नौकरी चिंता छोड़ दो? गाँव में बहुत पैसा है |New Business ideas 2026|Village Business ideas|Business
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नौकरी चिंता छोड़ दो? गाँव में बहुत पैसा है |New Business ideas 2026|Village Business ideas|Business

Garib ka Business 03.05.2026 4 215 просмотров 172 лайков

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Segment 1 (00:00 - 05:00)

मैं चाहता हूं ना कोई परदेश ना जाए। कोई नौकरी की चिंता ना करें। अपने गांव में ही रह करके एक बार यदि वह कुछ पाइप लाइन बिछा दे, कुछ ऐसा व्यवस्था कर दे, एक बार मेहनत करके छोड़ दे, और उसको हर महीने कुछ ना कुछ पैसा उसके पास आता रहे। वो काम उसके लिए ना करे, कम करे, फिर भी कुछ ना कुछ अमाउंट उसके पास आता रहे। मैं चाहता हूं कि जितने लोग इस वीडियोस को देख रहे हैं। आज पांच ऐसा आईडिया जो मैं ढूंढ के लाया हूं आप सबके लिए। यदि कोई गरीब इंसान है ना और सोच रहा है कि मैं क्या करूं? कुछ समझ नहीं आ रहा है। बहुत वीडियोस देख लिया है। बहुत आईडिया सुन लिया है। बहुत दुकानें देख लिया है लेकिन कुछ समझ नहीं आ रहा है कि मैं क्या करूं। आज इस वीडियो को पूरा देखिए। मैं आज आपको पूरा डिटेल में समझाने वाला हूं। यदि कोई इंसान परदेश नहीं जाना चाहता है, मजबूरी में जा रहा है, नौकरी नहीं करना चाहता है, मजबूरी में नौकरी कर रहा है, तो उसको क्या करना चाहिए? मेरे हिसाब से मैं भी नौकरी किया हूं। ऐसी बात नहीं है। मैंने भी अलग-अलग कंपनी में काम किया हूं और सब समझने के बाद, सीखने के बाद जो मुझे समझ आया है कि आपको अपना कुछ करना चाहिए। अपना कोई व्यापार करना चाहिए। तो अब दिक्कत यह होती है कि गांव में रह के हम क्या करें? क्योंकि आपको भी पता है हम कहीं दूर जाते हैं कमाने के लिए। कहीं पर जाते हैं या कहीं अपने ही राज्य में भारत में ही कहीं घूमते हैं और कोई हेल्पफर का, कोई टेक्नशियन का, कोई इंजीनियर का कुछ ना कुछ काम मिलता है। और अंत में हमें घर ही आना है। मैं कह रहा हूं कि 20 साल 25 साल नौकरी करते हैं। कोई प्राइवेट की मैं बात कर रहा हूं। सरकारी नौकरी की मैं बात नहीं कर रहा हूं। नौकरी की चिंता छोड़ना प्राइवेट कम काम की मैं बात कर रहा हूं कि जो लोग कहीं जाके हेलफरी मजदूरी दिहाड़ी कर रहे हैं मैं कह रहा हूं आप लोग चिंता छोड़िए आज गांव में रह के पांच काम ऐसे हैं जो कर सकते हैं और एक बार यदि पाइप लाइन बिछा दिया आपने तो यकीन मानिए पानी टप अपने आप आएगा आपको कुछ नहीं करना पड़ेगा बस थोड़ा सा मेहनत करना पड़ेगा सुनना चाहते हैं देखना चाहते हैं ध्यान से सुनिए देखिए इस चैनल को मैंने ओपन किया था गरीब का बिज़नेस चैनल का नाम मैंने रखा है गरीब का बिज़नेस। सब्सक्राइब कर लीजिएगा। आप सब्सक्राइब नहीं करते हैं, सब्सक्राइब कर लीजिएगा। वीडियो को लाइक अवश्य कीजिएगा। और जो बता रहा हूं, गौर से सुनिए। देखिए, मैं भी मजदूरी किया हूं। मैं भी हेल्पर का काम दिहाड़ी किया हूं। मैं ना अपने कंधे पे लेबर चौक पे जाकर के लोहे का जो राउंड होता है, सीमेंट की बोरी होती है, इन्हीं माथे पे उठाता था और ट्रकों से उतारता था। मालिक पीछे खड़ा रहता था। बोलता था ओए ले चल जल्दी। ओए उठा जल्दी। ओ ये कर वो कर। क्या करें यार? मजबूरी है करना पड़ता है। अच्छा ये तो हो गई लेबर की बात। मैं कंपनी में भी जॉब किया हूं। जो आप जॉब बोलते हो ना कि भैया जॉब नौकरी बढ़िया है ना जिसमें फंड बोनस कटता है। पीएफ वगैरह करता है। मैं उसमें भी काम किया हूं। एक सिर्फ ब्रांडेड कंपनी में भी काम करके देखा है। वहां पे भी जो अपने से सीनियर होते हैं जो मेरे से सीनियर थे पूरा थका के रख देते हैं। पूरे अच्छे तरीके से निचोड़ लेते हैं उस 8 घंटे में आपके खून और पसीने को। दोस्तों, मैं जानता हूं कि परदेश जाने में क्या दिक्कत होती है। लोग ट्रेनों में रोते हुए जाते हैं। जाने का दिल नहीं करता है। लेकिन क्या करें? कोई ऑप्शन ही नहीं है। उनको गांव में कुछ दिखता लगता है कि अगर मैं परदेश नहीं गया तो शायद मैं पैसे नहीं कमा पाऊंगा। लेकिन आज यह भाई आपको बता रहा है। पांच ऐसा बिज़नेस। देखो पांच में से मैं एक-दो काम तो मैं करता हूं। ऐसी बात नहीं है कि मैं आकर के सिर्फ आपको ज्ञान दे रहा हूं और मैं खुद नहीं करता। मैं पांच में से दो काम करता हूं। बाकी तीन काम है उसके करने के बारे में सोच रहा हूं। देखो ऑलरेडी मैं सारा काम तो नहीं कर सकता। आप इस बात को समझिए। सारा काम कोई नहीं कर सकता है। कोई एक या दो ही काम करेगा। मैं कह रहा हूं पांच जो बता रहा हूं उनमें से कोई एक काम यदि आपने कर लिया अब बहुत सारे लोगों के मन में हो रहा होगा यार जल्दी बताओ ना हमको लेट हो रहा है। हमको यहां जाना है वहां जाना है। देखिए इत्मीनान से देखिए तभी समझ में आएगा। जल्दीबाजी में पांच लाइन की पांच बातें मैं बता दूं। आप नहीं करेंगे। लेकिन अगर मैं पूरा डिटेल में समझा के बात करूं और वो भी प्रैक्टिकल में कि भैया मैंने कर किया है। मैं भी आपके जैसे मजदूरी दिहाड़ी करता था तब आप अच्छे तरीके से रिलेट करेंगे और समझेंगे और मैं कह रहा हूं कि गांव में रह के अगर दुकान खोलते हो तो वहां पे डेली आपको काम करना होता है। डेली आपको दुकान खोलना होता है। आप बंध जाते हो। आप कहीं जा नहीं सकते हो। देखो मैं आपको मना नहीं कर रहा हूं। मैं सिर्फ आपको समझा रहा हूं। अगर कोई महिला, पुरुष, स्टूडेंट इस वीडियोस को देख रहा है। ये मत समझ लेना कि मैं आपको मना कर रहा हूं कि दुकान मत खोलो या फिर ये बिजनेस मत करो। आप जो मर्जी कर सकते हो। लेकिन मुझे जो समझ आया है मैं वो आपके साथ शेयर कर रहा हूं कि गांव में रह करके आदमी क्या कर सकता है। सबसे पहली बात गांव में रह करके आदमी तो पहले ये सोचता ही नहीं कि गांव में कुछ होगा। लेकिन मैं कह रहा हूं कि गांव में एक काम ऐसा है जो मैं करता हूं। मैं बर्तन को भाड़े पे देता हूं। लोग ना सोचते हैं कि यार टेंट चाहिए, जनरेटर चाहिए, समियाना चाहिए। ये तब जो है ये सब होगा। मैं कह रहा हूं नहीं। आप गलत सोच रहे हैं। एक बार आप ध्यान से सुनिए। एक बार ना हमारे घर वाले मेरे को डांट रहे थे। बोल रहे थे यार तू क्या ये वीडियोस बनाते रहता

Segment 2 (05:00 - 10:00)

है? कोई काम नहीं करता है। है ना? तू पैसे कमा रहा है। कितना कमाता है? कैसे कमाता है? मुझे नहीं मालूम चलता है। तू हमारे लिए कुछ कर ताकि हम अब बुजुर्ग हो रहे हैं। हमारे माता-पिता थे। बोल रहे हैं बुजुर्ग हो रहे हैं। अब बताओ हम क्या करें? कौन सा काम करें? हमको कुछ ऐसा बता दुनिया को बताता है कि ये कर वो कर हमें तो कुछ बता कि भैया क्या हम करें इस उम्र में क्या कर सकते हैं मेरा ना दिमाग खराब हो गया था ये घर की बात सुन के दिमाग खराब हो गया था मैंने क्या किया मैं अपने घर से ना 20 किलोमीटर दूर एक शहर होता है वहां पे गया और जाकर के कुछ बर्तन खरीद के लाए अब ध्यान से सुनिए बर्तन में क्या लेके आया था मैं लेके आया था टप कढ़ाई चूल्हा अह जग मग इस टाइप से ना कुछ 50 60 ₹60 का लगभग 58,000 का 50 और आठ ₹58,000 का मैंने सामान लाया था जिसमें आठ टप आ गए थे। कुछ जग बाल्टियां आ गई थी। कुछ कल्चरल आ गया था। कुछ कढ़ाई आ गए थे। इस टाइप से ना मैंने बनवाया था। ₹58,000 का मैंने मटेरियल लाया। मतलब बर्तन लाया और ला के घर पे रख दिया। आप विश्वास नहीं करोगे। आप सोच भी नहीं सकते कि यार ₹58,000 पूंजी लगा करके मैंने एक बार उसमें पाइप लाइन बिछाया। मेरे दिमाग में आ गया था कि यार मैं क्या करूं? देखो मैं आपको बता रहा हूं। इसका मतलब यह नहीं है कि मैं अपने अह सोच करके बता रहा हूं। मैं प्रैक्टिकल करके बता रहा हूं कि बर्तन एक ऐसा काम है यदि आपने एक बार 58000 60 हजार ₹1 लाख का इन्वेस्टमेंट कर दिया बर्तन अपने घर पे रख लिया और उसको भाड़े पे देने लगे रोज का 500 7000 1200 आने लगेगा। यकीन कीजिए। क्योंकि अब आप कहोगे सर रोज बर्तन भाड़े पे कौन लेके जाएगा? क्या जाता है? मैं कह रहा हूं हां। मेरा जो बर्तन है मैंने उसमें दिमाग लगाया। मैंने कहा यार सब तो बेच रहे हैं। सब भाड़े पे दे रहे हैं। लेकिन ऐसा मैं क्या करूं कि मेरा बर्तन भाड़े पे जाएगा बाकियों का नहीं जाएगा। आज मैं बताऊं जो दुकानदार है वो भी मेरे पास आता है और मेरे से बर्तन भाड़े पे लेके जाता है। हालांकि मैं उस काम को करता नहीं हूं। वो मैंने माता-पिता को दे दिया। अपने पिताजी को दे दिया कि आप लोग यह संभालिए और आप लोग बैठे रहेंगे ना फिर भी कुछ ना कुछ इनकम होता रहेगा। यकीन कीजिए मैं 58,000 का जो मटेरियल लेके आया था उसमें मैंने क्या किया था कि जो टप होते हैं जो ₹60 में जाता है मार्केट में मैंने उसमें दिमाग लगा के ₹30 कर दिया जो चीज ₹50 में जाता था मैंने उसको काट करके ₹20 में ₹30 में ₹25 में आधे रेट में कर दिया। अब इससे फायदा यह हुआ कि जितने लोग कस्टमर हैं क्योंकि देखो शादी ब्याह मुंडन भोजन कुछ ना कुछ पार्टियां बर्थडे ये सब चलता ही रहता है। गांव में ना आजकल बार महीना कोई भी धर्म के मानने वाले लोग हैं चाहे हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई कोई भी धर्म के मानने वाले लोग हैं। हर रोज कुछ ना कुछ किसी के ना किसी के यहां कुछ ना कुछ फंक्शन होता ही रहता है। अब सीधा उनके दिमाग में यह आता है कि यार वहां पे जाएंगे ₹30 में सब मतलब अच्छे-अच्छे आधे-आधे रेट में मिल जाएगा। आते हैं सारे लोग लेके जाते हैं। उस ₹58,000 मैं यकीन बता रहा हूं आपको यकीन करना यदि आपने कुछ पैसे लगा दिए ना आप रोज का कुछ ना कुछ कमाओगे। आप उसके लिए मेहनत नहीं करोगे। लोग आएंगे लेकर के जाएंगे आपके यहां से अपने भाड़े से अपने किराए से अपने साधन से और काम उनका हो जाएगा। ला करके पहुंचाएंगे भी। और मैं बता रहा हूं आपको पैसे भी देंगे। मतलब कितना आराम का काम मैं आपको समझा रहा हूं। और इस काम को मुझे समझ आया इसलिए मैं बिना किसी से पूछे गुस्से में गया और जा करके खरीद के लाया और मैंने सोचा कि यार अब डूबेगा पैसा चाहे जो होगा मैं काम तो यही करूंगा यकीन कीजिए मैं इस काम को किया हूं आज लगभग 6 महीना से ज्यादा हो गए मैं उस काम को कर रहा हूं मुझे लगता है उसका पैसा भी आ गया होगा जो मैंने उसमें अमाउंट लगाया था हमारे पिताजी अब समझते हैं उसका हिसाब किताब हालांकि मैं उसको नहीं करता हूं लेकिन वो उसका पैसा भी आ गया होगा और वो चल ही रहा है आज भी चलता है रोज आता है हां महीने में कभी एकद दिन 3 दिन नहीं गया 15 दिन तो नहीं कहूंगा। पांच-छ दिन कभी-कभी नहीं जाता है। हां, यह भी है। ऐसा नहीं है कि मतलब रोज चलता ही रहता है। कभी-कभी छुट्टी भी लोग कर लेते हैं। जैसे कि नहीं जाता है। तो अब उसके लिए हम घबराते नहीं है। हमें पता है ना आज नहीं जाएगा, कल नहीं परसों जाएगा। कभी-कभी तो ऐसा होता है कि हमारे पास एक भी बर्तन कुछ भी नहीं बचता है। सब चला जाता है। इस बात को आप समझिए। एक बार मैंने ये बिछाया पाइप लाइन और आज भी वो मुझे रेवेन्यू दे रहा है। यह है मेरा पहला आईडिया। आज उन सभी के लिए जो अपने आप को सोचते हैं कि मैं कुछ नहीं कर सकता। मैं अनपढ़ हूं, गवार हूं, गरीब हूं, महिला हूं, पुरुष हूं, स्टूडेंट हूं। मैं कुछ नहीं कर सकता। आप चाहो तो बर्तन भाड़े पे दे सकते हो। यकीन कीजिए, मैं इस काम को खुद किया हूं। दूसरी बात, दूसरा बिज़नेस मैं आपको बता रहा हूं। यदि आपके पास थोड़ा पैसा है। देखो पैसा का ही सारा खेल है। आपको 58,000 लगाओ, 1 लाख लगाओ, 5,000 लगाओ। पैसा रहेगा तभी बुद्धि काम करेगा। नहीं पैसा रहेगा ना आप फिर कुछ नहीं कर सकते। तो अगर पैसा नहीं है, अगर कोई जीरो लेवल पे इस वीडियो को देख रहा है, मतलब उसके पास पैसा है ही नहीं। तो मैं उसको कहूंगा कि आप अपने हाथों में एक हुनर पैदा कीजिए। कुछ सीखिए। कोई काम सीखिए। अगर 1 महीना 2 महीना लगा करके कोई काम सीख लेते हैं और उसको छोटे लेवल से स्टार्ट कीजिए। 10 2000 ला के सोचिए मैं कैसे करूं। अच्छा ये सब नहीं करना चाहते। आप सोचते हैं कि मैं डायरेक्ट ऐसा कुछ व्यवस्था करूं। है ना? तो आपको सबसे पहले दिहाड़ी मजदूरी करना पड़ेगा। आप देखो 12 पढ़ करके आदमी ना नौकरी की चिंता करने

Segment 3 (10:00 - 15:00)

लगता है कि यार आप जाएंगे कहीं सिक्योरिटी गार्ड में भर्ती होंगे, कहीं फोरमैन लगेंगे, कहीं कुछ होंगे। अरे यार क्यों करते हो आप नौकरी की चिंता? अगर मैं जानता हूं क्योंकि मैं बहुत धक्के खाया हूं। देखो मैं अपनी बात बता रहा हूं। मैं आपको मना नहीं कर रहा हूं। आप जाओ तो नौकरी की चिंता करो। मुझे उससे कोई लेना देना नहीं है। लेकिन मैं बता रहा हूं कि मैंने धक्के खाया है अलग-अलग कंपनी में जाकर के। मैंने देखा है कि जो 12 पास होता है, 12वीं पास होता है उसको लोग हेल्पर का काम देते हैं। सोचिए, हेल्पफर का काम। अब इतना पढ़ लिख कर के मतलब 12वीं पढ़ करके हमारे लिए 12वीं बहुत है। ऐसा बात नहीं है। गरीब आदमी के लिए 12वीं यदि पढ़ ले हिंदी मीडियम से तो वो बहुत होता है। क्योंकि गांव में मैंने देखा है कि पांचवी, छवीं, आठवीं के बाद कोई पढ़ता नहीं है। सब कमाने निकल जाते हैं क्योंकि उनके पास पैसा नहीं है। लेकिन मैं कह रहा हूं कि गांव में बहुत पैसा है। अगर आपको ये समझ आ रहा है मेरी बात को तो लाइक अवश्य कीजिएगा क्योंकि जो मैं बात कह रहा हूं पूरा फील करा करके बात कर रहा हूं कि मैंने भी आपके जैसे दिहाड़ी मजदूरी किया है। तब जाके ये बात समझा रहा हूं। उसके बाद से मैंने क्या किया? पहले काम सीखा। मैं जब जीरो लेवल पे था तो मैंने काम सीखा। काम सीख करके कुछ पैसे कमाए। ₹4 लाख, ₹5 लाख इकट्ठा किया कुछ दिन में कुछ सालों में। और इकट्ठा करने के बाद मैंने एक जमीन खरीदा। फिर मैंने कुछ दिन काम किया और तेजी से ग्रो हुआ। फिर मैंने काम किया। फिर उस पे मैंने घर बनाया। घर बना करके आज उसको रेंट पे दिया हूं। यकीन कीजिए मैं सबसे बढ़िया व्यवस्था यही जानता हूं। आपको कोई अह शेयर मार्केट में या कोई क्रिप्टो में कहीं इधर-उधर लगाने से बढ़िया है। मतलब बिल्कुल रिस्क फ्री मुझे लगता है। मैं ये नहीं कहता कि वो गलत है या क्या है। मैं उसके बारे में नहीं जानता। मैं अपनी बात कर रहा हूं कि मैं ऐसा करता हूं। मुझे लगता है कि वो मेरे समझ से बाहर है। इसलिए मैं सबसे अच्छा जमीन में इन्वेस्टमेंट करता हूं और वहां पे मकान बना करके रेंट पे देता हूं। ये मेरे लिए सबसे सहज और बढ़िया तरीका है। मैं टेंशन फ्री रहता हूं। मैं नौकरी की चिंता नहीं करता। आज हम मतलब पांच कमरे हैं मैंने दे रखा है। अगर 3000 या ₹2500 आता है तो अच्छा खासा जो मेरा घर का परिवार का जो खर्चे हैं जैसे कि बिजली का बिल, राशन, ईएमआई, पढ़ाई, दवाई ये जो खर्चे होते हैं ना गाड़ी का, पेट्रोल का, ईएमआई का ये सब सारा ऑटोमेटिक वहां से व्यवस्था हो जाता है। मैं उसके लिए मेहनत नहीं करता। एक बार मैंने मेहनत किया है। एक बार उसका पाइप लाइन बिछाया है और आज पानी धीरे-धीरे आ रहा है। तो, मैं यह चाहता हूं ना कि कोई भी अगर गरीब आदमी है और वो परदेश जा रहा है, या नौकरी की चिंता कर रहा है, तो नौकरी की चिंता छोड़िए। अभी तीन काम और बताऊंगा। ध्यान से सुनिएगा। देखिए जल्दीबाजी मत कीजिएगा। आप यह मत सोचिएगा कि यार ये हमारे पास पैसा नहीं है तो हम तो कुछ कर ही नहीं सकते। आपके पास ₹50,000 है। आपके पास ₹40,000 है। अब ₹400 है तो मेरी बात को गौर से सुनिए। आप क्या कीजिएगा? एक दुकान बनाइएगा। अगर आपके पास जमीन है। मान लो कि आपके यहां कहीं रोड है, चक रोड है। उसके यहां कोई जमीन है आपका एक कट्ठा, आधा कट्ठा या एक कमरे का भी यदि जमीन है ना। अगर नहीं भी है तो आप रेंट पे ले सकते हैं। अगर अपना खुद का है तब तो बहुत बढ़िया बात है। आप रेंट पे भी लेकर के इस काम को कर सकते हैं। क्योंकि गांव में मैंने देखा है कि 500 700 में रेंट पे आराम से एक कमरा मिल जाता है। एक कोठरी मिल जाती है। 5700 में मतलब मिल जाता है। कहीं मैं ये नहीं कहता कि मेन मार्केट में मार्केट से यदि दूर हो। गांव में ही हो। जहां पे कोई दुकानें ना हो। वहां पे भी यदि आप लेते हैं तो ₹1000 में रेंट में आपको आराम से एक बढ़िया सा कमरा मिल जाएगा। पक्का मकान नहीं है। कच्चा मकान है। फिर भी चलेगा। जो काम मैं बता रहा हूं क्या करना है? आपको एक दुकान बनाना है। कौन सी दुकान? सेलूून की दुकान। दाढ़ी सेविंग कटिंग जो होती है ना इसकी दुकान। आप कहते हो कहोगे सर हमारे पास तो कारीगर ही नहीं है। हमें तो कुछ आता नहीं है तो हम क्या करें? मैं कह रहा हूं कि आपको यदि नहीं आता है घबराने की जरूरत नहीं है। आप दुकान बना करके स्ट्रक्चर बना करके छोड़ दो। वहां पे कारीगर बिठाओ। वहां पे कारीगर लगाओ। दो कारीगर लगाओ और कारीगर आराम से मिल जाते हैं। आप कहीं भी जाओगे ना सेलोन में बात करोगे तो उनको आधे रेट पे रखा जाता है। जैसे अगर वह 500 कमा रहे हैं या 1000 कमा रहे हैं। फॉर एग्जांपल अगर ₹1000 कमा रहे हैं रोज का तो ₹500 मालिक का होता है और ₹500 उनका होता है। यानी कि आधा-आधा पैसा बढ़ जाता है शाम को। आप उन कारीगरों को बोलो कि मैं आपसे सिर्फ ₹200 लूंगा या ₹300 लूंगा। आप 1000, 15, 12 जितना कमाना है कमाओ। मुझे सिर्फ 300 या 250 या 200 से मतलब है। आप अपने हिसाब से उदाहरण के लिए मान लेते हैं ₹200 भी अगर आप ले रहे हैं एक बंदे से तो दो बंदे हैं तो ₹400 होता है। और ₹400 यानी रोज का महीने का ₹12,000 आप एक बार स्ट्रक्चर बना दिया। आपने एक बार पाइप लाइन बिछा दिया आपका पैसा आएगा। यकीन कीजिए इस काम को कई सारे लोग करते हैं। एक बार मेहनत आपको करना पड़ेगा। एक बार पूंजी आपको लगाना पड़ेगा। एक बार दुकान आपको बनाना पड़ेगा। लेकिन मैं चाहता हूं ना कि आप धक्के ना खाएं। आप परदेश ना जाएं। आप किसी दूसरे के यहां जाकर के नौकरी की भीख ना मांगे कि मुझे नौकरी दे दो। यकीन करना जो लोग भीख मांग रहे हैं ना सोच रहे हैं कि मैं नौकरी की भीख मांगूंगा कहीं लग जाएगा। मैं भी भीख मांगा था। मैं भी एक कंपनी में ज्वॉइ किया था लेकिन उस कंपनी वालों ने मुझे निकाल दिया। ये कंपनी किसी का नहीं होता है। जब तक आप काम करोगे, जब तक उनका टारगेट पूरा करोगे, जब तक आप अच्छे रहोगे, स्वस्थ रहोगे, तब तक पूछ है। तब तक आपकी बोलचाल रहेगी, तब तक आपको काम मिलेगा। लेकिन जिस दिन कोई भी काम में दिक्कत होगी, कोई भी सेल नहीं हुआ, कुछ भी दिक्कत आई, आपको बाहर फेंक दिया जाएगा। इसलिए मैं कह रहा हूं, समझा रहा हूं। बड़ा भाई मानते हो, छोटा भाई मानते हो, जो भी मुझे देख रहे हैं, मैं कहना चाहता हूं कि आप नौकरी की चिंता छोड़ दीजिएगा। अपना स्वयं का कोई व्यापार कीजिएगा। छोटा सा ही सही। किसी का नौकर बनने से अच्छा है। खुद का मालिक बनिए। बहुत सुकून मिलेगा। मैं आज ये दो काम

Segment 4 (15:00 - 18:00)

मैंने शुरू में बोला था कि बर्तन वाला करता हूं और प्लस अपना रूम जो भाड़ा भी दिया हूं वो भी काम करता हूं। तीसरा मैंने बताया आपको सेलूून के बारे में। देखो चौथा काम आपको बता रहा हूं। गांव में ना लोग मकान बनाते हैं। अब आदमी पैसा कमाता है। पैसा कमा करके जमीन खरीदता है। जमीन खरीद करके मकान बनाता है। अच्छा जिनका ऑलरेडी पहले से जमीन है वो उस पे मकान बनाता है। मैंने देखा है एक प्रॉब्लम होती है। प्रॉब्लम क्या होती है? यदि आप वहां पे फार्मा, कस्सी ये जो आइटम होते हैं ना जो घर बनाने के समय लगता है। लोग क्या करते हैं? उसको भाड़े पे लाते हैं। जैसे पानी का टैंकर यदि आपने बना दिया। कई जगह लोग जमीन ऐसे जगह पे ले लेते हैं जहां पे पानी का व्यवस्था नहीं होता है। लाइट की सुविधा नहीं होती है। वहां पे लोग टैंकर को इंतजाम करते हैं। मैं कह रहा हूं यदि आपने टैंकर बना दिया कुछ पैसे लगते हैं। ₹ लाख ढाई लाख लगेगा। एक बार यदि आपने बना दिया तो वो टैंकर जबजब जाएगा आपसे आपको ₹1000 लाके देगा। अगर हजार छोड़ो ₹500 भी दे रहा है ना बहुत होते हैं। क्योंकि आपने एक बार इन्वेस्टमेंट किया है लेकिन उसका रिटर्न आपको हर रोज मिलता रहेगा। आप इस तरीके से एक या दो या तीन जितना बजट हो उसके हिसाब से आप टैंकर बना सकते हैं। आप बल्ली, पटरा, फार्मा उसका जो बीम निकलता है वो सब सांचा ये सब बना सकते हैं और बना करके रखेंगे रेंट पे जाएगा। रेंटल इनकम आपको देगा। मैं कह रहा हूं परदेश जाकर के ठोकर खाने से अच्छा है। आप गांव में ही रह के दिमाग लगाइए कि मैं ऐसा क्या कर सकता हूं। बस दिमाग ही तो है। जो आदमी लगाता नहीं है। देखिए, इतनी बात मैंने आपको समझाया। आपको लगा होगा कि हां यार यह बात सही है। मैं यह काम कर सकता हूं। लेकिन एक चीज़ रोकेगा वो है शर्म। मैं आपको बताऊं इस वीडियोस को हजारों या लाखों लोग देखेंगे। लेकिन कुछ ही लोग होंगे जिनको यह बात समझ में आएगी कि भैया मजदूरी दिहाड़ी करने से अच्छा है। नौकरी ढूंढने से अच्छा है कि अपना खुद का कुछ किया जाए। कुछ ही लोग होंगे जिनको समझ आएगा। यकीन कीजिए। मैं आपसे हाथ जोड़कर के प्रार्थना कर रहा हूं कि आप नौकरी की चिंता छोड़ दीजिएगा। अपना स्वयं का व्यापार कीजिएगा। यदि नौकरी सरकारी है तो कोई बात नहीं। लगिएगा मेहनत कीजिएगा। नहीं लगने का चांस है। आपको लग रहा है कि मेरी नौकरी नहीं लगेगी तो मैं कहूंगा अपना खुद का व्यापार कीजिएगा। समय बर्बाद मत कीजिएगा। शर्माइएगा मत, किसी से डरिएगा मत। क्योंकि कोई आपको थप्पड़ नहीं मारेगा। हर कोई चाहता है ना कि आप गरीब बने रहो। लेकिन मैं चाहता हूं कि आप अमीर बनो। कुछ करो अपने जीवन में वो सब हासिल करो। देखो एक दिन हम बूढ़े हो जाएंगे। मैं भी बूढ़ा हो जाऊंगा। आप भी बूढ़े हो जाएंगे। यकीन सत्य यही है। एक दिन हम बूढ़े हो जाएंगे और बूढ़े होने के बाद हम पछताएंगे। सोचेंगे यार काश हमने कुछ किया होता। आप मुझे याद करोगे कि ये लड़का मुझे बता रहा था कुछ कर लिया होता तो आज मैं कहीं और होता। मैं नहीं चाहता कि आप परेशान हो, हताश हो, निराश हो। वो समय आपका है। आप अपने बच्चों और जो भी आपके लोग हैं उनसे कह सको कि देखो मैंने ये किया है। गर्व के साथ कहो। भगवान से अगर मिले ना तो उनसे भी कहो कि हां क्या जिंदगी दिया था आपने। मजा आ गया। मैंने जो चाहा वो कर लिया। इसलिए आज मेहनत करना है। समय व्यर्थ नहीं करना है। नौकरी ढूंढने के चक्कर में अपना समय खराब नहीं करना है। आज डिसाइड करना है कि मैं कौन सा काम करूं। क्या करूं? छोटे से छोटे लेवल से क्या हो सकता है। हालांकि मैंने पांच काम बताया है। यदि आपके पास पैसा है, दिमाग है, सोच सकते हैं, समझ सकते हैं तो इस काम को कीजिएगा। मैं कोई फोर्स नहीं कर रहा हूं। सिर्फ एक आईडियाज दे रहा हूं। अपना अनुभव आपके साथ शेयर कर रहा हूं। मैं आपको जबरदस्ती ये नहीं कहता कि आपको यह करना है। मर्जी आपकी है। शायद आज जो समझाया बहुत कुछ समझ में आया। समझ में आया तो लाइक कीजिएगा। कमेंट में बताइएगा कि क्या करना चाहते हैं। मैं मिलूंगा फिर आपसे नेक्स्ट वीडियो में। तब तक के लिए खुश रहिए। जय हिंद।

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