit.ly/TajurbaAndroidApp Apple 👇- https://apple.co/3OqkiAl Contact my team for business coaching appointment tajurba.priyanka@gmail.com .Get in Touch: ⏩ Instagram: https://www.instagram.com/sureshmansharamani/ ⏩ Facebook: https://www.facebook.com/coachsureshmansharamani?mibextid=qi2Omg&rdid=sqC09I2BuGgcMruF&share_url=https%3A%2F%2Fwww.facebook.com%2Fshare%2Frzzn9VwHQodTUm5x%2F%3Fmibextid%3Dqi2Omg ⏩ LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/sureshmansharamani/ ⏩ Twitter: https://twitter.com/S_Mansharamani #midlifecrises #MensMentalHealth #InvisibleCrisis #MentalHealth #MenStruggles #Depression #Anxiety #Loneliness #Mindset #Psychology #SelfImprovement #Motivation #LifeReality #MentalHealthAwareness #EmotionalHealth #PodcastClip #Stress #Burnout #SuccessPressure #MensPsychology #growthmindset यह एक short video है जो 40 की उम्र के बाद महसूस होने वाले खालीपन और अकेलेपन की भावना पर केंद्रित है, जिसे अक्सर मिडलाइफ क्राइसिस कहा जाता है। वक्ता इस बात पर जोर देते हैं कि क्यों लोग इस उम्र में अंदर से 'feeling empty inside' करते हैं और किसी को बता नहीं पाते। यह वीडियो उन लोगों के लिए है जो इस अनुभव से गुजर रहे हैं, और यह बताता है कि 'life begins at 40' का असली मतलब क्या है।

Оглавление (2 сегментов)

Segment 1 (00:00 - 05:00)

पैसे हैं, घर है, फैमिली है, सब कुछ है। फिर भी अंदर से खाली क्यों लगता है यार? ये 40 के बाद आदमी अकेला क्यों हो जाता है? और सबसे डेंजरस बात किसी को बता भी नहीं पाता है। क्या आप उनमें से एक हो? तो आज मैं आपको वो सच बताने वाला हूं जो हर आदमी 40 की उम्र के बाद अंदर से सोचता है और किसी को बता नहीं पाता है। मिड लाइफ क्राइसिस भी इसको बोलते [संगीत] हैं। अगर आप उनमें से एक हो तो ये वीडियो आपके लिए है। शेयर करना बेल आइकॉन दबाना सब्सक्राइब करना चैनल को। बहुत सारे ऐसे शानदार वीडियोस मैं आपके लिए लाता हूं। दोस्तों आप अकेले नहीं हो। आप चुप हो। याद करो जब तुम 20-2 साल के थे, दोस्त थे, मस्ती थी, टाइम था और कोई प्लान नहीं होता था। बस जिंदगी हवा की तरह चलती थी। रात को 2:00 बजे वो पराठे, वो चाय, बिना वजह मिलना, घंटोंघंटों बातें करना, बेवजह हंसना, खिलखिलाना और सबसे इंपॉर्टेंट लोग थे, दोस्त थे। पैसा चाहे कम था या नहीं था लेकिन महसूस करते थे हम तो बादशाह हैं। हम अमीर हैं। उस समय दोस्तों सच्चाई है। आपके पास पैसा नहीं था लेकिन कनेक्शन था। फिर आई 30 की उम्र जॉब शादी फैमिली बच्चे और उसके ऊपर जो सबसे बड़ा अभिशाप मिडिल क्लास को मिला वो है ईएमआई। लाइफ सडनली सीरियस हो जाती है। एक बेचारा बोझ का मारा। अब आपके पास गोल्स हैं। आप बिजी हो। अब हर मिलना एक प्लानिंग के साथ अपॉइंटमेंट शेड्यूल के साथ होता है। दोस्त बोलते हैं भाई मिलते हैं। नेक्स्ट वीक मिलेंगे ना पक्का। आपको भी पता है नेक्स्ट वीक नहीं आने वाला। कोई नहीं मिलने वाला और वह नेक्स्ट वीक कभी आता नहीं। दोस्तों, आप लोगों से दूर नहीं हो। अब प्रायोरिटीज़ चेंज हो चुकी है जिंदगी की। अब प्रायोरिटीज़, अपने बच्चे, अपनी फैमिली, प्रायोरिटी, अपना ऑफिस, अपना काम, अपना प्रोफेशन, अपना करियर वो प्रायोरिटी हो चुके हैं। और फिर आती है 40 के ऊपर। सबसे खतरनाक। कैरियर सेट, इनकम स्टेबल और फैमिली सेटल्ड। पर एक चीज मिसिंग है। कनेक्शंस। कहां गए दोस्त? बिछड़े सभी बारी-बारी। कोई भी फोन आता है सिर्फ काम के लिए कोई कनेक्शन नहीं कोई मस्ती नहीं कोई दिल की बात नहीं बैंक घर के काम बच्चों के लिए दवाई ले आओ दूध ले आओ ग्रोसरी ले आओ ये सामान ले आओ वो सामान ले आओ टीवी रिपेयर करो गीजर रिपेयर करो यही सब चलता है ना दोस्तों की कॉल कहां गई जीरो एक भी नहीं आप घर आते हो एक हस्बैंड हो फादर हो पर आप नहीं हो सोच के देखो आप नहीं हो आप एक खाली प्रोवाइडर हो घर वालों की जरूरत पूरा करने का एक रिसोर्स हो खाली। आप लोगों से घिरे हुए हो लेकिन फिर भी बहुत अकेले हो। दोस्तों, यह सच्चाई है सक्सेस के साथ अकेलापन साला फ्री में आता है, बोनस में आता है। जितना आप ऊपर जाते हो, सर्किल छोटा होता जाता है। इट इज़ वेरी लोनली एट द टॉप। ऊंचाई पे जाके आप एकदम अकेले [संगीत] रह जाते हो। सब आपको समझ नहीं पाते। आपके स्ट्रगल से कोई रिलेट नहीं कर पाता। और धीरे-धीरे आप सिमट जाते हो, सिकुड़ जाते हो और शेयर करना बंद कर देते हो। आप स्ट्रांग तो बन गए। इमोशनल अकेला हो गया। पर सबसे बड़ा प्रॉब्लम पता है क्या है? आदमी बात नहीं करता। उसे सिखाया गया है स्ट्रांग रहो। इमोशनल मत बनो। हैंडल इट योरसेल्फ। मर्द हो मजबूत बनो। किसी से बात मत करो। किसी से इमोशन शेयर मत करो। सब अंदर रखो और हैंडल करो। और यही उसको तोड़ [संगीत] देता है। अंदर से तो प्रेशर बिल्ड हो रहा है और चेहरे पर एक फेक स्माइल है। और भाई तुम प्रॉब्लम सॉल्व करतेकरते खुद प्रॉब्लम बन गए। तो सच्चाई दोस्तों यह है आपको पैसों की नहीं आपको कनेक्शन की जरूरत है। आपको लग्जरी की नहीं, बिलॉन्गिंग रिस्पेक्ट मिल रही लेकिन अंडरस्टैंडिंग नहीं मिल रही। और यही वह गैप है, यही वह गैप है जो धीरे-धीरे आपको अकेला बना रहा है। आपकी नेटवर्थ बढ़ रही, बैंक बैलेंस बढ़ रहा है। लेकिन शायद लाइफ की वर्थ कम हो रही है। तो सवाल यह पैदा होता है भाई करें तो क्या करें? लोगों से रिकनेक्ट करो। नेटवर्क करो, कुछ ग्रुप ज्वाइन करो, कुछ एक्सरसाइज ग्रुप ज्वाइन करो, कोई म्यूजिक ग्रुप ज्वाइन करो। और भी कोई इंटरेस्ट हॉबी ग्रुप ज्वाइन करो। मुझे याद है हमारे यहां पर कुछ साल पहले एक ग्रुप होता था ईट लॉ। हम लोग Facebook पे ग्रुप था। वहां से मिल मिला के कहीं भी कभी पराठे वाली गली में दिल्ली में पराठे खाने संडे चले जाते थे। कभी किसी रेस्टोरेंट में खाने के लिए चले जाते थे। आज यहां पर हमारे गुड़गांव में एक म्यूजिक ग्रुप है। म्यूजिक जैम था। अभी संडे को ही म्यूजिक जैम था। वहां खूब नाच गाना हुआ। जाके Facebook पे देखना म्यूजिक कनेक्ट गुड़गांव। कितनी मस्ती करते हैं बहुत सारे लोग। एक्सरसाइज ग्रुप है क्या पार्क में। वहां पर हम पार्क पे जाके एक्सरसाइज करते हैं। लाफ्टर योगा करते हैं। यह होती है बिलॉन्गिंग। यह होता है कनेक्शन। नए सर्कल बनाओ। अपनी बात शेयर करना सीखो। कुछ ऐसा क्लोज सर्कल बनाओ जहां पे एक जैसी भावनाओं के एक जैसे लाइकिंग के लोग हो जहां पे अपनी बात शेयर कर सको। दिल की बात शेयर कर

Segment 2 (05:00 - 08:00)

अपनी बात शेयर कर सको। दिल की रिलेशनशिप के लिए टाइम निकालो और कम्युनिटी जॉइ करो। हमारे यहां तजुर्बा कम्युनिटी पूरे इंडिया में है। 400 से ज्यादा मेंबर है। तजुर्बा जॉइ करो। यहां पे फन है, मस्ती है। हम लोग ऑफसाइट करते हैं, पिकनिक्स करते हैं। अभी हम लोग इस बृहस्पतिवार को हम जा रहे हैं गो का कार्टिंग करने के लिए। बताओ तो दोस्तों आज के बाद अपनी लाइफ को खाली पैसों से नहीं मेजर करो क्योंकि एंड में आपकी रिलेशनशिप भी मैटर करती है और वही आपकी सोशल कैपिटल भी है। जैसे बैंक में पैसा एक कैपिटल होता है ऐसे आपका नेटवर्क एक सोशल कैपिटल है। और दोस्तों कनेक्शन बिना ना लाइफ अधूरी है। दोस्तों नेटवर्क आपका नेटवर्थ होता है। मेरे फोन में आज 4000 कनेक्शन है। 400 नेशनल इंटरनेशनल इतना भारी इतना बड़ा नेटवर्क है। अगर मैं रोज पांच लोगों को भी मिलूं तो मेरी जिंदगी कम पड़ जाएगी। इतना बड़ा नेटवर्क है। आज एक फोन उठाऊं कहीं भी कुछ काम वो हो जाता है। कहां म्यूजिक कहां एक्सरसाइज कहां पर किस तरह का नेटवर्क तजुर्बा का बिजनेस नेटवर्क अलग, एक्सरसाइज का नेटवर्क अलग, म्यूजिक का नेटवर्क अलग। कई तरह के नेटवर्क है। बहुत सारी कम्युनिटीज है। जिंदगी में मौज ही मौज है यार। [गला साफ़ करने की आवाज़] आज 69 साल की उम्र में आपको दिख रहा है मैं कितना खुश और कितना एनर्जेटिक बंदा हूं। कहानी बताता हूं आपको। अमेरिका के पास एक रोजेटो टाउन था। रोजेटो नाम की जगह इटली से कोई बंदा आके बसा और धीरे-धीरे उसके सारे रिश्तेदार वहीं आ गए तो उस शहर का नाम रोजेटो पड़ गया। रिसर्च हुई। पता लगा रोजेटो टाउन में कैंसर नहीं है। हार्ट अटैक नहीं है। लंबी उम्र लोग जीते हैं। बीमारियां नहीं है। वजह क्या है? तो वहां पे जाके देखा तो लोग सब ओवरवेट। कहते हैं डॉक्टर कहते हैं ओवरवेट नहीं होना चाहिए। डॉक्टर बोलते हैं मीठा नहीं खाना। डॉक्टर बोलते हैं वाइन बियर वििस्की नहीं पीनी चाहिए। वहां शुरुआत सुबह बियर से हो रही है। सिगरेट नहीं पीनी चाहिए। वहां सिगार पी रहे हैं फिर भी लंबा क्यों जी रहे हैं? क्योंकि कम्युनिटी लिविंग थी। [संगीत] हमको याद है जब हमारी शादी हुई थी तो हमने होटल ही बुक कराए थे। पड़ोसियों से कमरे लिए थे। पड़ोसियों ने मदद की थी। कोई हलवाई लाया, कोई भाजी लाया, कोई मेहमानों का ख्याल रख रहा है, कोई खाना सर्व करा रहा है। ये सब होता था दोस्तों। ये थी कम्युनिटी लिविंग। कम्युनिटी ज्वाइन करो। अकेलापन वैसे ही बहुत हो गया। फैमिलीज़ छोटी हो गई है। जॉइंट फैमिलीज़ है नहीं। मां-बाप कहीं बच्चे कहीं भाई-बन। तो ऐसे में कम्युनिटी ज्वाइन करोगे। वहां जो रिश्ते बनेंगे वहां जो रिलेशन बनेंगे वो आपको लंबी उम्र अच्छी सेहत और खुशियां भी देंगे। तो दोस्तों याद रखना नेटवर्क बनाओ। खाली नेटवर्थ नहीं और यह वीडियो उन दोस्तों को भेजना जिनसे बहुत सालों से बात नहीं हुई और एक फोन करना याद आ रही थी। रिलेटिबल लगा कुछ अंदर से हिला तो यह वीडियो लाइक करो शेयर करो उन लोगों के साथ पुराने दोस्तों के साथ जो अकेले हैं और डिस्क्रिप्शन में हमारी तजुर्बा ऐप है कनेक्शन से जुड़ो 400 कनेक्शन है एक करोड़ होने वाले हैं तजुर्बा कम्युनिटी में बहुत शानदार बहुत ही वाइब्रेंट कम्युनिटी है आज ये ऐप डाउनलोड करो और बहुत सारे ऐसे प्रोग्राम वीडियो कोर्सेज और अगर आप बिजनेस में है तो बहुत सारी लीड्स आपको वहां पर फ्री मिलेगी थैंक यू ओम
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