What makes a good speech ?
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What makes a good speech ?

Hence Shah : Public Speaking Trainer 06.05.2026 55 просмотров 8 лайков

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Segment 1 (00:00 - 05:00)

आज के इस वीडियो में मैं आपको तीन चीजें बताऊंगा कि जो एक अच्छी स्पीच में होनी चाहिए। सबसे पहली चीज ये है कि जब भी आप स्पीच देते हैं तो आपकी स्पीच के अंदर सभी शब्दों पर भार होना चाहिए और सभी शब्दों में स्पष्टता होनी चाहिए। जब भी आप स्पीच देने के लिए जाते हैं तो उस वक्त सबसे पहले जो नोटिस किया जाता है वो होती है आपकी वॉइस। आपकी आवाज अच्छी होती है तो लोग आपको आगे भी सुनना पसंद करते हैं। हमें उस बात को याद रखना है कि सभी शब्दों के ऊपर भार मतलब पिच का इस्तेमाल होना चाहिए। जब हम पिच का इस्तेमाल करके बोलते हैं तो लोगों को सबसे पहले तो हमारा वॉल्यूम लाउड लगता है। इसलिए लोग ऑटोमेटिकली हमारी तरफ ध्यान देते हैं और साथ-साथ भार देकर जब हम बोलते हैं तो उस वक्त लोगों को ऐसा फील होता है कि हम कुछ महत्व की बातों को कर रहे हैं। इसलिए पिच का इस्तेमाल होना ही चाहिए। पिच का इस्तेमाल कैसे होता है? कुछ इस तरह से मान लीजिए मुझे कहना है कि शब्दों को भार देकर बोलने चाहिए। तो मैं कैसे बोलूंगा? हर एक शब्द पर भार दिया। ठीक है? तो आप इस चीज को जरूर अपनाइएगा। इसके अलावा शब्दों में स्पष्टता होनी चाहिए। मतलब कि क्लेरिटी होनी चाहिए। क्लेरिटी इतनी महत्व की है कि जिसके बारे में आप सोच नहीं सकते हैं। पहले तो क्लेरिटी का मतलब क्या होता है? आप जो भी शब्दों को बोल रहे हैं उन सभी शब्दों के सभी अक्षर सामने वाले के कान तक पहुंचने चाहिए। उसे कहते हैं क्लेरिटी। 90%ेज लोग क्लेरिटी के साथ नहीं बोल पाते हैं। अभी आप मुझे सुन रहे हैं तो आपको यह महसूस हो रहा होगा कि मैं सभी शब्दों को स्पष्टता के साथ बोल रहा हूं। आपको एक-एक अक्षर सुनाई दे रहा होगा। तो आपको भी अपने बोलने में यह आदत को लानी है कि जिस वजह से आपका बोलना लोग पसंद करें। लोगों को ऐसा लगे कि इनको तो सुनते ही रहे। ऐसा उनको महसूस होना चाहिए। तो यह सबसे पहली चीज हमारी स्पीच में होनी चाहिए कि हम पिच का इस्तेमाल करें और क्लेरिटी का यूज करें। लेकिन यह बात अवश्य याद रखिएगा कि पिच और क्लेरिटी को आप तभी अपने बोलने में ला सकते हैं जब आपकी स्पीड स्लो होती है। तो स्पीड को कम रखिए और इन टेक्निक्स को इंप्लीमेंट कीजिए। आगे बढ़ते हैं और जानते हैं दूसरी वैसी चीज के बारे में कि जो स्पीच में होनी ही चाहिए और वह है कि हमें हमारे कंटेंट को पॉइंट वाइज रखना चाहिए। क्या मतलब होता है इसका? आप जो भी कंटेंट को तैयार किए हुए हैं वो पॉइंट वाइज होना चाहिए। आपको अपनी ऑडियंस को अपने साथ लेकर चलना है। ऐसा नहीं होना चाहिए कि आप आगे निकल जाए और ऑडियंस पीछे रह जाए। जब आप पॉइंट वाइज अपनी बातों को रखते हैं तो ऑडियंस आपके साथ रहती है और आपकी बातों को समझ पाती है। इसे भी उदाहरण के द्वारा समझते हैं। मान लीजिए कि आपको एक विषय पर बोलना है कि समर वेकेशन में बच्चों को क्या करना चाहिए? तो आप जो भी बातें यहां पर कहना चाहते हैं उन्हें आप पॉइंट वाइज तो कहिए लेकिन उसमें भी नंबर के साथ कहिए कि पहली चीज ये करनी चाहिए। दूसरी ये कर सकते हैं। तीसरी ये तो होनी ही चाहिए इत्यादि। तो ऐसे आप नंबर के साथ अपनी बातों को रखिए। जब रखेंगे बिलीव कीजिए दोस्तों आपकी स्पीच बहुत ही अच्छी रहेगी। मान लीजिए आपको एनुअल डे पर बोलना है। एनुअल फंक्शन है कि जिसमें स्पीच देनी है तो वहां पर भी आपको पॉइंट वाइज ही बोलना है। लेकिन आप नंबर के साथ वहां नहीं बोल सकते वरना तो वो ऑड लगेगा। तो यहां पर क्या होना चाहिए? तो यहां पर होना कुछ ऐसा चाहिए कि आप जब तैयारी करते हैं तब आपको अलग-अलग पॉइंट लिख लेने हैं नंबर के साथ। हां जी। नंबर के साथ पॉइंट को लिख लेना है कि कौन-कौन से पॉइंट को कवर करना चाहते हैं। लेकिन जब आप यहां पर स्पीच देने के लिए जाएंगे तो नंबर को नहीं बोलेंगे। आप वन बाय वन सभी पॉइंट्स को कवर करते जाएंगे। हर एक पॉइंट के बाद पोज़ लेना है। उसके बाद अगला पॉइंट कवर करना है। अगले पॉइंट के बाद पोज़ लेना है। फिर अगला पॉइंट कवर करना है। ये एनुअल डे की स्पीच में हमें करना चाहिए। जब हम ऐसे करेंगे तो होगा क्या पता है? मैंने बहुत सारे लोगों को देखे हुए हैं कि वे जब स्पीच देते हैं तो जैसे पैराग्राफ पूरा बोल रहे होते हैं वैसे स्पीच दे रहे होते हैं। वो अच्छी नहीं लगती। तो इसलिए हम यहां पर पोज लेंगे, अगला मुद्दा कवर करेंगे, करेंगे और ऐसे ही सारे पॉइंट्स को कवर कर लेंगे। तो इस तरह से जब हमारा बोलना होगा तो प्रेजेंटेशन इतना शानदार लगेगा कि लोगों को लगेगा कि कुछ तो हमारे अंदर खास है। तो ये दूसरी टिप को इंप्लीमेंट जरूर कीजिएगा कि आप अपने कंटेंट को पॉइंट वाइज रखिएगा। अब आगे बढ़ते हैं और जानते हैं आखिरी सलाह के बारे में कि जो भी पॉइंट आपकी स्पीच के अंदर होना चाहिए और वह है कि आप अपने कंटेंट को तैयार करें तब इंपॉर्टेंट बातों को तो रखिए ही लेकिन कुछ नई इंफॉर्मेशन रख

Segment 2 (05:00 - 08:00)

सकते हैं तो उसे भी अवश्य रखिए। क्या मतलब होता है? चलिए समझते हैं। कंटेंट इज किंग। यह आपने कभी ना कभी सुना होगा। नहीं सुना हो तो मैं आज आपको बता रहा हूं। कंटेंट राजा होता है। अगर कंटेंट अच्छा है तभी हमारी स्पीच को अंत तक लोग ध्यान से सुनेंगे। तो हमें हमारे कंटेंट को बेहतरीन बनाना है। कंटेंट को बेहतरीन कैसे बनाते हैं? जिस विषय पर आप बोल रहे हैं उस विषय के अंदर इंपॉर्टेंट बातें हमारे कंटेंट में होनी चाहिए। मान लीजिए कि आप बोलना चाहते हैं समर वेकेशन में बच्चों को क्या करना चाहिए? तो इस विषय पर आप जो बोलना चाहते हैं वो बातें आपकी सारी इंपॉर्टेंट होनी चाहिए। अब बातें इंपॉर्टेंट है कि नहीं है यह कैसे तय करें? तो इसे तय करने के लिए आपको वैसे सोचना है कि आप जो समर वेकेशन में करना चाहिए उसके बारे में सोच रहे हैं क्या यह चीजें महत्व की है? क्या एक्चुअल में यह होती है और होनी चाहिए। अगर ऐसा आपके दिमाग में आ रहा है तो उसे आप अपनी स्पीच के अंदर शामिल कर दीजिए। जैसे उदाहरण के तौर पर समर वेकेशन में हम हमारे रिलेटिव्स के घर जा सकते हैं। समर वेकेशन के अंदर हम घूमने के लिए जा सकते हैं। समर वेकेशन में हम अलग-अलग स्किल को डेवलप करने के लिए क्लासेस कर सकते हैं। ये कुछ कॉमन पॉइंट्स है और ये इंपॉर्टेंट भी है तो उन्हें हम हमारी स्पीच में रखेंगे। लेकिन अगर आपके दिमाग में कोई नई बात आती है और आपको लगता है कि ये भी इंपॉर्टेंट है। लोग कवर नहीं करते लेकिन इंपॉर्टेंट है। उसे अवश्य रखिए। उससे आपकी स्पीच ना सिर्फ दूसरों से अलग लगेगी लेकिन आपकी ऑडियंस आपकी सारी बातों को सुनेगी। तो कहने का मतलब क्या है? जिस विषय पर बोलना है उस विषय की महत्व की बातें जो होती है आपके हिसाब से उनको रखिए और कुछ नई बातें हो तो उन्हें भी रखिए। अगर आपको लगता है कि ये इंपॉर्टेंट है तब। उसी तरह से मान लीजिए कि आपको एनुअल डे पर बोलना है तो एनुअल डे पर आपको बोलना हो तब कुछ कॉमन बातें हो सकती है। जैसे कि एनुअल डे का क्याेंस होता है या एनुअल डे में आज जो भी हुआ वो हमें कैसा लगा ये कुछ इंपॉर्टेंट पॉइंट्स हैं। उनको आप रख सकते हैं अपनी स्पीच के अंदर। लेकिन अगर आपके दिमाग में कोई नई इंफॉर्मेशन आ रही है कि जो आपको शेयर करने जैसी लग रही है तो उसे आप अपनी स्पीच में रखिए कि जिससे आपकी स्पीच की जो स्ट्रेंथ है वो बढ़ जाएगी। आई होप कि आपको यह पॉइंट क्लियर हो गया होगा। अगर ना हुआ हो तो आप हमारे कोर्स को ज्वाइन करेंगे उसमें मैं आपको डिटेल में बताऊंगा। लेकिन कहने का मतलब यह है कि आपके कंटेंट में जो कॉमनेंट बातें होती है उन्हें रखिएगा और आपको कोई नई इंफॉर्मेशन प्राप्त होती है तो उसे भी रखिए अगर आपको इंपॉर्टेंट लगे तो। तो साथियों इस तरह से मैंने आपको तीन बातें बताई कि जो एक अच्छी स्पीच के अंदर होनी चाहिए। अगर आप एक पावरफुल पब्लिक स्पीकर बनना चाहते हैं तो आप हमारे ऑनलाइन लाइव पब्लिक स्पीकिंग कोर्स को ज्वाइन कर सकते हैं। नीचे दिए गए नंबर पर आप मुझे अभी कॉल कीजिए। मैं आपसे पर्सनली बात करूंगा। आपकी सारी प्रॉब्लम्स और रिक्वायरमेंट्स को सुनूंगा और समझूंगा और आपको पर्सनल ट्रेनिंग देकर एक कॉन्फिडेंट और परफेक्ट पब्लिक स्पीकर बनाऊंगा। फ्रेंड्स, फिर मिलेंगे एक नई वीडियो के साथ, थैंक

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