MEC 203 Unit 10 Class 1 - Basic Of Derivative Full Lecture | MEC 203 Quantitative Methods
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MEC 203 Unit 10 Class 1 - Basic Of Derivative Full Lecture | MEC 203 Quantitative Methods

MA ECONOMICS IGNOU MAEC 05.04.2026 532 просмотров 16 лайков

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​ MEC 203 Unit 10 Class 1 - Basic Of Derivative Full Lecture | MEC 203 Quantitative Methods 👉👉About Video : Question : what is Derivative ? Answer : The derivative of a function measures the function's rate of change. Derivative is the rate of change in the function due to (with respect to ) independent variable . In other words derivative is the rate of change of one (dependent) variable owing to the change of the other (independent) variable. 👉About Us : 📌 Institute Name : Eco Dot Com 📌Office Video : https://youtu.be/7GRyQ4m0XOs 📌Channel Name : MA ECONOMICS IGNOU MAEC 📌Android App link : https://wkprk.on-app.in/app/home?orgCode=wkprk&referrer=utm_source=copy-link&utm_medium=tutor-app-referral 📌 Mail id : ecodotcom007@gmail.com 📌Address - New Delhi 👉Follow Us On 🔵 Facebook page : https://www.facebook.com/profile.php?... 🟠 Instagram : https://instagram.com/ecodotcom?igshi... 🔵 telegram : https://t.me/+1GOgZvL7TBc5Yjc1 👉Basic Of Function 🔵Class 1 : https://youtu.be/CQ8X015p-Ec 🔵 Class 1: https://youtu.be/de-qZWumm1k 🔵 Class 1 : https://youtu.be/7FGgW_DNnVI 👉👉 About Channel : Dear students this channel is only for M.A. Economics IGNOU (MEC/MAEC). We have made this channel to guide the students who are really interested in learning the syllabus deeply and in detail. In this channel we tell you , how to prepare for M.A. Economics IGNOU ( MEC/MAEC) what are the reference books for different subjects, what is pattern of exam, how to make assignment etc. We provide complete coaching for MEC 103, MEC 203 Quantitative Methods and MEC 101 Microeconomics Analysis. Our course is based on all the reference books referred by IGNOU and pervious paper since 2016 because (earlier papers are outdated). We teach from our own study material that are very organized and convenient to study that is available on our Android App - ECO DOT COM ( link : http://on-app.in/app/home?orgCode=wkp... ) and available in hardcopy also .We can help you by selling solved assignment and solution of previous year question papers . #WhatIsDerivative #BasicOfDerivative #mec203quantitativemethodsUnit10 #mec203quantitativemethodsFreeOnlineClasses #Mec203ImportantQuestionsAndsolutionOfPreviousYearQuestionPapers #maeconomicsignoumaec #maeconomicsignoufirstsemester #maeconomicsigoumaecwithkuldeepsingh #economicsclasseswithkuldeepsingh #maeconomicsignoulectures #MaEconomics #KuldeepSingh

Оглавление (15 сегментов)

Segment 1 (00:00 - 05:00)

नमस्ते दोस्तों, आज की इस क्लास में हम लोग एमसी 203 के सबसे इंपॉर्टेंट यूनिट को स्टार्ट करेंगे। यूनिट नंबर 10। अ यूनिट का नाम है डिफरेंशियल कैलकुलस फंक्शन ऑफ़ वन वेरिएबल। बेसिकली हमें इस यूनिट के अंदर डेरिवेटिव और डिफरेंशिएशन को सीखना है और ये यूनिट आपकी आगे जितने भी यूनिट हैं उन सबका बेस है। अगर आपको यूनिट नंबर 10 नहीं आता है तो आगे के जितने भी यूनिट्स हैं एमसी203 में मैथमेटिक्स के वो आप नहीं सीख पाओगे। इसके अलावा जब तक हमें डेरिवेटिव ऑफ़ डिेंशिएशन नहीं आता है तो हम इकोनॉमिक्स में अपनी कमांड नहीं बना पाएंगे। आप इसके बिना माइक्रोइकोनॉमिक्स भी नहीं कर पाओगे। मैक इसके अलावा सेकंड ईयर में जैसे आपका इकोनोमेट्रिक्स है आप उसको भी नहीं कर पाओगे और रिसर्च मेथड में भी आपको थोड़ी दिक्कत होगी। ठीक है? तो कुल मिला के चैप्टर आपके लिए बहुत इंपॉर्टेंट है। ये तो हुई बात कि ये चैप्टर आगे सभी चैप्टर का बेस है। एक बार थोड़ा सा ये भी देख लेते हैं कि हाल ही के सालों में इस चैप्टर से कौन-कौन से मतलब किसके साल क्वेश्चन आया है। तो जून 2024 में जो क्वेश्चन पेपर था क्वेश्चन नंबर 10 का ए पार्ट इसी चैप्टर से आया था। इसके बाद दिसंबर 24 में क्वेश्चन नंबर से का ए पार्ट इसी यूनिट से आया था और उसके बाद दिसंबर 24 में ही इसी साल ही क्वेश्चन नंबर 11 का बी पार्ट और जून 2025 में क्वेश्चन नंबर फाइव का ए पार्ट और दिसंबर 2025 में क्वेश्चन नंबर वन का ए पार्ट। तो पिछले कुछ सालों में आप देख सकते हो इस यूनिट से ये क्वेश्चन आए हुए हैं। अब हम स्टार्ट करते हैं। तो आप अपना इग्नू का स्टडी मटेरियल निकाल लीजिए और अगर अभी आपका स्टडी मटेरियल नहीं आया है आपके घर पे तो आप इग्नू की ऑफिशियल वेबसाइट से डाउनलोड कर लीजिएगा। ये आप फिर Google पे लिखिएगा ई ज्ञान को। वहां से भी आप डाउनलोड कर सकते हो। तो सबसे पहले आप देखोगे इसमें है टॉपिक 10. 1 ऑब्जेक्टिव ये हमें नहीं पढ़ना है। इसके बाद टॉपिक 10. 1 इंट्रोडक्शन ये भी जो टॉपिक है आपका टॉपिक 10. 2 टॉपिक का नाम है डेरिवेटिव। ब्रैकेट में लिख लेना बेसिक ऑफ डेरिवेटिव। इस टॉपिक के अंदर हम डेरिवेटिव का जितना भी बेसिक ये पढ़ेंगे। तो बेसिकली आपका जो टॉपिक नंबर 10. 2 है यह पेज नंबर 249 से स्टार्ट होके पेज नंबर 254 तक जाता है। लेकिन इग्नू के स्टडी मटेरियल में एक थोड़ा गड़बड़ है कि इन्होंने क्या करा है? यहां से लेकर यहां तक जो पेज नंबर है इसमें बहुत सारे टॉपिक हैं। लेकिन इन्होंने किसी टॉपिक की अलग से हेडिंग नहीं बनाई है। ऐसे लिखते चले गए हैं। उससे क्या होता हमें समझने में दिक्कत होती है। तो हमने हमारे नोट्स में क्या करा है? जो आपका टॉपिक नंबर 10. 2 है इसको कुछ पार्ट्स में डिवाइड कर दिया है। जैसे आप देखोगे हमें इस टॉपिक के अंदर सबसे पहले तो समझना है व्हाट इज़ डेरिवेटिव? डेरिवेटिव की डेफिनेशन। उसके बाद डिफरेंट नोटेशन ऑफ़ डेरिवेटिव। उसके बाद हाउ टू फाइंड डेरिवेटिव जिसको हम डिेंशिएशन भी कह सकते हैं। और उसके बाद व्हाट इज़ डिेंशिएबिलिटी? डिेंशियल कैलकुलेशन? उसके बाद व्हाट इज़ यूज़ ऑफ़ सिंपल डेरिवेटिव इन इकोनॉमिक्स एंड बिज़नेस? देखो ये टॉपिक आपके लिए सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट है क्योंकि आपके एग्जाम में सारे क्वेश्चंस ऐसे नहीं आएंगे जिसमें सीधा-सीधा लिखा हो कि आपको डेरिवेटिव कैलकुलेट करना है। कई क्वेश्चन ऐसे भी आएंगे जहां पे लिखा नहीं होगा डेरिवेटिव कैलकुलेट करना है। बट आपको डेरिवेटिव यूज़ करना पड़ेगा। जैसे आप सामने आपकी स्क्रीन पर ये क्वेश्चन देख लो। इसमें कहीं लिखा है क्वेश्चन डेरिवेटिव का डिफरेंशिएशन का नहीं लिखा है। बट हमें यहां पे डेरिवेटिव और डिफरेंशिएशन यूज़ करना पड़ेगा। तो हमें ये पता होना चाहिए कि कहां-कहां पे डेरिवेटिव यूज़ होता है। इसके बाद है टॉपिक नंबर सेवन फार्मूले ऑफ़ डेरिवेटिव। और उसके बाद है रूल ऑफ़ डिफरेंशिएशन। अ चार रूल है। सम और डिफरेंस रूल, चैनल रूल, अ प्रोडक्ट रूल। उसके बाद कोसेंट रूल। देखो हमारे पास डिफरेंशिएशन का या डेरिवेटिव के जो भी क्वेश्चंस होते हैं उन क्वेश्चन को करने के लिए तीन इंपॉर्टेंट चीजें हैं। पहली चीज तो हमें ये पता होना चाहिए कि डिेंशिएशन का यूज़ कहां-कहां करना है। ठीक है? उसके लिए हमें ये भी पता होना चाहिए डेरिवेटिव क्या है? दूसरी चीज़ हमें डेरिवेटिव के फ़ूले याद होने चाहिए। तीसरी चीज डेरिवेटिव में जो चार रूल लास्ट

Segment 2 (05:00 - 10:00)

में हमने बताए हैं सम और डिफरेंस रूल चैनल रूल प्रोडक्ट रूल कोसेंट रूल ये याद होने चाहिए। अगर ये चीजें हमें नहीं याद है हमें नहीं या हमने इनको समझा नहीं है तो हम डेरिवेटिव का जो कांसेप्ट है या जो क्वेश्चन है उसको हैंडल नहीं कर पाएंगे। तो चलिए करते हैं स्टार्ट। तो सबसे पहले हम लोग स्टार्ट करेंगे टॉपिक को व्हाट इज डेरिवेटिव। देखिए इस टॉपिक को समझने के लिए हमें एक चीज पहले से ही आनी चाहिए। वो चीज है बेसिक ऑफ फंक्शन। तो अगर आपको बेसिक ऑफ़ फंक्शन आता है तो आप इस क्लास को कंटिन्यू कर सकते हो। नहीं तो डिस्क्रिप्शन में आप जाइएगा। वहां पे आपको बेसिक ऑफ़ फंक्शन की छोटी-छोटी तीन क्लासेस के लिंक मिलेंगे। पहले आप उस क्लास को देख लीजिएगा। मैं यह मान के चल रहा हूं कि आपको बेसिक ऑफ फंक्शन आता है। तो हम जब भी डेरिवेटिव की बात करते हैं तो एक चीज हमें दी जाती है। इट इज गिवन क्या दिया जाता है? आपको दिया जाता है कोई एक फंक्शन। ठीक है? जैसे कि हम लोग फंक्शन के बेसिक में समझ चुके हैं कि आम तौर पे हम फंक्शन को डिनोट करते हैं इस तरीके से। दिस y इज द फंक्शन ऑफ़ x यहां पे आपको पता है कि आपका जो y है इट इज डिपेंडेंट वेरिएबल और आपका जो x है इट इज इंडिपेंडेंट वेरिएबल। हमें इकोनॉमिक्स में काफी तरह के फंक्शन दिए जाते हैं। जैसे हमारे पास डिमांड फंक्शन होता है। फॉर एग्जांपल इट इज़ 10 - 2p हमारे पास सप्लाई फंक्शन होता है। फॉर एग्जांपल x = 30 + 1. 5p हमारे पास प्रोडक्शन फंक्शन भी होता है। इट इज़ q = a अलफा k बीटा ठीक यूटिलिटी फंक्शन होता है u = a x अलफा y बीटा इसके अलावा हमारे पास और भी बहुत सारे फंक्शन हो सकते हैं। जैसे मान लीजिए फर्स्ट फंक्शन है dc = 40 + tan q तो इन सभी फंक्शन में अगर आप देखोगे ना कुछ डिपेंडेंट वेरिएबल है और कुछ इंडिपेंडेंट वेरिएबल है। फॉर एग्जांपल अगर हम डिमांड फंक्शन की बात करें तो मार्केट में अगर आप कोई चीज़ खरीदने जाते हो तो आपकी डिमांड क्या करती है? डिमांड किस पे डिपेंड करती है? डिमांड डिपेंड्स ऑन प्राइस यानी P सिमिलरली अगर मान लीजिए आप बिनेसमैन हो और आप किसी चीज की सप्लाई करते हो तो आपकी सप्लाई किस पे डिपेंड करती है? अगेन P अगर आप किसी चीज का प्रोडक्शन करते हो तो जो आपका प्रोडक्शन है यानी जो चीज़ आप बनाना चाहते हो जो आपका आउटपुट है वो किस पे डिपेंड करता है? है वो तीन चीजों पे डिपेंड करता है। टेक्नोलॉजी, लेबर, कैपिटल। तो आपके फंक्शन में के कैपिटल है, एल लेबर है और एक हमने टेक्नोलॉजी मान ली है। इसी तरह से आपका जो यूटिलिटी फंक्शन है, ठीक है? आपकी जो यूटिलिटी है, वो किस पे डिपेंड करती है? वो डिपेंड करती है आपके कंजमशन पे तो यहां x और y क्या है? x और y वो कमोडिटी की यूनिट ऑफ कंजमशन है जो चीज आप कंज्यूम कर रहे हो। कंजमशन ऑफ़ टू गुड्स। यहां पर x और y क्या है? दो चीजें हैं। तो टू गुड्स। वैसे रियल लाइफ में बहुत सारी चीज़ यूज़ करते हैं। बट हमने यहां पे एग्जांपल के लिए ले लिया। अब आप किस चीज़ का प्रोडक्शन करते हो? तो प्रोडक्शन करने में कुछ खर्चा होता है। जिसको हम कॉस्ट कहते हैं। कॉस्ट किस पे डिपेंड करता है? Q क्या है? आपका आउटपुट। यानी आप कितनी चीज़ बनाओगे? कितनी यूनिट बनाओगे इस पे डिपेंड करता है। अब मैंने यहां ये जो चीजें लिखी है ये जितनी भी चीजें हैं डिमांड, सप्लाई, यूटिलिटी ये सब डिपेंडेंट वेरिएबल है। ये कैसे वेरिएबल है? डिपेंडेंट। इसके अलावा जैसे हमने यहां पे लिया है P, लेबल, कैपिटल, टेक्नोलॉजी, कंजमशन ऑफ़ टू गुड्स या फिर आउटपुट। ये क्या है? ये है आपके इंडिपेंडेंट वेरिएबल। तो किसी भी फंक्शन में डिपेंडेंट वेरिएबल होता है और किस उसी फंक्शन में कुछ इंडिपेंडेंट वेरिएबल भी होते हैं। अब डेरिवेटिव का यहां पे क्या रोल है? देखो जैसे आपको पता है मान लीजिए टमाटर का जो प्राइस है ठीक? वो इनक्रीज हो जाए। तो आपको पता है जो टमाटर की डिमांड है वो डिक्रीज हो जाएगी। यानी रियल लाइफ में क्या होता है? जब भी इंडिपेंडेंट वेरिएबल में चेंज होता

Segment 3 (10:00 - 15:00)

है तो होने की वजह से डिपेंडेंट वेरिएबल में भी चेंज होता है। है ना? हम इकोनॉमिक्स में ये देखना चाहते हैं कि अगर आपके इंडिपेंडेंट वेरिएबल में चेंज हो जाता है। ठीक है? तो इंडिपेंडेंट वेरिएबल की वजह से जो आपका डिपेंडेंट वेरिएबल है उसमें रेट ऑफ़ चेंज क्या होता है? यानी किस स्पीड से चेंज हो रहा है? क्या रेट है? तो जब आप इंडिपेंडेंट वेरिएबल की वजह से डिपेंडेंट वेरिएबल में होने वाले रेट ऑफ चेंज को देखते हो तो उसको ही हम लोग क्या बोलते हैं? इसको हम लोग बोलते हैं डेरिवेटिव। इज इट क्लियर? तो हमारे पास बहुत सारे फंक्शनंस होते हैं। उन फंक्शन में जो भी इंडिपेंडेंट वेरिएबल है उसकी वजह से डिपेंडेंट वेरिएबल में जो रेट ऑफ़ चेंज है उसको हम लोग डेरिवेटिव कहते हैं। तो आप इसको नोट डाउन कर लीजिए। हम डेरिवेटिव की डेफिनेशन एक बार देख लेते हैं। डेफिनेशन ऑफ़ डेरिवेटिव। तो जैसे मैंने आपको बताया है इंडिपेंडेंट वेरिएबल में चेंज होने की वजह से डिपेंडेंट वेरिएबल में भी चेंज होता है। तो हम यहां पे क्या देखना चाहते हैं? आप कह सकते हो इज द रेट ऑफ चेंज इन डिपेंडेंट वेरिएबल जिसको हम तौर पे किससे डिनोट कर देते हैं y से। ठीक है? ड्यू टू चेंज इन इंडिपेंडेंट वेरिएबल जिसको आम तौर पे किससे डिनोट कर देते हैं x से। ठीक है? अब हम लोग यहां पे जो ड्यू टू को लिखते हैं ड्यू टू की जगह आप ये भी लिख सकते हो विद रेस्पेक्ट टू और हम लोग इसको शॉर्ट में लिख देते हैं wrt ठीक है अब अगर आप लोग देखोगे आपका जो y है बेसिकली y क्या है फंक्शन तो हम लोग कई बार जो डेफिनेशन देंगे तो आप डेफिनेशन में ये भी लिख सकते हो डेरिवेटिव इज़ द रेट ऑफ़ चेंज इन डिपेंडेंट वेरिएबल की जगह आप लिख सकते हो फंक्शन। बाकी यही रहेगा तो क्योंकि y और फंक्शन एक ही बात है। तो आई थिंक आपको ये पता चल गया डेरिवेटिव क्या है? अब बात ये आती है कि जो डेरिवेटिव है डेरिवेटिव का नोटेशन क्या है? तो हम डेरिवेटिव को डेफिनेशन के बाद क्योंकि मैथ में हमारे पास जो भी चीज होती है हम हर चीज को एक नोटेशन देते हैं। नोटेशन ऑफ़ डेरिवेटिव। देखो डेरिवेटिव के वैसे अलग-अलग मैथमेटिशियन लोगों ने अलग-अलग नोटेशन दिए हैं। बट मैं पहले आपके साथ एक जनरल नोटेशन यूज़ कर रहा हूं। ठीक? तो अगर मुझे लिखना है रेट ऑफ चेंज इन डेरिवेटिव सॉरी इन डिपेंडेंट वेरिएबल तो डेरिवेटिव का जो नोटेशन होता है जैसे मुझे अगर इसका डेरिवेटिव लेना है तो इसका नोटेशन ये है इसको आप क्या पढ़ोगे इट इज़ डेरिवेटिव ऑफ़ y विद रिस्पेक्ट टू x इज इट क्लियर या आप इसको ये भी बोल सकते हो रेट ऑफ चेंज इन y विद रिस्पेक्ट टू x तो ये किसका नोटेशन है? ये डेरिवेटिव का नोटेशन है या फिर ये रेट ऑफ चेंज का नोटेशन है। ठीक? जैसे y के लिए हमने ले लिया है। इसी तरह से अगर मैं इसके राइट साइड की बात करूं तो इसको आप ऐसे लिखोगे। ठीक है। इसका मतलब क्या है? इसका मतलब है डेरिवेटिव ऑफ़ फंक्शन विद रिस्पेक्ट टू x या आप कह सकते हो रेट ऑफ चेंज इन फंक्शन विद रिस्पेक्ट टू x तो आई थिंक आपको ये बात समझ में आ गई होगी कि डेरिवेटिव क्या होता है और डेरिवेटिव का जो नोटेशन है डेरिवेटिव का नोटेशन क्या होता है। ठीक है? अब जैसे हमने बात करी कि ये जो नोटेशन है डेरिवेटिव का जनरल नोटेशन है। लेकिन इस नोटेशन के अलावा कुछ और नोटेशन भी होते

Segment 4 (15:00 - 20:00)

हैं। हमारे पास तीन और नोटेशन है वो आप आपकी स्क्रीन पर देख लो। तो अब हम लोग यह देख लेते हैं हमारे पास ये जो फंक्शन है इस फंक्शन के डेरिवेटिव के कितने नोटेशन होते हैं। देखो आमतौर पर हमारे पास फंक्शन के तीन नोटेशन होते हैं डेरिवेटिव के लिए। पहला जो नोटेशन है वो ये नोटेशन है। ये नोटेशन दिया था ग्रेट मैथमेटिशियन लाइबिस्ट ने। इस नोटेशन को हम लोग बोलते हैं लाइव नोटेशन। ठीक है? इट इज़ डेरिवेटिव ऑफ़ y विद रिस्पेक्ट टू x डेरिवेटिव ऑफ़ फंक्शन विद रिस्पेक्ट टू x। उसके बाद हमारे पास जो दूसरा नोटेशन है ये नोटेशन दिया था ग्रेट मैथमेटिशियन लॉगरेंज जी ने इस नोटेशन को हम लोग बोलते हैं प्राइम नोटेशन ठीक है तो ये क्या रिप्रेजेंट कर रहा है डेरिवेटिव ऑफ़ y विद रिस्पेक्ट टू x डेरिवेटिव ऑफ़ फंक्शन विद रिस्पेक्ट टू x हमारा जो तीसरा नोटेशन है सॉरी ये नोटेशन दिया था ग्रेट मैथमेटिशियन यू लर्निंग और इस नोटेशन को हम लोग बोलते हैं डी नोटेशन या फिर यंगर नोटेशन। ठीक है? तो बेसिकली ये भी क्या है? डेरिवेटिव ऑफ़ y विद रिस्पेक्ट टू x डेरिवेटिव ऑफ़ फंक्शन विद रिस्पेक्ट टू x। अगर हम लोग एक नया फंक्शन लें जिस फंक्शन में इंडिपेंडेंट वेरिएबल x ना हो के t हो। t मतलब टाइम। तो आपके ये जो तीन नोटेशन है यह तो रहेंगे ही। ठीक है? ये ठीक है। डी के नीचे टी आ जाएगा और y लेकिन अभी हमारे पास एक नया नोटेशन होगा चलेगा। फोर्थ नोटेशन इस नोटेशन में आप क्या करोगे? डेरिवेटिव के लिए y के ऊपर ऐसे डॉट लगा दोगे। और यहां पर फंक्शन के ऊपर भी क्या करोगे? डॉट लगा दोगे। तो ये क्या है? ये है डेरिवेटिव ऑफ़ y विद रिस्पेक्ट टू t। ये क्या है? डेरिवेटिव ऑफ़ फंक्शन विद रिस्पेक्ट टू t। इस नोटेशन को हम डॉट नोटेशन कहते हैं। और ये नोटेशन दिया था ग्रेट मैथमेटिशियन न्यूटन जी ने। तो मैंने आपको ये बता दिया है कि डेरिवेटिव के डिफरेंट नोटेशन क्या होते हैं। आपको ये भी बता दिया है कि डेरिवेटिव क्या होता है। अब हम लोग ये समझते हैं कि डेरिवेटिव को कैलकुलेट कैसे करा जाता है? डेरिवेटिव आता कैसे है? तो आप इसको नोट डाउन करिए। फिर आगे चलते हैं। अभी तक आपने ये सीख लिया है कि डेरिवेटिव क्या होता है? डेरिवेटिव होता है रेट ऑफ़ चेंज ऑफ़ फंक्शन विद रिस्पेक्ट टू x। अब हमारा अगला क्वेश्चन ये क्रिएट होता है कि इस रेट ऑफ़ चेंज को आप निकालोगे कैसे? ठीक है? तो अब हम लोग ये समझेंगे कि रेट ऑफ चेंज को कैसे निकाला जाता है। मान लीजिए आपके पास ये फंक्शन है और आपसे कहा गया है कि आप इस फंक्शन का डेरिवेटिव निकाल दो। डेरिवेटिव ऑफ फंक्शन विद रेस्पेक्ट टू x मतलब d / dx तो बेसिकली हम आपसे कह रहे हैं कि आपको क्या निकालना है? रेट ऑफ चेंज इन फंक्शन विद रिसेक्ट टू x यही आपका डेरिवेटिव होता है। तो इसको निकालने का क्या होता है? एक प्रोसेस होता है। आप फंक्शन लोगे फंक्शन में कुछ प्रोसेस फॉलो करोगे और उस प्रोसेस को फॉलो करके आपको क्या मिल जाएगा? आपको डेरिवेटिव मिल जाएगा। क्वेश्चन ये क्रिएट होता है कि वो प्रोसेस क्या है? तो आपका यह जो प्रोसेस है फंक्शनंस से डेरिवेटिव को फाइंड आउट करने का इस प्रोसेस को हम लोग बोलते हैं डिेंशिएशन। मैंने 11थ 12th पास कर चुके। कई स्टूडेंट से पूछा इवन कई ऐसे भी स्टूडेंट्स हैं जिन्होंने ग्रेजुएशन भी कर ली है और ग्रेजुएशन में मैथ भी पढ़ा है। मैंने उनसे पूछा कि आप मुझे बताओ डेरिवेटिव और डिेंशिएशन के बीच का डिफरेंस क्या होता है? तो आप मानोगे कि बहुत कम ही बच्चे डेरिवेटिव और डिेंशिएशन के बीच का डिफरेंस बता पाए। ज्यादातर लोग नहीं बता पाए। तो हम समझ लेते हैं डेरिवेटिव तो बेसिकली रेट ऑफ़ चेंज होता है। फंक्शन में जो डिेंशिएशन है वो प्रोसेस जिस प्रोसेस से आप रेट ऑफ़ चेंज निकालते हो। तो आप ये कह सकते हो डिफरशिएशन इज द प्रोसेस

Segment 5 (20:00 - 25:00)

टू फाइंड द डेरिवेटिव ऑफ़ ए फंक्शन। तो अगर आप किसी फंक्शन का डेरिवेटिव निकालते हो उस डेरिवेटिव को निकालने का जो प्रोसेस है हमारे पास उस प्रोसेस को हम लोग क्या बोलते हैं डिेंशिएशन। तो अब हमें ये समझना है कि फंक्शन का डेरिवेटिव कैसे निकालेंगे यानी जो डिेंशिएशन है जो प्रोसेस है उसको हम लोग समझते हैं। इस प्रोसेस को हम दो तरीके से समझ सकते हैं। कितने तरीके से? दो तरीके से। अगर आपको ये पूरा प्रोसेस अच्छे तरीके से समझ में आ गया तो आप लोग जितने भी आपके एग्जाम में कोई भी डेरिवेटिव और डिफरेंशिएशन से रिलेटेड क्वेश्चन आएगा और डिफरेंशिएशन आपके माइक्रोइकोनॉमिक्स में, ग्रोथ एंड डेवलपमेंट में, इकोनोमेट्रिक्स में, रिसर्च मेथड में जहां-जहां भी डिफरेंशिएशन यूज़ हो रहा है, आप उसको बहुत अच्छी तरीके से वो सारे कांसेप्ट समझ सकते हो। ठीक है? मैं ये थोड़ा इरेज़ कर लेता हूं। उसके बाद हम लोग समझते हैं कि जो प्रोसेस है डिफरशिएशन वो क्या है। तो आगे चलने से पहले एक बार मैं डेरिवेटिव और डिेंशिएशन की डेफिनेशन यहां लिख देता हूं जिससे आपको दिखते रहे और याद करने में आसानी हो। तो ये डेफिनेशन आप लोग देखते रहिए। आपको याद हो जाएगी। अब हम लोग बात करते हैं कि वो प्रोसेस क्या है जिससे हम डेरिवेटिव निकालते हैं वो प्रोसेस हमें समझनी है। तो इस पूरे प्रोसेस को समझने के हमारे पास दो तरीके हैं। पहला तरीका समझ लेते हैं। मान लीजिए आपके पास x की एक वैल्यू है x1। ठीक? हम ये मान लेते हैं हमारे पास x की एक पुरानी वैल्यू है। आप इसे पुरानी वैल्यू बोल लीजिए या आप इसको इनिशियल वैल्यू बोल दो या आप इसको ओरिजिनल वैल्यू बोल दो। बात एक ही है। ठीक है? और हमारे पास y की भी एक पुरानी वैल्यू है। फॉर एग्जांपल y1 ठीक है? y यानी फंक्शन। तो हमारे पास ये वैल्यू हो गई y की यानी फंक्शन की। इसके बाद हमारे पास एक नई वैल्यू है। x की नई वैल्यू ये है। अब x चेंज हो गया है। बेसिकली पहले x1 था। अब क्या हो गया? x2। अब x चेंज हो गया तो सीधी सी बात है y भी चेंज होगा। क्योंकि x में चेंज होने की वजह से इंडिपेंडेंट वेरिएबल डिपेंडेंट वेरिएबल में भी चेंज होगा। ठीक है? हम यहां पे देखना चाहते हैं चेंज। क्या देखना चाहते हैं? चेंज। ठीक है? तो चेंज इन x की अगर हम लोग बात करें कि x में कितना चेंज हुआ है। तो x में होने वाली चेंज को निकालने के लिए आप नई वाली वैल्यू में से पुरानी वाली वैल्यू को सबट्रैक्ट कर दोगे। इसको हम डेल्टा एक x या h से डिनोट करते हैं। ये जो नोटेशन है इस नोटेशन का मतलब है डेल्टा और मैथ में डेल्टा का मतलब होता है चेंज। ठीक? बिल्कुल इसी तरीके से अगर आप चेंज इन y देखना चाहते हो। ठीक है? तो आपका जो y में चेंज हो रहा है वो हो गया y2 - y1 यानी y की पुरानी वाली वैल्यू में से नई वाली वैल्यू को आप घटा दो। सॉरी नई वाली वैल्यू में से पुरानी वाली वैल्यू को घटा दो। यह हो गया आपका डेल्टाy और कुछ बुक्स में इसको k से डिनोट कर देते हैं। अच्छा y2 - y1 लिखो या x fx2 - fx1 लिखो बात एक है। क्यों? क्योंकि आपका y2 किसके इक्वल है? ठीक है? और y1 किसके इक्वल है? इसके इक्वल है। अब हम लोग क्या करें? जो y में जो चेंज हो रहा है, y में चेंज को अगर हम x में होने वाले चेंज से डिवाइड कर दें। आप थोड़ा आसान भाषा में समझ पाओ। उसके लिए हम एग्जांपल भी ले लेंगे। बट पहले ये क्लियर कर लेते हैं। डेल्टाy का मतलब क्या है? y2 - y1 डेल्टा एक x का मतलब क्या है? x2 - x1 और y2 को हम fx2 भी लिख सकते हैं और y1 को fx वन लिख सकते हैं। हो गया x2 - x1 अगर हम लोग ये मान ले कि x की पहले वाली वैल्यू थी फॉर एग्जांपल 4 और y 10। x2 की नई वैल्यू हो गई थी न और y की आपकी नई वाली वैल्यू हो गई थी फॉर एग्जांपल 12 ठीक है तो अगर आप ये देखोगे कि x में कितना चेंज हुआ है तो नई वैल्यू माइनस पुरानी वैल्यू यानी फाइव का चेंज y में कितना चेंज हुआ है नई वैल्यू माइनस पुरानी वैल्यू यानी टू का चेंज अब अगर हम इनको डिवाइड कर दें मतलब y में जो चेंज है वो आपका टू है। x में आपका जो चेंज है वो फाइव है तो आ गया 0 4 अब ये बात आपको क्या बता रही है? मतलब

Segment 6 (25:00 - 30:00)

ये जो चीज़ है इससे आपको क्या पता चल रहा है? इससे हमें यह पता चल रहा है कि x में अगर एक यूनिट का चेंज होता है। x में चेंज कितना हो रहा है? एक यूनिट का। तो x में एक यूनिट का चेंज होने की वजह से y में जो चेंज हो रहा है वो है 0. 4 और इसको हम लोग बोलते हैं पहले आप नोट डाउन कर लो। मैं थोड़ा सा ऊपर से इरेज करूंगा। ठीक? तो देखिए हमारे पास बेसिकली डेल्टाy बाय डेल्टा एक्स जो कि ये आपका था टू और ये था आपका फाइव हमने डिवाइड करा हमारे पास आ गया 0 अब ये वैल्यू आपको क्या बता रही है ये वैल्यू आपको बता रही है कि अगर आप x में एक यूनिट का चेंज करते हो या x में एक यूनिट का चेंज होता है तो एक यूनिट में चेंज होने की वजह से y में जो चेंज हुआ है वो है 0 4 अब इसको हम क्या बोलते हैं? इसको हम लोग बोलते हैं इट इज चेंज इन y ठीक है? फॉर पर यूनिट चेंज इन x यानी x में एक यूनिट का चेंज होने की वजह से y में कितना चेंज हो रहा है? इसको एक चीज और बोला जाता है। इसको बोला जाता है एवरेज रेट ऑफ चेंज इन y अब y बोलो या फंक्शन बोलो बात एक ही है। ठीक है? विद रिसेक्ट टू x बट हमारे साथ समस्या ये है कि हम एवरेज रेट ऑफ़ चेंज निकालने में इंटरेस्टेड नहीं है। हम एवरेज रेट ऑफ हैं। हमें क्या निकालना है? हमें निकालना है रेट ऑफ़ चेंज। लेकिन हमारे पास अभी ये जो आया है ये क्या है? एवरेज रेट ऑफ़ चेंज। व्हाट इज़ दिस? दिस इज़ ठीक है? अब क्वेश्चन ये क्रिएट होता है कि एवरेज रेट ऑफ़ चेंज तो हमारे पास आ गया है। बट रेट ऑफ़ चेंज कैसे निकालेंगे? तो उसके लिए हमें क्या करना पड़ेगा? ये जो डेल्टा x में वन का चेंज हो रहा है, हम ये चाहते हैं कि जो डेल्टा x है मतलब जो x में होने वाला चेंज है वो बहुत छोटी वैल्यू होनी चाहिए। तो अगर ये डेल्टा x बहुत छोटी वैल्यू हो जितनी छोटी वैल्यू हो सकती है। तो हमारा जो एवरेज रेट ऑफ चेंज है एवरेज रेट ऑफ चेंज में बदल जाएगा। एवरेज रेट ऑफ चेंज किस में बदल जाएगा? रेट ऑफ चेंज में किस में रेट ऑफ चेंज इन y विद रिसेक्ट टू x तो अगर आप एवरेज रेट ऑफ़ चेंज क्योंकि जो हमें नहीं चाहिए हमें क्या चाहिए? रेट ऑफ़ चेंज। तो अगर आप एवरेज रेट ऑफ़ चेंज को रेट ऑफ़ चेंज में बदलना चाहते हो यानी आप डेरिवेटिव निकालना चाहते हो। रेट ऑफ़ चेंज का मतलब क्या है? डेरिवेटिव। तो आपको डेल्टाx एक बहुत छोटी वैल्यू लेनी पड़ेगी। सबसे छोटी वैल्यू जिससे छोटी कोई वैल्यू हो ना लेकिन वैल्यू पॉजिटिव होनी चाहिए। ठीक है? यहां पे फिलहाल तो अगर मैं आपसे कहूं कि डेल्टा x में सबसे छोटी वैल्यू बताओ तो आप कहोगे 0. 9 0. 8 0. 7 0. 69 नहीं डेल्टा x में जो सबसे मतलब डेल्टा x यानी x में होने वाली जो चेंज है उसमें जो सबसे छोटी वैल्यू होगी वो 0. 0 जितनी जीरो आप लगा सकते हो आपका मन कर रहा है एक दो जीरो 10000 जीरो लाख जीरो करोड़ जीरो जितनी जीरो आप लगा सकते हो उतनी जीरो लगा लो। उसके बाद क्या लगा? वन। तो आप अगर यहां देखोगे ये x में होने वाला सबसे छोटा चेंज है। ये क्या है? चेंज। अब इसमें अगर आप ये वैल्यू देखोगे ये वैल्यू तो ये वैल्यू लगभग जीरो के बराबर है। जीरो तो नहीं है। यानी जीरो के बहुत पास है। नियर टू जीरो है। तो अगर कोई वैल्यू जीरो के बहुत पास है। तो हम मैथ में उसको कैसे डिनोट करते हैं? आप ऐसे एक तीर का निशान बनाते हो और यहां जीरो लिख देते हो। तो अगर कोई वैल्यू जीरो के इक्वल होगी तो उसको तो लिखने का तरीका हो गया इक्वल टू 0। लेकिन अगर कोई वैल्यू जीरो के इक्वल नहीं है बट जीरो के बहुत पास है। बहुत पास ठीक है? बिल्कुल क्लोज है। तो उसको कैसे लिखेंगे? तीर का निशान जीरो। उस तीर के निशान को क्या पढ़ते हैं? इस हम लोग पढ़ते हैं टेंड्स टू। यानी पूरा क्या पढ़ा जाएगा? टेंड्स टू 0 या फिर इसको अप्रोचेस भी पढ़ते हैं।

Segment 7 (30:00 - 35:00)

एप्रोज टू जीरो या मान लीजिए। ठीक है? तो अगर हमारा डेल्टा x क्या है? डेल्टा x टेंड्स टू 0 यानी लगभग लगभग 0 के बराबर है। अगर हम यहां पे इसके अंदर ये कंडीशन पुट कर दें। क्या कंडीशन पुट कर दें? ये वाली कंडीशन। कंडीशन यानी कोई शर्त यानी हमने ये मान लिया कि हमारे पास अब एक लिमिट है। लिमिट यानी हमारी एक बाउंडेशन है कि डेल्टा x यही होना चाहिए। तो अगर मैं यहां पे एक लिमिट लगा दूं लिमिट क्या है कि x में जो चेंज हो रहा है वो लगभगलगभग ज़ीरो के बराबर है। मतलब डेल्टा x टेंड्स टू 0 तो आपका ये जो एवरेज रेट ऑफ़ चेंज था में बदल जाएगा। और हमारा जो डेल्टाy बाय डेल्टा x है ये जो डेल्टाy / डेल्टा x है ना लिमिट लेने के बाद ये डेरिवेटिव बन जाता है। तो आपको बात समझ में आई कि जो फंक्शन का डेरिवेटिव निकालने का प्रोसेस है वो प्रोसेस क्या है? यानी डिेंशिएशन क्या है? तो डिेंशिएशन आपको ये बताता है कि आपके पास एक फंक्शन है उसमें दो वेरिएबल है। आप पहले डेल्टा में सॉरी y में होने वाला चेंज निकालो और x निकालो। दोनों को आपस में डिवाइड कर दो। दोगे तो आपके पास एवरेज रेट ऑफ चेंज आ जाएगा जो कि आपको क्या बता रहा है जो कि आपको बता रहा है कि अगर x में एक यूनिट का चेंज होगा तो y में कितना चेंज होगा जब आप ये निकाल लो तो आप इसमें एक लिमिट ले लो लिमिट क्या ले लो लिमिट ये है कि डेल्टा x जो है हम उसको लगभग जीरो के बराबर मान लेंगे उसको लिखोगे कैसे डेल्टा x टेंड्स टू 0 की कंडीशन बना देंगे अगर आपका यहां पे डेल्टा x लगभग जीरो के बराबर हो जाए यानी टेंड्स टू 0 तो जो ये वाला सिंबल है ये वाला सिंबल इस वाले सिंबल में चेंज हो जाता है। दूसरा आपका एवरेज रेट ऑफ़ चेंज क्या बन जाता है? रेट ऑफ़ चेंज यानी डेरिवेटिव। तो आप डेरिवेटिव कैसे निकालोगे? डेरिवेटिव के लिए y में होने वाला चेंज निकालोगे, x में होने वाला चेंज निकालोगे। दोनों को आपस में डिवाइड कर दोगे। आपको क्या मिल जाएगा? एवरेज रेट ऑफ़ चेंज। फिर क्या करोगे? डेल्टा y / डेल्टा x में लिमिट ले लोगे। डेल्टा x टेंड्स टू 0 तो आपका एवरेज रेट ऑफ़ चेंज। रेट ऑफ़ चेंज में बदल जाएगा। यानी डेरिवेटिव में बदल जाएगा। तो ये पूरा प्रोसेस है डेरिवेटिव को निकालने का। बट इसको निकालने का भी एक तरीका और है। हमने ये जो मैंने आपको प्रोसेस समझाया प्रोसेस मैंने इसलिए समझाया कि डेरिवेटिव आपके दिमाग में घुस जाए कि डेरिवेटिव क्या होता है। लेकिन हमने इस पूरे प्रोसेस के अंदर इस फंक्शन को यूज़ नहीं करा है। मैंने विदाउट फंक्शन आपको समझा दिया कि पहला ऑब्जेक्टिव तो होता है कॉनंसेप्ट क्लियर कराना। अब हम लोग फंक्शन को यूज़ करके समझेंगे कि डेरिवेटिव को कैसे निकाला जाता है। मतलब पूरा जो डिेंशिएशन का प्रोसेस है वो क्या है? आप इसको नोट डाउन करिए। फिर आगे चलते हैं। तो हमारा जो दूसरा प्रोसेस है उसको समझ लेते हैं। देखो ये मैं इस फंक्शन को थोड़ा यहां लिख लेता हूं बीच में थोड़ा आसानी रहेगी समझने में। y इज़ द फंक्शन ऑफ़ x। अब हम लोग ये मान लेते हैं कि x में चेंज हो गया है। और x में जो चेंज हुआ है वो डेल्टा x हुआ है। ठीक है? तो x में हमने क्या ऐड कर दिया? डेल्टा x यानी जो भी x में चेंज हुआ है। अब x में चेंज होने की वजह से y में भी चेंज हुआ है। तो y में क्या ऐड कर दोगे? डेल्टाy ठीक है। उसके बाद डेल्टाy उसके बाद fx + डेल्टा एक्स इस वाले y को इधर लेके आ जाओ। ये y हो गया। क्योंकि डेल्टाy fx + डेल्टा x अच्छा y किसके इक्वल है? y fx के इक्वल है। तो आप fx ले लो। इसके बाद दोनों साइड ना डेल्टा x से डिवाइड कर दो। डिवाइडिंग बोथ द साइड्स बाय डेल्टा एक्स तो हम दोनों साइड डेल्टाx से डिवाइड कर देते हैं तो हमें क्या मिल जाएगा? हमें ये मिल गया fx + डेल्टाx fx / डेल्टा x अब दोनों तरफ आप लिमिट ले लो टेकिंग लिमिट डेल्टा x टेंड्स टू 0 बोथ द साइड्स। तो अगर आप दोनों तरफ लिमिट लोगे तो क्या हो जाएगा? लिमिट डेल्टा एक्स टेंड्स टू 0 डेल्टाy बाय डेल्टा एक्स इधर fx + डेल्टा एक्स - fx / डेल्ट एक्स ठीक। अब जब आपने लिमिट ले ली है तो अब ये जो लेफ्ट हैंड साइड है आपकी ये चेंज हो जाएगी डेरिवेटिव में डेरिवेटिव ऑफ़ y विद

Segment 8 (35:00 - 40:00)

रिस्पेक्ट टू x और जो राइट हैंड साइड है ये चेंज हो जाएगी इसमें ठीक है तो ये क्या मिल गया आपको इट इज़ डेरिवेटिव ऑफ़ y विद रिस्पेक्ट टू x ये क्या मिल गया आपको इट इज डेरिवेटिव ऑफ़ फंक्शन विद रिस्पेक्ट टू x या आप इसे कह सकते हो रेट ऑफ़ चेंज इन y विद रिस्पेक्ट 2x और इसको आप क्या कह सकते हो? रेट ऑफ़ चेंज इन फंक्शन विद रेस्पेक्ट टू x तो मैंने आपको ये बता दिया है कि डेरिवेटिव क्या होता है? डिेंशिएशन क्या होता है? डेरिवेटिव निकालने का जो पूरा प्रोसेस होता है मतलब हम फंक्शन से लेकर और यहां डेरिवेटिव तक कैसे आते हैं पूरा जो स्टेप बाय स्टेप है मैंने आपको समझा दिया है तो यहां से लेके यहां तक का ये जो पूरा प्रोसेस है ये प्रोसेस से क्या है डिेंशिएशन क्योंकि इस प्रोसेस से ही आपने क्या निकाला है आपने निकाला है डेरिवेटिव इज इट क्लियर अब यहां पे मैं आपको एक दो बात और बताऊंगा उसके बाद हमारा जो कांसेप्ट है डिेंशिएशन वो खत्म हो गया है अ फिर हम लोग ये समझेंगे कि डेरिवेटिव का इकोनॉमिक्स में क्या यूज़ है? उसके बाद न्यूमेरिकल क्वेश्चन। तो आप इसको नोट डाउन कर लो। मैं थोड़ा सा इरेंज कर देता हूं। देखिए हमारे पास ये जो डेल्टाy बाय डेल्टा एक्स था जिसको हम लोग बोल देते हैं एवरेज रेट ऑफ़ चेंज। ठीक है? एक बात ध्यान रखेंगे हम इसको डिफरेंस रेशो भी बोलते हैं। क्या बोलते हैं? डिफरेंस रेशो क्योंकि आप में से ना जो लोग आगे नेट जेआरएफ का एग्जाम दोगे या फिर आप में से जो लोग पीजीटी का एग्जाम देंगे उसके लिए बेसिक आपका बहुत क्लियर होना चाहिए ऑब्जेक्टिव क्वेश्चंस को हैंडल करने के लिए। और हमारे पास जब ये आ जाता है ये डेरिवेटिव y ठीक है? यानी क्या हो गया? रेट ऑफ चेंज। तो ऊपर वाला था आपका रेट ऑफ चेंज सॉरी एवरेज रेट ऑफ चेंज और नीचे वाला क्या हो गया? रेट ऑफ चेंज। ऊपर वाली वैल्यू को हम बोलते हैं डिफरेंस रेशो। और ये जो हमारे पास नीचे वाली वैल्यू है इसको हम लोग बोलते हैं डिफरेंशियल रेशो। क्या बोला जाता है इसको? रेशो और इसको रेशो भी बोला जाता है। कोशंट रेशो तो आप ये दोनों चीजें नोट डाउन कर लो। इसके बाद यहां पे एक और चीज है। लास्ट चीज जो मैं आपको समझाना चाह रहा हूं। ये इसको थोड़ा जल्दी वो है। ठीक? वो यह है जैसे आपको पता है यहां से यहां पर आने का जो प्रोसेस है उस प्रोसेस के अंदर एक स्टेप है और वो स्टेप क्या है? वो स्टेप ये है कि हम लिमिट लेते हैं डेल्टा x टेंड्स टू 0 इसके अंदर और फिर ये किसके इक्वल हो जाता है? फिर इसके इक्वल हो जाता है। ठीक है? तो डेल्टाy बाय डेल्टा एक्स यहां पे हम जब लिमिट ले रहे हैं जीरो यानी नीचे वाली वैल्यू ना जीरो नहीं है लगभग जीरो के बराबर है तो एक बात ध्यान रखना ऊपर आपके पास कुछ भी हो क्वेश्चन मार्क ऊपर कुछ भी है अगर किसी चीज को आप ज़ीरो से डिवाइड कर दो तो किसके इक्वल हो जाता है वो इनफिनिटी के ठीक है लेकिन यहां पे डेल्टाy डिवाइडेड बाय क्या है डेल्टा x और डेल्टा x को हमने क्या माना? हमने डेल्टा x को जीरो नहीं माना है। हमने माना है जो आपका डेल्टा x है वो लगभग 0 के बराबर है। वो लगभग क्या है? जीरो के बराबर। तो अगर किसी भी चीज को जीरो से डिवाइड दो किसके इक्वल हो जाती है? इनफिनिटी के इक्वल हो जाती है। तो अब ये क्या है? ये इनफिनिटी के इक्वल होगी। ना ये इंफिनिटी के इक्वल नहीं होगी। तो क्या होगा? अगर हम डेल्टा x टेंड्स टू 0 ले लेते हैं तो आपकी ये वाली जो वैल्यू है ये इनफिनिटी के इक्वल नहीं होगी। ये भी लगभग इनफिनिटी के इक्वल होगी। यानी ये भी हो जाएगा टेंड्स टू इनफिनिटी। क्या हो जाएगा? टेंड्स टू इनफिनिटी। ये तो ज़ीरो के इक्वल नहीं लिखा है क्योंकि यहां

Segment 9 (40:00 - 45:00)

पे भी इक्वल नहीं है। तो ये क्या हो गया? ये भी लगभग इनफिनिटी के बराबर होगा। ठीक है? और वो प्लस की भी इनफिनिटी हो सकती है और माइनस है। वो चेंज पे डिपेंड करता है। जैसे अगर हम लोग देखें प्राइस बढ़ने पे डिमांड कम हो जाता है। हो जाती है। तो यहां पे डिमांड जो कम हो रही है वो किधर जा रही है? माइनस की तरफ जा रही है। तो जो चेंज हो रहा है वो किस में हो रहा है? माइनस में हो रहा है। अब अगर आप लोग अपने ग्रेजुएशन पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद जब आप अगर आप में से जो भी लोग टीचिंग के एग्जाम में जाना चाहते हैं या कोई भी कॉम्पिटिटिव एग्जाम आप देना चाहते हो उसमें ऑब्जेक्टिव क्वेश्चंस आते हैं तो उसमें के लिए आपको दो और इंपॉर्टेंट चीजें हैं जो आपको पता होनी चाहिए बेसिक जो है डेरिवेटिव का उसमें आप इसको नोट डाउन करो फिर समझते हैं वो चीज है डिेंशिएबिलिटी तो नेक्स्ट क्वेश्चन क्रिएट होता है कि व्हाट इज़ डिफरेंशिएबिलिटी क्या होती तो डिेंशिएबिलिटी की पहले तो तीन शर्तें हैं। पहली शर्त है मान लो आपके पास ये फंक्शन है। तो इस फंक्शन में पहली शर्त तो ये है कि हम लोग ये मान के चल रहे हैं ये जो फंक्शन है ये रियल वैल्यूड है। देखो हमारे पास जो नंबर होते हैं वो दो तरह के होते हैं। एक रियल और एक इमिनरी। ठीक है? आमतौर पर हम इकोनॉमिक्स में जो फंक्शन लेते हैं ना वो रियल फंक्शन लेते हैं। रियल वैल्यू पे बेस्ड होते हैं। दूसरी बात ये होती है कि आपका जो फंक्शन है आपका फंक्शन कंटिन्यू है। यानी फंक्शन डिस्कंटिन्यू नहीं होना चाहिए। अब कंटिन्यू फंक्शन क्या होता है? कंटिन्यू फंक्शन वो होता है जब आप किसी फंक्शन का ग्राफ बनाओगे। तो ग्राफ बीच में से कहीं ब्रेक नहीं होगा। जैसे ये ग्राफ कैसा है? कंटिन्यू। और अगर मैं ये ग्राफ बनाऊं तो ये देखो बीच में क्या हो गया है? टूट गया है। तो ये फंक्शन कंटिन्यू है। तो दूसरी शर्त है कि आपका फंक्शन क्या होना चाहिए? कंटिन्यू होना चाहिए। अच्छा जैसे हम कंटिन्यू की बात करते हैं तो ये फंक्शन भी जैसे मुझे यहां से यहां तक दिख रहा है कंटिन्यू है। हो सकता है ये भी आगे जाके बीच में ब्रेक हो जाए। ये भी क्या हो जाए? डिस्कंटिन्यू। तो हम जब कंटिन्यूटी की बात करते हैं तो हमारे लिए कंटिन्यूटी का मतलब है जहां पे हम अपनी स्टडी कर रहे हैं। फंक्शन उस पे कंटिन्यू होना चाहिए। जैसे मान लीजिए मैं अपनी स्टडी यहां से स्टार्ट करता हूं x1 से लेकर और x2 तक तो इसके बीच में फंक्शन क्या हो गया? डिस्कंटिन्यू हो गया। यानी कंटिन्यू नहीं है। बीच में ब्रेक आ गया है। आपको दिख रहा होगा। इसको थोड़ा और बड़ा कर देते हैं। ये आपको तो बीच में से ब्रेक हो गया इसमें। अगर मुझे अपनी स्टडी इस ग्राफ में ये भी यहां पे ब्रेक हो रहा है। मुझे अपनी स्टडी यहां से लेके यहां तक करनी है बस। तो इसके बीच में क्या है? ये कंटिन्यू है तो बाकी आगे कंटिन्यू हो या ना हो मुझे कोई लेना देना नहीं है। तो फंक्शन जो कंटिन्यू है ना वो क्या होना चाहिए? ओवर द डोमेन। डोमेन क्या है? ये मैंने आपको बता दिया था जब हमने बेसिक ऑफ़ फंक्शन पढ़ा था। तो हमारा फंक्शन है कंटिन्यू अपनी डोमेन पे होना चाहिए। बाकी वो कंटिन्यू हो या नहीं हो हमें इससे कोई लेना देना नहीं है। बस हमारी डोमेन पे वो क्या होना चाहिए? कंटिन्यू होना चाहिए। अब जो नेक्स्ट चीज जो हमें पता होनी चाहिए वो होती है कि ये तो पता चल गया आपको डिफरेंशिएबिलिटी क्या होती है। अगली चीज होती है डिफरेंशियल कैलकुलस क्या होता है? ठीक है? हमारा ये जो पूरा टॉपिक ही है बेसिकली डिफरेंशियल कैलकुलस का है। तो डिफरेंशियल कैलकुलस क्या होता है? डिफरेंशियल कैलकुलस बेसिकली एक ब्रांच है मैथमेटिक्स की। डिफरेंशियल कैलकुलस क्या है? डिफरेंशियल कैलकुलस मैथ की एक ब्रांच है जो किस में डील करती है? डील्स विद डिफरेंशिएशन। तो मैथ की वो ब्रांच जो डिेंशिएशन में डील करती है उसको हम लोग बोलते हैं डिेंशियल कैलकुलस। तो आपको डेरिवेटिव के जितने भी न्यूमेरिकल क्वेश्चंस करने होते हैं उस क्वेश्चंस को करने के लिए जितनी भी बेसिक बातें पता होनी चाहिए। तो वो बेसिक बातें हमने पता करनी है। यानी वह बेसिक बातें आप सीख चुके हो। अब आपको सिर्फ और सिर्फ यह पता करना है कि क्वेश्चन देख के आप ये कैसे डिसाइड करोगे कि इस क्वेश्चन में हमें डेरिवेटिव या डिेंशिएशन करना है या फिर हमें नहीं करना है। जैसे कुछ क्वेश्चन तो होते हैं बिल्कुल सिंपल। जैसे आप सामने क्वेश्चन देखो। ये क्वेश्चन कैसा है? इसमें साफ पता चल रहा है कि डेरिवेटिव निकालना है। अब ये क्वेश्चन देखो। इसमें तो नहीं पता डेरिवेटिव निकालना है। ठीक है? तो कुछ ऐसी चीजें हैं जिनसे हमें पता चल जाता है कि फंक्शन में क्या निकालना है? डेरिवेटिव। वो क्या-क्या चीजें हैं वो थोड़ा सा देखते हैं। ठीक है? आप इसको नोट डाउन कर लो। तो हमारा जो नेक्स्ट टॉपिक है वो ये जानना है कि हमें क्वेश्चन में कैसे पता चलेगा कि क्वेश्चन में अ डेरिवेटिव या डिेंशिएशन करना है या फिर नहीं करना है। उसके लिए हमें पता होना चाहिए यूज़ ऑफ़ डेरिवेटिव इन इकोनॉमिक्स एंड बिज़नेस। या आप कह सकते हो एप्लीकेशन ऑफ डेरिवेटिव इन इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस। देखिए डेरिवेटिव के क्वेश्चन में

Segment 10 (45:00 - 50:00)

क्या होगा? आपको कुछ चीज दी जाएगी। पहली चीज मान लीजिए आपको एक फंक्शन दिया जाता है। ठीक है? और कुछ चीज आपसे पूछी जाएगी। ठीक है? अगर एक फंक्शन दिया है और आपसे पूछा जाए कि आप रेट ऑफ चेंज निकालो। तो रेट ऑफ चेंज का तो मतलब ही डेरिवेटिव होता है। इससे पता चल गया कि आपको क्या निकालना है? डेरिवेटिव। ठीक है? अगर वो कह रहा है कि आपसे स्लोप निकालो। स्लोप ऑफ़ फंक्शन तो इसका मतलब डेरिवेटिव करना है। अगर वो आपसे ये पूछ रहा है कि आपका फंक्शन किस पॉइंट पे इंक्रीज कर रहा है? किस पॉइंट पे डिक्रीज कर रहा है? इंक्रीजिंग डिक्रीजिंग देखो इनक्रीज का मतलब क्या? कोई चीज बढ़ रही है, बढ़ रही है तो चेंज हो रहा है। चेंज मतलब रेट ऑफ चेंज। ठीक है? इसके अलावा अगर वो आपसे फंक्शन की मैक्सिमम या मिनिमम वैल्यू पूछ रहा है तो आपको डेरिवेटिव करने है। इज इट क्लियर? अगर वो आपसे ये पूछ रहा है कि फंक्शन कॉन्वेक्स है या कॉनकेव है। ठीक है? इसका मतलब है वो आपसे कर्वेचर ऑफ़ फंक्शन पूछ रहा है। तो आपको क्या करना है? तो आपको डेरिवेटिव निकालना है। तो अगर ये पांच चीजें मोटी-मोटी आपसे पूछी जाती हैं। तो इसका मतलब है क्वेश्चन में आपको डेरिवेटिव करना है। इसके अलावा हम अब कुछ इकोनॉमिक्स में एप्लीकेशन की बात करें। मान लीजिए आपको दिया है डिमांड फंक्शन। क्या दिया है आपको? आपको डिमांड फंक्शन दिया हुआ है। आपसे एक चीज पूछी गई है स्लोप कि डिमांड फंक्शन की स्लोप निकालो। डेरिवेटिव करोगे। पता ही है ऊपर ही पता चल गया। आपसे कहा है इलास्टिसिटी ऑफ़ डिमांड निकालो। ठीक है? और अगर अभी आप रिसेंटली देखोगे ना तो इलास्टिसिटी ऑफ डिमांड पर आप देखो दिसंबर 2025 में फर्स्ट क्वेश्चन का जो ए पार्ट आया था 10 मार्क्स का इलास्टिसिटी ऑफ़ डिमांड पे ही आया था। ठीक है? इसी तरह से आपको मान लीजिए सप्लाई फंक्शन दिया हो क्वेश्चन में। क्या दिया? सप्लाई फंक्शन। तो सेम आपसे इसके स्लोप पूछ सकते हैं और आपसे पूछ सकते हैं इलास्टिसिटी ऑफ़ सप्लाई। इलास्टिसिटी ऑफ सप्लाई। ठीक है? तीन चीजें हो गई है। चौथी चीज मान लीजिए आपको टोटल प्रोडक्ट दिया है। क्या दिया है? टोटल प्रोडक्ट। ये चौथी चीज हो गई। और यहां इससे कह सकते हो आपका प्रोडक्शन फंक्शन दिया है। बात एक प्रोडक्शन फंक्शन तो आपसे क्या-क्या पूछा जा सकता है? ऊपर जो पहले पांच चीजें लिखी थी, ये तो पूछा ही जा सकता था आपसे। ठीक है? आपसे पूछा जा सकता है मार्जिनल प्रोडक्ट रेट ऑफ टेक्नोलॉजिकल सब्स्टट्यूशन आपसे पूछा जा सकता है इलास्टिसिटी ऑफ आउटपुट यानी कोई भी फंक्शन दिया है तो उसकी इलास्टिसिटी अगर पूछी जा रही है तो आपको डेरिवेटिव करना है। ठीक है? आपसे पूछा जा सकता है मैक्सिमम आउटपुट। आपसे एक चीज और पूछी जा सकती है। इलास्टिसिटी ऑफ सब्स्टट्यूशन क्या इलास्टिसिटी ऑफ़ सब्स्टट्यूशन ये सब हम आगे आने वाले चैप्टर्स में पढ़ेंगे। ठीक है? और मान लीजिए पांचवी चीज आपको दे दिया है टोटल रेवेन्यू। टोटल रेवेन्यू ठीक है या आप टोटल रेवेन्यू फंक्शन कह लो बात एक ही है तो इसमें आपसे पूछ लीजिए मान लीजिए मैक्सिमम

Segment 11 (50:00 - 55:00)

रेवेन्यू अच्छा अभी मैं लाइव क्लास ले रहा था एक बार तो एक स्टूडेंट ने पूछा सर जैसे आपने बताया मैक्सिमा मिनीमा के लिए हम डेरिवेटिव का यूज़ करेंगे तो टोटल रेवेन्यू में आपने मैक्सिमम रेवेन्यू क्यों लिखा है आपने मिनिमम रेवेन्यू क्यों नहीं लिखा है अरे भाई अगर आप एक बिज़नेसमैन हो तो आप रेवेन्यू पे मैक्स मैक्सिमम करना चाहोगे या मिनिमम करना चाहोगे? आप मैक्सिमम करना चाहोगे तो हम मिनिमम रेवेन्यू क्यों निकालेंगे? और अगर आपसे पूछा है मार्जिनल रेवेन्यू ठीक है? देखो एक्चुअली ना मार्जिनल का मतलब क्या होता है? मार्जिनल का मतलब भी चेंज ही होता है। तो डेरिवेटिव बेसिकली रेट ऑफ़ चेंज ही होते हैं। इसी तरह से आपको मान लो कॉस्ट फंक्शन दे दिया जाए। तो उसमें आपसे क्या पूछा जाएगा? मिनिमम कॉस्ट। देखो कॉस्ट का मतलब होता है आपके बिनेस में आप जिस भी चीज का बिज़नेस करते हो फॉर एग्जांपल अभी आप ये मार्कर बनाते हो तो मार्कर को बनाने में आपका जो खर्चा आएगा वो कॉस्ट हो गई। अब कॉस्ट क्या करना चाहते हैं? मैक्सिमम या मिनिमम कॉमन सेंस है मिनिमम। तो आपको मिनिमम कॉस्ट पूछी जाएगी। तो आपको यूज़ करना है। अगर आपसे मार्जिनल कॉस्ट पूछी जाएगी तो आपको ये यूज़ करना है। ठीक है? इसके अलावा मान लीजिए आपको यूटिलिटी फंक्शन दिया हुआ है। क्या दिया हुआ है? यूटिलिटी फंक्शन। तो यूटिलिटी फंक्शन में आपसे मार्जिनल यूटिलिटी पूछी जा सकती है और आपसे मैक्सिमम है। देखो यूटिलिटी क्या होती है? जब भी हम किसी चीज को कंज्यूम करते हैं। मान लीजिए आपको भूख लग रही है और आपने खाना खाया हो तो खाना खाने से आपको जो सेटिस्फेक्शन मिला उसको सेटिस्फेक्शन को नापने का जो तरीका यूटिलिटी है। तो यूटिलिटी मतलब सेटिस्फेक्शन को नापने का तरीका। तो आपको कितना सेटिस्फेक्शन चाहिए? मैक्सिमम। यूटिलिटी कितनी चाहिए? मैक्सिमम। ठीक है? तो बेसिकली अगर हमें यूटिलिटी फंक्शन दिया है तो कभी भी मिनिमम यूटिलिटी नहीं निकालेंगे। हम मैक्सिमम ही निकालेंगे। लास्ट में एक चीज और है अगर आपको जैसे प्रोडक्शन फंक्शन है प्रोडक्शन फंक्शन कॉस्ट फंक्शन ये दोनों दे दिए जाए एक साथ तो प्रोडक्शन फंक्शन कॉस्ट फंक्शन दोनों को मिला के आपसे पूछेगा वो मैक्सिमम प्रॉफिट क्या तब भी आपको डेरिवेटिव का ही यूज़ करना है। मैक्सिमम प्रॉफिट या आप कह सकते हो प्रोड्यूसर्स इक्वल बात एक ही है और जिस पॉइंट पर आपकी यूटिलिटी मैक्सिमम हो जाती है उस पॉइंट को हम लोग बोलते हैं कंज्यूमर्स इक्विलिब्रियम। तो अब हम लोग आते हैं डेरिवेटिव के न्यूमेरिकल पे। देखो आप जब डेरिवेटिव का न्यूमेरिकल क्वेश्चन करोगे तो डेरिवेटिव के न्यूमेरिकल क्वेश्चन को करने के लिए हमें दो चीजों की जरूरत होती है। कुछ फॉर्मूले और फिर कुछ रूल्स। ठीक है? तो आपकी बुक में कुछ फ़ूले दिए गए हैं। लेकिन आपकी बुक में ना सारे फ़ूले नहीं दिए गए हैं। तो आपको हमारे tlegram चैनल पे इस टॉपिक के जो टॉपिक नंबर 10. 2 है डेरिवेटिव इसके नोट्स मिल जाएंगे। इस नोट्स में हमने डेरिवेटिव के सारे फ़ूले दे रखे हैं। ठीक है? तो फार्मूले वहां से देख लेना और एक पेज पर आप लोग फार्मूले को नोट डाउन भी कर लेना जिससे जब भी आप क्वेश्चन करो तो फार्मूले सामने आपके रखे हुए होने चाहिए। तो अब हम बात करते हैं कि अगर हमारे पास कोई भी न्यूमेरिकल क्वेश्चन आएगा तो हम उसको कैसे करेंगे? हम सभी न्यूमेरिकल क्वेश्चंस को चार पार्ट में डिवाइड कर देंगे। कितने पार्ट में डिवाइड करेंगे? चार। ठीक है? ये चार न्यूमेरिकल क्वेश्चन चार अलग-अलग रूल्स पे डिपेंड होते हैं। यानी डेरिवेटिव के किसी भी क्वेश्चन को करने के लिए आपको चार रूल आने चाहिए। अगर आपको चार रूल आते हैं तो आप किसी भी डे किसी भी फंक्शन के डेरिवेटिव को कर सकते हो। एक और बात हम लोग जब इस चैप्टर के अंदर डेरिवेटिव का क्वेश्चन करेंगे न्यूमेरिकल क्वेश्चन करेंगे तो आप एक बात ध्यान रखना हमें सिर्फ ऐसा ही फंक्शन क्वेश्चन में दिया जाएगा जिसमें एक इंडिपेंडेंट वेरिएबल होगा क्या वन इंडिपेंडेंट वेरिएबल ओनली क्योंकि इस यूनिट के अंदर हम सिंपल डिेंशिएशन कर रहे हैं। सिंपल डिेंशिएशन का मतलब क्या होता है? सिंपल डिेंशिएशन के अंदर हमें एक ही इंडिपेंडेंट वेरिएबल दिया होता है। कभी-कभी इंडिपेंडेंट वेरिएबल एक से ज्यादा भी होते हैं। आमतौर पर तो रियल लाइफ में इंडिपेंडेंट वेरिएबल एक से ज्यादा ही होते हैं। जैसे अगर हम मैं आपसे कहूं कि आपकी डिमांड किस चीज पे डिपेंड करती है? आप कहोगे प्राइस पे। तो यहां प्राइस इंडिपेंडेंट वेरिएबल हो गया, डिमांड डिपेंडेंट वेरिएबल हो गया। ये सिंपल डेरिवेटिव का कांसेप्ट है। रियलिटी में देख तो हमारी डिमांड प्राइस के अलावा बहुत सारी चीजों पे डिपेंड करती है। जैसे प्राइस पे डिपेंड करती है, सीजन पे भी डिपेंड करती है। हमारी इनकम सोसाइटी पे भी डिपेंड करती

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करती है। हमारी सोसाइटी पे भी डिपेंड करती है। सोसाइटी के हिसाब से भी डिमांड क्या होती है? वो अलग-अलग होती है। ठीक है? तो बेसिकली डिमांड बहुत सारी चीजों पे डिपेंड करती है। बट यहां पे इस यूनिट के अंदर हम लोग सिर्फ और सिर्फ ऐसे ही फंक्शन पढ़ेंगे जिसमें वन इंडिपेंडेंट वेरिएबल होगा। अगर इंडिपेंडेंट वेरिएबल वन से ज्यादा है तो उसको हम नेक्स्ट यूनिट में पढ़ेंगे यूनिट नंबर 11 में। ठीक है? चलिए इसको इरेज करके हम न्यूमेरिकल क्वेश्चंस पे आते हैं। मान लीजिए आपको फंक्शन दिया है y = 10. 10 एक नंबर है। अगर मैं कह रहा हूं कि आपके पास एक मान लीजिए एक कमरा है। ठीक है? और उस कमरे की जो चौड़ाई है वो कितनी है? 10 फीट है। ठीक है? तो वो जो हाइट वो जो चौड़ाई है वो तो फिक्स ही रहेगी कमरे आपके कमरे की। अब मैं आपसे कह रहा हूं कि आप इसका डेरिवेटिव निकालो। क्या निकालो? डेरिवेटिव। ठीक? तो आप सबसे पहले लिखोगे यहां पे डिेंशिएटिंग। ये डिेंशिएटिंग का एब्रविएशन है विद रिसेक्ट टू x। ठीक है? अब इतना लिखने के बाद हमें फ़ूले की जरूरत पड़ेगी। तो पहले आप देखो कुछ लेफ्ट हैंड साइड पे है और कुछ है आपके पास राइट हैंड साइड पे। ठीक है? लेफ्ट हैंड साइड पे क्या है आपके पास? y। तो आपको फार्मूला ये पता होना चाहिए कि y का डेरिवेटिव क्या होता है? ठीक? तो y का जो डेरिवेटिव होता है, ये क्या है? इट इज़ डेरिवेटिव ऑफ़ y. y का डेरिवेटिव ये होता है। ठीक? राइट हैंड साइड पे आपके पास कांस्टेंट है। तो मैं ब्रैकेट में लिख रहा हूं यहां कास्टेंट। कांस्टेंट का मतलब होता है फिक्स। जो चीज बढ़ नहीं रही है, जो चीज घट नहीं रही है। अगर कोई चीज बढ़ भी नहीं रही है और कोई चीज घट भी नहीं रही है, तो उसमें कोई चेंज ही नहीं हो रहा है। और डेरिवेटिव क्या बताता है? डेरिवेटिव बताता है रेट ऑफ़ चेंज। तो फिक्स वैल्यू में क्या चेंज हो रहा है? कोई चेंज नहीं हो रहा। तो कॉमन सेंस है। कोई भी कांस्टेंट वैल्यू है उसमें रेट ऑफ़ चेंज। यानी उसका डेरिवेटिव क्या होगा? जीरो। तो आपका जो लेफ्ट हैंड साइड पे है, आप लिखोगे ये। ठीक है? राइट हैंड साइड पे आप लिखोगे यह। इसका मतलब आप लेफ्ट हैंड साइड यानी y का डेरिवेटिव कर रहे हो। इसका मतलब आप राइट हैंड साइड यानी tan का डेरिवेटिव कर रहे हो। तो इसका जो डेरिवेटिव है वो तो यही आ जाएगा। ये फार्मूला है। मैं लिख रहा हूं फ़ूले। फ़ूले इग्नू वालों ने भी आपकी किताब में दिए हुए हैं। ठीक है? और बाकी हमने अपने नोट्स में डाल दिए जो इनू के स्टडी मटेरियल में नहीं हमने नोट्स में डाल दिए और कास्टेंट का डेरिवेटिव क्या हो जाएगा? जीरो। तो ये था हमारा एग्जांपल वन। ठीक है? उसके बाद हम एक एग्जांपल और लेते हैं। एग्जांपल टू। एग्जांपल टू ये है। आपको जो फंक्शन दिया है वो ये दिया है y = x और x की जो पावर है वो है 13। ठीक है? तो इसमें आप लोग क्या करोगे? आप वही करोगे लिखोगे डिेंशिएटिंग विद रिस्पेक्ट टू x इधर लिखोगे ये y का डेरिवेटिव। इधर लिखोगे ये। ठीक है? तो यह तो लेफ्ट हैंड साइड वाला तो फार्मूला हमें पता ही यह होता है। राइट हैंड साइड पर क्या होगा? ये दोनों फार्मूले से काम नहीं चलेगा। तो यहां पे इसके लिए फिर एक अलग फार्मूला होता है। फार्मूला होता है ये आपके पास x है और x के ऊपर कोई पावर है। इसका जो डेरिवेटिव होता है वो ये होता है क्या? n यानी पावर आगे आ जाएगी। x के ऊपर पावर में से एक माइनस हो जाएगा। तो जो आपका आपके पास राइट हैंड साइड में उसमें हम क्या करेंगे? पावर आगे आ गई है। पावर क्या है आपकी? 13 ठीक है? और यहां से एक पावर माइनस हो जाएगी। तो एक पावर क्या माइनस क्या बचेगा? 12 तो ये आपका जो फंक्शन था हमें इसका क्या मिल गया है? हमें इसका डेरिवेटिव मिल गया। ठीक? एक एग्जांपल नंबर तीन ले लेते हैं। एग्जांपल नंबर तीन है कि आपको फंक्शन ये दिया हुआ है। ठीक? तो आप लिखोगे डिफरशिएटिंग विद रिसेक्ट टू x अब मैं आपको यहां जो कासेप्ट बताने जा रहा हूं ना यह बहुत ही ज्यादा इंपॉर्टेंट है। जो बच्चे कोचिंग नहीं ले रहे हैं। ठीक है? उनको इसमें बड़ा कंफ्यूजन होता है क्योंकि जो बच्चे कोचिंग ले रहे हैं वरना डाउट पूछ सकते हैं। और जो कंप्लीटली YouTube की क्लासेस पर डिपेंड हैं। उनके डाउट क्लियर करने के लिए तो कोई है नहीं। तो और कमेंट में डाउट मैथ का डाउट क्लियर करना पॉसिबल नहीं होता। कुछ तो हो पाते हैं। सारे नहीं हो पाते। तो उसको ध्यान से समझना। अब इस फंक्शन में जो राइट हैंड साइड है उसमें दो चीजें हैं। पहले तो हम लेफ्ट हैंड साइड को लिख लेते हैं ऐसे। ठीक? राइट हैंड साइड में क्या करना है

Segment 13 (60:00 - 65:00)

आपको? आप इसको ऐसे लिखोगे। ठीक? लेफ्ट हैंड साइड पर आपके पास ये आ जाएगा क्योंकि y का डेरिवेटिव आपके पास ये होता है। यहां पे आप जब देखोगे यहां पे इसके अंदर दो चीजें हैं। दोनों आपस में मल्टीप्लाई में है। एक है tan एक कांस्टेंट नंबर है और आपका जो x है x आपका वेरिएबल है। यानी आपको एक राइट साइड पे एक ऐसी चीज का डेरिवेटिव करना है जिसमें कांस्टेंट भी है और वेरिएबल भी है। दोनों मल्टीप्लाई की फॉर्म में है। तो इस केस में क्या होता है? ये जो आपका कांस्टेंट है ना ये कांस्टेंट ये बाहर आ जाएगा डेरिवेटिव के साइन से। इसको हम ऐसे लिख देंगे बाहर। ये tan आ गया बाहर। यानी अगर आपका कांस्टेंट अकेला हो जैसे यहां पे अकेला था तो उसका डेरिवेटिव ज़ीरो हो जाता है। क्या हो जाता है? ज़ीरो। लेकिन अगर आपका डेरिवेटिव अकेला नहीं हो वो किसी के साथ हो। यानी वो किसके साथ हो? वेरिएबल के। तो हम कांस्टेंट को कुछ छेड़ते नहीं है। हम कांस्टेंट को बाहर निकाल देते हैं डेरिवेटिव से। और हमें जो डेरिवेटिव करना होता है वो सिर्फ हम वेरिएबल का करते हैं। यानी आप जो डेरिवेटिव करोगे वो सिर्फ किसका करोगे? सिर्फ इसका। आपको tan से कोई लेना देना नहीं है। tan का डेरिवेटिव कब करते हैं? जब tan अकेला होता तो वो वेरिएबल के साथ आ गया। उसका डेरिवेटिव नहीं करोगे। लेफ्ट हैंड साइड आपकी ऐसी रहेगी। tan आपका ऐसे रहेगा। इसमें ये वाला फार्मूला लगा दोगे। ठीक है? तो 13 आगे आ जाएगा। 13 और यहां से एक पावर माइनस हो जाएगी। 13 की 10 में डिवाइड कर लो। 13 हो गया। तो ये आपका फाइनल आंसर आ गया है। ठीक? अब हम एक अगला एक क्वेश्चन लेते हैं। मतलब अगला एक एग्जांपल लेते हैं। पहले आप इसको नोट डाउन कर लो। एग्जांपल है एग्जांपल नंबर फोर। y = 10 + 7 x रे टू पावर 9 या 5 मान लेते हैं इसको ठीक है अगेन यहां पर आप लिखोगे डिेंशिएटिंग विद रिसेक्ट टू x ठीक है अब देखो यहां पे एक जो इंपॉर्टेंट बात है जो हमें समझ समझनी है वो ये है कि लेफ्ट साइड पे आपके पास y है और राइट साइड पे दो चीजें हैं और इनके बीच में प्लस का साइन है। है ना? हम एक चीज और ले लेते हैं। यहां लगा देते हैं माइनस और मैंने ले लिया है 3 x रे टू द पावर 10 और एक चीज़ माइनस में भी है। तो अब इस तरह का आप जो डेरिवेटिव करोगे उसके लिए हमारे पास एक रूल होता है। उस रूल को हम लोग बोलते हैं सम और डिफरेंस रूल। मैंने आपको बताया था किसी भी न्यूमेरिकल क्वेश्चन को करने के लिए हमें दो चीजों की जरूरत होती है। पहले तो डेरिवेटिव का फार्मूला और उसके बाद डेरिवेटिव के रूल्स। तो चार रूल्स होते हैं। अब पहला जो रूल मैं आपके साथ डिस्कस कर रहा हूं वो है रूल नंबर वन सम और डिफरेंस रूल। इसमें हमें क्या करना होता है? इस रूल में हमें इस तरह के क्वेश्चन दिए जाते हैं जिसमें जो फंक्शन की राइट हैंड साइड है उसमें कुछ चीज प्लस में होती है और कुछ चीज माइनस में होती है। ठीक? तो अब डेरिवेटिव आप कैसे करोगे? आप डेरिवेटिव ऐसे करोगे। लेफ्ट हैंड साइड में आप लिखोगे ये कि आपको y का डेरिवेटिव करना है। राइट हैंड साइड पे आप लिखोगे ये 10 और इक्वेशन को थोड़ा सा चेंज कर लेते हैं। मैं यहां 10 कर देता हूं। ठीक है? और यहां हम 13 कर देते हैं। फॉर एग्जांपल जो पहले हमने करा था। और उसके बाद आपको डेरिवेटिव करना है यहां पे प्लस है तो प्लस का साइन आ जाएगा 10x13 फिर माइनस का साइन आ जाएगा। ठीक है? और 3 x10 ये आ गया। लेफ्ट हैंड साइड में आपको पता है y का डेरिवेटिव आपके पास ये होता है। ठीक है? राइट हैंड साइड। अब आप आपको बड़े ध्यान से देखेंगे। tan क्या है? tan एक कांस्टेंट है और क्या अकेला है? हां यहां पे इसके साथ कुछ भी नहीं है। कुछ भी नहीं है ना मल्टीप्लाई में। तो अगर ये अकेला है तो इसका डेरिवेटिव हो गया 0 प्लस इधर आ जाते हैं। यहां पे भी tan था। दोनों ही tan कांस्टेंट है। बट यहां ये अकेला था। दुश्मन ने इसको मार दिया। ये हो गया ज़ीरो। खत्म। यहां इसको किसी का साथ मिल गया। तो साथ वाले ने क्या कहा? डेरिवेटिव करते टाइम कि भाई एक काम कर। तू जरा मेरे पीछे आजा। मैं देखता हूं इसको। ठीक है? 13 तो इसमें नेक्स्ट स्टेप में क्या करेंगे? जो कांस्टेंट था उसको बाहर निकाल लेंगे। अगर आपका कांस्टेंट अकेला है तो ज़ीरो हो जाएगा। लेकिन अगर वो वेरिएबल के साथ है तो

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वो ज़ीरो नहीं होगा। उसको आप डेरिवेटिव के बाहर निकाल दोगे। बिल्कुल इसी तरह से यहां पे थ्री भी कांस्टेंट है। उसको भी आप डेरिवेटिव के बाहर निकाल दोगे। ठीक है? अब लेफ्ट हैंड साइड आपकी ऐसी रहेगी जैसे कि वो है राइट हैंड साइड पे जीरो है खत्म हो गया ये 10 हो गया इसमें आप ये वाला रूल लगा दोगे वही पावर आगे आ जाएगी 13 यहां से वन पावर माइनस ये थ्री अगेन यहां से आपका 10 आगे आ गया और यहां से वन पावर माइनस ठीक है इसके बाद इन दोनों की मल्टीप्लाई करोगे 130 और ये हो गया आपके पास 12 इन दोनों की मल्टीप्लाई करेंगे तो -3 और ये हो गया आपके पास 9. ये हमारे फंक्शन का डेरिवेटिव आ गया। अब इतना सब सीखने के बाद हम आपका जो इग्नू की बुक है इग्नू का जो स्टडी मटेरियल है उसके क्वेश्चन को करेंगे तो आप आपका जो इग्नू का स्टडी मटेरियल है उसमें पेज नंबर आओ। पहले आप इसको नोट डाउन कर लीजिएगा। देखो आपको इग्नू से जो स्टडी मटेरियल मिला है उस पे आप पेज नंबर 252 पे आना। ठीक है? आओगे तो लास्ट में कुछ क्वेश्चंस दिए हुए हैं। आप आपकी स्क्रीन पर सॉरी थोड़ा देख लीजिए। देखिए। अब इसमें से जो फर्स्ट क्वेश्चन है हम लोग इसको डिस्कस करेंगे। ये इक्वेशन नंबर वन इसी रूल का है। y = sin 2x - 2x + 4x ठीक है? इस क्वेश्चन को करने के लिए हमें कुछ रूल की जरूरत होगी। जैसे यहां पे एक रूल हमें जो पता होना चाहिए वो है sin ax। अब ये फार्मूला ना आपकी इग्नू की बुक में नहीं है। ठीक है? तो वो आपको नोट्स में मिल जाएगा। हमारी जो नोट्स हैं tlegam पे आपको मिल जाएंगे। इसका डेरिवेटिव होता है a cos ax ठीक है? इसके बाद अ नेक्स्ट आपको जो डेरिवेटिव पता होना चाहिए ex आपकी बुक में है। x का डेरिवेटिव भी ex ही होता है। उसके बाद नेक्स्ट आपका फ़ूला है ax ये भी आपकी बुक में आपको मिल जाएगा। x का फार्मूला होता है lग इसके नीचे eओ या मत लगाओ उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। ठीक है? और आपका e तो जब आप इसका डेरिवेटिव करोगे तो आप यहां लिखोगे डिेंशिएटिंग विद रिस्पेक्ट टू x अ y का डेरिवेटिव लेफ्ट साइड पे आप y का डेरिवेटिव करोगे तो ऐसे लिखोगे। राइट हैंड साइड पे आपको क्या करना है? आप sin 2x का डेरिवेटिव करोगे और यहां पे आप इसका डेरिवेटिव करना है और उसके बाद आपको इसका डेरिवेटिव करना है। तो y का डेरिवेटिव मैं पहले ही बच बता चुका हूं। dy / dx होता है। sin 2x में ये वाला फार्मूला देखो। sin ax बस a की जगह आपको टू दे दिया है। तो जहां a है वहां 2 कर दो। ठीक। उसके बाद माइनस अब यहां पे आप ये देखोगे कांस्टेंट है। यहां पे एक कांस्टेंट वाला रूल मत लगाना क्योंकि इसके लिए आपके पास प्रॉपर फार्मूला है ये वाला। कभी यहां पे भी कांस्टेंट दिमाग पे कंफ्यूजन कर लो ना। जब सीधा फार्मूला है तो हम सीधा फार्मूला लगा देंगे। ठीक? यहां पे भी आपको क्या करना है? ये जो आपका टू है आप इस टू को कांस्टेंट है। बाहर निकाल दोगे। ठीक है? ऐसे और ax का आपको डेरिवेटिव करना है। इसमें आप सीधा ये वाला रूल लगा दोगे। तो जहां a है ना वहां फोर कर दो। a की जगह क्या है आपके पास? 4 तो आपके पास हो गया 4x लॉग a 4 लेफ्ट हैंड साइड आपकी ऐसे रहेगी। इसमें हमें कुछ नहीं करना है। ये आप ऐसे लिखा रहने दोगे। ये टू आपका ऐसे रहेगा। ex का डेरिवेटिव ex ही होता है। तो इसको आप ऐसे लिखा रहने दोगे। बाकी ऐसे ही आ गया है। ये ना यहां नीचे लिखना है। ठीक है? यहां ऐसे और ये हो गया 4। तो आज की क्लास में बस हम इतना ही करेंगे। मैंने आपको डेरिवेटिव का बेसिक बता दिया है। नेक्स्ट क्लास में हम लोग क्या करेंगे? नेक्स्ट क्लास में डेरिवेटिव को करने के लिए हमें डेरिवेटिव के क्वेश्चन को सॉल्व करने के लिए हमें टोटल चार रूल की जरूरत होती है। एक मैंने आपको बता दिया है आज। तीन नेक्स्ट क्लास में करेंगे जिसमें है आपका नंबर दो पे चैन रूल। नंबर थ्री पे प्रोडक्ट रूल और नंबर फोर पे आपका कोसेंट रूल। ये चार रूल के बाद आप डेरिवेटिव का कोई भी क्वेश्चन कर

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सकते हो। रूल सारे खत्म हो जाएंगे। बस फिर कांसेप्ट बचेंगे। तो मिलते हैं नेक्स्ट क्लास में। टिल देन गुड बाय। टेक केयर।
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