Class 11th - Watch This Before it's too LATE🔥| Don't Ruin your Class 11 | Prashant Kirad
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Class 11th - Watch This Before it's too LATE🔥| Don't Ruin your Class 11 | Prashant Kirad

Prashant Kirad 11th & 12th 24.04.2026 610 955 просмотров 35 703 лайков

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Оглавление (3 сегментов)

Segment 1 (00:00 - 05:00)

हाय क्लास 11th कैसे हो सभी के सभी? अभी ना तुम्हारा रिजल्ट आया कुछ टाइम पहले क्लास 10थ का। कुछ बच्चों का अच्छा रिजल्ट आया। बहुत खुश हो रहे हैं। 90% आ गई 95% आ गई। अब तो भैया क्लास 11th के अंदर एकदम मचा देंगे, फोड़ देंगे। कुछ बच्चों का बेकार रिजल्ट आया। बहुत परेशान हो रहे हैं कि भैया रिजल्ट बेकार आ गया क्लास 10th का। अब तो क्या ही कर पाएंगे हम जिंदगी के अंदर। जिंदगी एकदम खराब हो गई। इतनी मेहनत करी, इतने एफर्ट लगाए लेकिन फिर भी अच्छा रिजल्ट नहीं आ पाया। एक ऑनेस्ट स्टोरी बताता हूं। और मेरी आज की बात ना ध्यान से सुन लेना। आज की वीडियो तुम्हारी पूरी प्रिपरेशन को बदलने वाली है। बहुत सीरियस नोट पे आज मैं तुमसे बात करने आया हूं। एक बार की एक स्टोरी है। दो स्टूडेंट्स हुआ करते थे। तो उन्होंने बहुत मेहनत करी क्लास 10थ के अंदर। बहुत एफर्ट्स लगाए। जी जान लगा दी अपनी। एक स्टूडेंट की 70 75% के आसपास आई थी। और जो दूसरा स्टूडेंट था वो 95 आ गई उसकी। ठीक है? अब वो बहुत खुश 95 वाला। 7075 वाला थोड़ा परेशान बट उसने हार नहीं मानी। उसने सोचा कि ठीक है कोई दिक्कत नहीं है। 10थ के अंदर कम परसेंटेज है। आगे मेहनत करेंगे। 2 साल बाद क्लास 12th का पेपर होता है। वो जो 95 वाला था ना वो रह जाता है सिर्फ और सिर्फ 60% पे। और ये जो था ना 70% वाला ये 90% लेकर आता है। ये रियल स्टोरी है। और तुम में से बहुत लोगों के साथ ये होगा। अब जिनकी अच्छी परसेंटेज आई है वो डर रहे हैं। वो सोच रहे हैं भैया डरा क्यों रहे हो यार? ऐसा क्या हो जाएगा? क्योंकि ना हर एक स्टूडेंट कुछ गलतियां करेगा अगले 2 साल क्लास 11th क्लास 12th के अंदर। जिन गलतियों की वजह से क्लास 12th के अंदर बोर्ड एग्जाम के अंदर उसके मार्क्स बहुत कम आएंगे। सिंपल चेतावनी देने आया हूं। क्या गलतियां है भैया? एक-एक करके बताता हूं। उनके सॉल्यूशन भी बता देता हूं, गलतियां भी बता देता हूं। बट इस वीडियो को तभी देखना जब तुम सच में सीरियस हो और जितनी मैं गलतियां बता रहा हूं ना उनको रिलेट करना खुद से और उनका सॉल्यूशन ध्यान से सुनना और अप्लाई करना बहुत इंपॉर्टेंट वीडियो है। पहली मैं बता देता हूं। देखो पहली गलती पहली चीज क्या होगी ना ओवर कॉन्फिडेंस हो जाएगा। है ना? जैसे वो जो स्टूडेंट था ना जिसकी 95% आई उसको क्या लगने लगा ना कि यार अब तो मेरी अच्छी परसेंटेज आ गई। मैंने कम पढ़ाई करी लेकिन फिर भी मेरे मार्क्स अच्छे आ गए। अब तो क्या है ना मैं तो शायद पढ़ने में बहुत अच्छा हूं। मेरी तो ब्रेन पावर बहुत अच्छी है। मेरी तो मेमोरी क्लास 11th में थोड़ा आराम से पढ़ लेता हूं। 12th में पढूंगा अच्छे मार्क्स ले आऊंगा। उसको ये लगा क्लास 11th में मौज मस्ती करता रहा। नहीं करी पढ़ाई ढंग से। क्लास 11th में बहुत कम स्कोर आया। क्लास 12th के बहुत सारे कांसेप्ट क्लास 11th से लिंक होते हैं। तो अब उसे क्लास 12th भी समझ नहीं आ रही है। और फिर जब बोर्ड हुआ तो बोर्ड में भी कम मार्क्स रह गए। जबकि वो जो दूसरा स्टूडेंट था ना उसको यह पता था कि मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं है। भाई मेरी ऑलरेडी 70% आई है। मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं है। बट मेरे पास मेहनत करके पाने के लिए बहुत कुछ है। इसलिए उसने क्या करा? उसने मेहनत करी भाई। उसने रगड़ा। ठीक है? दो साल क्लास 11th और क्लास 12th और उसके बाद उसने बहुत बेहतरीन स्कोर अचीव करा। और यही मैं तुम्हें बताना चाहता हूं। अगर रिजल्ट अच्छा आया है ये ओवर कॉन्फिडेंस खुद के अंदर बाहर निकाल कर फेंक दो और अगर रिजल्ट बेकार आया है भाई तुम बेस्ट स्टेट पे हो अभी के समय पर क्योंकि तुम्हारे पास खोने के लिए कुछ है ही नहीं दुनिया ऑलरेडी तुम्हें फेलियर समझ रही है। दुनिया ऑलरेडी तुम्हें लूजर समझ रही है। अब तुम्हारे अंदर तो एक जोश होना चाहिए। जुनून होना चाहिए इस दुनिया को गलत प्रूफ करने का। तो तुम्हें तो 110% मेहनत लगानी है। तुम्हारे पास कुछ नहीं है खोने को यार। अब तुम क्या करोगे? मेहनत करोगे। और जिसका रिजल्ट अच्छा आया है दोस्त ओवर कॉन्फिडेंस मत करना। दो साल ढंग से मेहनत लगाना क्योंकि क्या पता है स्कोर कम हो जाए और अगर तुमने अच्छे से मेहनत करी क्या पता है स्कोर इससे भी ज्यादा हो जाए। ठीक है? मेहनत का गेम है पूरा का पूरा। एफर्ट्स तो ये चीज बहुत इंपॉर्टेंट है। ये मिस्टेक तुम्हें नहीं करनी है। ओवर कॉन्फिडेंस में नहीं आना है। और जिनका स्कोर कम आया है, डीमोटिवेट नहीं होना है। मेहनत लगानी है। ये है स्टेप नंबर वन। दूसरी चीज समझना। स्टेप नंबर टू क्या है? पढ़ने का सही तरीका। अब बहुत सारे ऐसे बच्चे हैं ना जो कि क्लास 10th की तरह क्लास 11th में पढ़ेंगे। है ना? उनको लग रहा होगा कि ठीक है क्लास 10थ में पढ़ लिया। अब वैसे ही क्लास 11th में पढ़ लेंगे। सेम ही तो है। सेम बिल्कुल भी नहीं है। क्या है पढ़ने का सही तरीका? समझना। पहली चीज लेस रिसोर्सेज। देखो मुझे पता है जब तुम क्लास 10थ में आए थे। तुमने शायद बहुत सारी किताबें ली होंगी। क्लास 11th में ये गलती मत करना। तुम अगर एनसीईआरटी उठाओगे तुम एनसीईआरटी भी कंप्लीट नहीं कर पाओगे। तुम अगर किसी कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे हो जेईई नीट की तो तुमसे कोचिंग के मॉड्यूल नहीं होंगे। इवन कॉमर्स में अगर तुम किसी कोचिंग में जा रहे हो उनकी डीपीपीस उनके मॉड्यूल्स तुमसे कुछ भी नहीं होंगे। इसलिए मैं बोल रहा हूं लेस रिसोर्सेज जिस कोचिंग में जिस ऑनलाइन बैच में तुम पढ़ रहे हो उसको एकदम ब्लाइंडली फॉलो करना पड़ेगा। एनसीईआरटी तो है ही। एनसीईआरटी के साथ-साथ वो जो कोचिंग में पढ़ाया जा रहा है वो जो डीपीपीस मिल रही हैं, मॉड्यूल्स मिल रहे हैं उनको फॉलो करो। जब ये दोनों चीजें हो जाए उसके बाद तुम किसी और क्वेश्चन बैंक की तरफ कोई एक्स्ट्रा किताब की तरफ बढ़ोगे। उससे पहले

Segment 2 (05:00 - 10:00)

कोई जरूरत नहीं है। उससे पहले बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। अगली चीज लिसन इन क्लास। देखो क्लास 10थ तक क्या होता था ना आपके पास टाइम बहुत होता था। तो अगर तुमने थोड़े दिन ऐसा हुआ कि तुम्हारा फोकस नहीं हुआ, तुम्हारा कंसंट्रेशन नहीं हुआ तो तुम ये सोचते हो कि ठीक है आज की क्लास में समझ नहीं आया। अब क्या करेंगे? घर जाएंगे, नोट्स उठाएंगे और फिर समझ लेंगे। यही करते थे। क्लास 11th में टाइम ही नहीं मिलेगा। 1% टाइम नहीं मिलेगा। अगर तुमने क्लास में कंसंट्रेशन से नहीं सुना ना तो ये तो तुम भूल जाओ कि तुम घर आकर उसको समझ लोगे क्योंकि एक तो टॉपिक थोड़े हाई लेवल पहुंच चुके हैं। टाइम तुम्हारे पास है नहीं। तुम्हें रियलाइज हो गया होगा। स्कूल्स वगैरह स्टार्ट हो गए होंगे। कोचिंग-वचिंग स्टार्ट हो गई होंगी। अब तुम्हें रियलाइज हो गया होगा कि टाइम नहीं है भाई। बिल्कुल भी नहीं है टाइम। इसलिए मैं बोल रहा हूं क्लास में 100% कंसंट्रेशन से भाई सुनना पड़ेगा। उसके अलावा कोई ऑप्शन नहीं। अगली चीज समझना नोट्स मत बनाओ। अब ये एक ऐसी टिप है, एक ऐसी स्ट्रेटजी है जो कि तुम्हें ऐसा लगेगा कि प्रशांत भैया ये क्यों बोल रहे हैं पर तुम्हारे भलाई के लिए बोल रहा हूं। स्पेशली अगर तुम जेई नीट जैसे एग्जाम की तैयारी कर रहे हो सुंदर-सुंदर नोट्स मत बनाना। हाथ जोड़ के बोल रहा हूं। नोट्स बनाना अपना टाइम वेस्ट करने के बराबर है। है ना? बस ऐसे नोट्स बनाओ जो कि तुम्हें समझ में आए। हां, नोट्स रिवीजन के लिए इंपॉर्टेंट है कि एग्जाम है तो रिवाइज कैसे करेंगे भैया? नोट्स से करेंगे। बिल्कुल करेंगे। ऑब्वियस सी बात है। बस नोट्स ऐसे बनाओ। जल्दी-जल्दी बनाओ। बेकार हैंडराइटिंग में बनाओ। बट उसमें टाइम वेस्ट मत करना। मेरा इंपॉर्टेंट पॉइंट ये है। मुझे नोट्स बनाने से कोई प्रॉब्लम नहीं है। मुझे प्रॉब्लम है नोट्स में टाइम वेस्ट करने से। अगर तुम सुंदर नोट्स बना रहे हो भाई। चार बार लाइनें बना रहे हो। सुंदर-सुंदर पेन से कर रहे हो। जो जैसे कि तुम 10थ तक करते आए थे। अगर तुम वो कर रहे हो ना तो वो एकदम गलत है। अब ये नहीं करना है। जल्दी नोट्स बनाओ। टाइम बचाना है इस क्लास के अंदर ना तुम्हारे 10-10 मिनट 15-15 मिनट भी इंपॉर्टेंट है। वेरीेंट अगली चीज़ रिवीज़ इज़ मोस्टेंट। अगर तुम्हें ऐसा लग रहा है कि भाई तुम एक बार पढ़ोगे और तुम्हें सब कुछ याद रह जाएगा जैसे कि तुम्हें 10थ तक रहता था। अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि कांसेप्ट बहुत सारे हैं। तुमने किताबें अभी तक देख ली होगी। तुम्हें पता चल गया होगा कितनी मोटी-मोटी किताबें हैं। कितने सारी चीजें तुम्हें पढ़नी है। इसलिए रिवीजन बार-बार बार-बार करते रहना। जब भी तुम लेक्चर में जा रहे हो ना मान लो तुम एक ऑनलाइन बैच के अंदर पढ़ रहे हो। क्लास स्टार्ट होने से 10 मिनट पहले बस पन्नों को एक बार पलट लो कि कल क्या पढ़ाया था। बस इतना काम कर लो। अगर इतना भी कर लेते हो ना तो रिवीजन तुम्हारा ऑटोमेटिकली होता रहेगा। बट ये डेली करना पड़ेगा। अगर एक दिन भी मिस करा तो दिक्कतें हो जाएंगी दोस्त। ठीक है? ये था स्टेप नंबर टू। अब बढ़ते हैं स्टेप नंबर थ्री की तरफ। स्टेप नंबर थ्री है मन से जीतना पड़ेगा। मन से जीतने का मेरा क्या मतलब है? देखो ऐसा कितनी बार होता तुम मुझे खुद कमेंट्स में बता देना। ऐसा होता है ना कि तुम्हारा पढ़ने का मन नहीं कर रहा। फॉर एग्जांपल मैं एक बहुत प्यारा एग्जांपल देता हूं। मान लो तुमने ये सोचा था कि हम ना 5:00 बजे से पढ़ना स्टार्ट कर देंगे। ठीक है? अब क्या हुआ कि तुम्हारा पढ़ने का मन नहीं हो रहा। तुम बेड पे आराम से लेटे हुए हो। बिल्कुल तुम्हारा उठने का मन नहीं कर रहा। और तब हो जाते हैं 5:10। कितने हो जाते हैं? 5:10। और फिर तुम क्या तुम खुद से बोलते हो कि 5:10 हो गए हैं। चलो ऐसा करते हैं। थोड़ी देर और मोबाइल फोन वगैरह चला लेते हैं और ना 5:30 यानी 5:30. 5:30 से पढ़ना स्टार्ट करेंगे। ऐसा बोलते हो? बोलते हो तो एक बार कमेंट में बताओ। बोलते हो ना? 90% बच्चे ये खुद से कर रहे हैं। पता है इसको हम क्या बोलते हैं? मन से हार जाना। तुम्हारे दिमाग ने तुम्हें डिफीट कर दिया है। भाई आज तुम उस स्थिति में बैठे हो ना जिसके अंदर तुम्हारा दिमाग तुम्हें बेवकूफ बना रहा है। वो तुमसे बोल रहा है कि 10 मिनट और, 15 मिनट और, आधे घंटे और। और इस लूप के अंदर तुम अपना पूरा का पूरा दिन खराब कर रहे हो। तुम्हें भी पता है, मुझे भी पता है। ठीक है? क्या सशन है? एव्री 5 मिनट इजेंट फॉर मी। यह खुद से हमें बोलना पड़ेगा। यानी हर 5 मिनट मेरे लिए इंपॉर्टेंट है। अगर 5:00 बजे सोचा था पढ़ने बैठेंगे और अगर 5 भी हुए हैं ना तो वो 5 मिनट भी इंपॉर्टेंट है। तो भाई उसी समय पर मोबाइल फोन छोड़ो पढ़ने बैठो। ये फर्क नहीं पड़ता कि अभी तक तुमने कितना टाइम खराब कर दिया है। फर्क इस बात से पड़ता है कि अब तुम्हारे पास कितना टाइम बचा है। वो इंपॉर्टेंट है। तो ये मत सोचो कि अब तो 15 मिनट बाद पढ़ेंगे, आधे घंटे बाद पढ़ेंगे, 1 घंटे बाद पढ़ेंगे। अरे छोड़ो यार अगर तुम्हारे पास रात को 10 मिनट भी है ना पढ़ने के लिए। मान लो तुम किसी फंक्शन से आए हो, किसी शादी से आए हो और तुम्हारे पास सिर्फ 10 मिनट है। 10 मिनट बाद तुम सोने जा रहे हो। उस 10 मिनट में भी पढ़ाई करना। ये इंपॉर्टेंट चीज है। ठीक है? ये करना पड़ेगा अब। तो इसलिए मैं बोल रहा हूं एक माइंडसेट बनाओ। हर 5 मिनट इंपॉर्टेंट रहेंगे तुम्हारे लिए। हमें अपने मन को हराना पड़ेगा। मन से जीतना पड़ेगा। वेरीेंट। ठीक है? अगले स्टेप की तरफ बढ़ते हैं। नेक्स्ट स्टेप बैकलॉग्स। बैकलग्स तो मत बनने देना। मुझे पता है अभी तक बहुत ऐसे स्टूडेंट्स होंगे जिनकी ऑलरेडी बैकलॉग्स बन चुकी होंगी। है ना? ऐसा लग रहा है कि भैया अभी तो स्टार्ट हुई थी क्लास 11th और बैकलग पे बैकलग बनती जा रही हैं। देखो दोस्त बैकलग एक ऐसी चीज है ना जिसको तुम कंप्लीट नहीं कर पाओगे। तुम अपने सीनियर्स से पूछना जो कि क्लास 12th के अंदर हैं। पता है वो क्या बोलते हैं? वो बोलते हैं प्रशांत भैया काश ना हम क्लास 11th में

Segment 3 (10:00 - 12:00)

ढंग से पढ़ लिए होते। क्लास 11th में अगर हमारी बैकलग नहीं बनी होती ना तो क्लास 12th में हमें कोई दिक्कत नहीं आती। वो ये इसलिए बोलते हैं क्योंकि 11th के अंदर अगर तुम्हारी एक सब्जेक्ट की भी बैकलग बन गई ना, एक चैप्टर भी तुम्हारा बैकलॉग मिल गया तो तुम्हें टाइम ही नहीं मिलेगा उसको कवर करने का। 10th में तो टाइम मिल जाता था ना? क्योंकि स्कूल के अंदर कोर्स तुम्हारा बहुत जल्दी खत्म हो जाता था सेप्टेंबर- अक्टोबर में। यहां पर कोर्स खत्म ही नहीं होगा। दिसंबर जनवरी चला जाएगा बट तुम्हारा कोर्स खत्म नहीं होगा। इतना सारा कोर्स है। इसलिए मैं बोल रहा हूं बैकलग मत बनने देना। अगर बैकलग बन रही है ना अभी तक जितनी बन चुकी हैं उनको कंप्लीट करो। थोड़ा मेहनत लगानी पड़ेगी। थोड़ी एफर्ट लगानी पड़ेगी। बट तुम अभी स्टार्ट कर रहे हो। इसलिए अभी से तुम्हें वॉर्न कर रहा हूं। चेतावनी दे रहा हूं कि बैकलग मत बनने देना। इस चीज को ध्यान रखो। ये था हमारा फोर्थ इंपॉर्टेंट टिप। अब आता हूं मैं पांचवी और सबसे इंपॉर्टेंट टिप की तरफ जो कि है सेल्फ डाउट। देखो आज की वीडियो में तुम्हें लग रहा होगा यार प्रशांत भैया 10th तक तो आप बहुत प्यार से बोला करते थे। प्यार से पढ़ाया करते थे। आज इतने गुस्से में क्यों हो? इतनी एनर्जी में क्यों हो? देख तेरा बड़ा भाई हूं। तेरे भले के लिए बोल रहा हूं। मेहनत लगानी पड़ेगी। अगर तू ये सोच रहा है, तू ये सोच ले रही है कि बिना मेहनत के अच्छे मार्क्स आ जाएंगे। नहीं आएंगे। बिल्कुल नहीं आएंगे। ठीक है? इसलिए आज मैं तुझे एकदम खुले में बोल रहा हूं कि मेहनत लगा लेना। और एक लास्ट पॉइंट जो कि सेल्फ डाउट है ना उस चीज को बहुत ध्यान से समझना। देख ऐसे बहुत एग्जाम आएंगे, बहुत टेस्ट होंगे तुम्हारे ट्यूशन के अंदर, कोचिंग के अंदर, स्कूल के अंदर जब तुम्हारे मार्क्स कम आएंगे। क्लास 10थ तक तुम्हारे 90% आए, 95% आए। क्लास 11th में ऐसे बहुत टेस्ट होंगे जब तुम्हारे 50%, 60% 70% आएंगे। बिल्कुल होगा। हर बार तुम खुद से पूछोगे कि मैं तो टॉपर हुआ करता था। मेरे तो मार्क्स अच्छे आया करते थे। मुझे अचानक से क्या हो गया? लेकिन ना उस समय पर तेरे इस बड़े भाई की एक बात याद रखना। खुद के अंदर सेल्फ डाउट मत होने देना। तुम्हारे अंदर वही टॉपर बैठा हुआ है। वो टॉपर कहीं खो नहीं गया है भाई। अगर मार्क्स कम आ रहे हैं ना तो चलने दो सारी चीजों को। मेहनत तुम करते रहो। क्योंकि एक समय आएगा जब वापस से तुम्हारे मार्क्स वो 90 95% पहुंचेंगे। मैं इस चीज की तुम्हें गारंटी दे रहा हूं। 10001% ठीक है। अभी से बता रहा हूं मैं। बहुत बार तुम्हें सेल्फ डाउट वाली प्रॉब्लम आएगी। बहुत बार तुम्हें लगेगा कि भैया क्या मुझसे हो पाएगा? क्या नहीं हो पाएगा? क्या मैंने कोई गलत स्ट्रीम तो नहीं ले ली है। क्या मैं इस स्ट्रीम के लिए बना हूं भी या नहीं हूं? सेल्फ डाउट मत करना। ठीक है? चलते रहो। आगे बढ़ते रहो। मेहनत लगाते रहो। जीतोगे तुम। मुझे पता है। मुझे भरोसा है। मैंने पढ़ाया तुम्हें 10थ तक। मुझे पता है। ठीक है? जीतोगे तो। जाओ इन गलतियों को अवॉइड करना। इन स्टेप्स को फॉलो करना ऑन दिस नोट। थैंक यू एवरीवन। मैं हूं आप सभी का अपना प्रशांत भैया। मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो के अंदर। टेक केयर। बाय।

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